{"_id":"175aa1aaa20f97d55edf46a4457199a9","slug":"female-foeticide-in-house-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर नहीं गर्भपात का था पूरा अस्पताल ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घर नहीं गर्भपात का था पूरा अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
Updated Fri, 04 Sep 2015 12:43 AM IST
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कृष्णा कॉलोनी के मकान में सिर्फ गर्भपात की दवाइयां नहीं दी जाती थी बल्कि गर्भपात का पूरा अस्पताल चल रहा था। घर में ऊपर लेबर रूम भी बना रखा था और गर्भपात में प्रयोग होने वाले दवाइयों, इंजेक्शन के साथ उपकरण भी मिले है।
जिनसे गर्भ में ही बच्चे की हत्या कर दी जाती थी। इतना ही नहीं, यहां आरोपी महिला बिना किसी डिग्री डिप्लोमा के न केवल महिलाओं को दवाइयां दे रही थी बल्कि हर तरह का इलाज भी कर रही थी। महिला को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
कृष्णा कॉलोनी में बुधवार रात पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंग जांच की सूचना पर एक मकान में छापा मारा था। मकान से भारी मात्रा में दवाइयां बरामद की गई। देर रात तक चली जांच में सामने आया कि यहां गर्भपात का पूरा अस्पताल चल रहा था।
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मकान के ऊपर ही लेबर रूम बनाया था। लेबर रूम से अनेक ऐसे उपकरण बरामद हुए, जिनसे गर्भ में ही बच्चे की मौत की जाती थी। इसके अलावा महिलाओं को बेहोशी के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन, तेज दर्द निवारक दवा बरामद हुई है।
प्राइवेट अस्पताल में सीखा और घर में खोल लिया खुद का अस्पताल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला कांता ने पहले नर्स के तौर पर एक अस्पताल में काम सीखा और फिर घर में ही खुद का अस्पताल खोल लिया। वह बिना किसी डिग्री-डिप्लोमा के न केवल महिलाओं का हर तरह का इलाज कर रही थी बल्कि गर्भपात के लिए हर तरह के माइनर ऑपरेशन तक कर रही थी।
2012 से चल रहा था गर्भपात का खेल
महिला ने प्राईवेट अस्पताल में काम सीखने के बाद वर्ष 2012 में घर में अस्पताल खोला। वर्ष 2012 से ही गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ व गर्भपात का खेल चल रहा था।
छापेमारी के दौरान महिला के मकान से गर्भपात में प्रयोग होने वाली दवाइयां, उपकरण बरामद किए गए है। महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
- डा. रमेश धनखड़, सिविल सर्जन
आरोपी महिला बिना किसी डिग्री डिप्लोमा के घर में अस्पताल चला रही थी। कोर्ट में पेश करने के बाद एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
- चांदीराम, इंचार्ज
दिनोद गेट चौकी
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जिनसे गर्भ में ही बच्चे की हत्या कर दी जाती थी। इतना ही नहीं, यहां आरोपी महिला बिना किसी डिग्री डिप्लोमा के न केवल महिलाओं को दवाइयां दे रही थी बल्कि हर तरह का इलाज भी कर रही थी। महिला को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
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कृष्णा कॉलोनी में बुधवार रात पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिंग जांच की सूचना पर एक मकान में छापा मारा था। मकान से भारी मात्रा में दवाइयां बरामद की गई। देर रात तक चली जांच में सामने आया कि यहां गर्भपात का पूरा अस्पताल चल रहा था।
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मकान के ऊपर ही लेबर रूम बनाया था। लेबर रूम से अनेक ऐसे उपकरण बरामद हुए, जिनसे गर्भ में ही बच्चे की मौत की जाती थी। इसके अलावा महिलाओं को बेहोशी के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन, तेज दर्द निवारक दवा बरामद हुई है।
प्राइवेट अस्पताल में सीखा और घर में खोल लिया खुद का अस्पताल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला कांता ने पहले नर्स के तौर पर एक अस्पताल में काम सीखा और फिर घर में ही खुद का अस्पताल खोल लिया। वह बिना किसी डिग्री-डिप्लोमा के न केवल महिलाओं का हर तरह का इलाज कर रही थी बल्कि गर्भपात के लिए हर तरह के माइनर ऑपरेशन तक कर रही थी।
2012 से चल रहा था गर्भपात का खेल
महिला ने प्राईवेट अस्पताल में काम सीखने के बाद वर्ष 2012 में घर में अस्पताल खोला। वर्ष 2012 से ही गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ व गर्भपात का खेल चल रहा था।
छापेमारी के दौरान महिला के मकान से गर्भपात में प्रयोग होने वाली दवाइयां, उपकरण बरामद किए गए है। महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
- डा. रमेश धनखड़, सिविल सर्जन
आरोपी महिला बिना किसी डिग्री डिप्लोमा के घर में अस्पताल चला रही थी। कोर्ट में पेश करने के बाद एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
- चांदीराम, इंचार्ज
दिनोद गेट चौकी