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नशे में धुत ड्राइवर ने बुजुर्ग को कुचला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:30 AM IST
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चरखी दादरी में गाड़ी चालक के शराब का अत्यधिक सेवन करने से मंगलवार को दो जिंदगियां आफत में आ गई। नशे में धुत चालक ने रावलधी टी-प्वइंट पर पहले एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी और फिर भागने के प्रयास में कुछ दूर चलकर गाड़ी(कैंपर) भी पलटा दी। घटना में घायल बुजुर्ग को जहां पीजीआई रेफर किया गया तो वहीं घायल चालक को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं, इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस घायल चालक को अस्पताल पहुंचाने की बजाय करीब 20 मिनट तक उसके परिजनों के आने का इंतजार करती रही। पुलिस को खेतों में पलटी गाड़ी से एक शराब की बोतल भी बरामद हुई है। देर शाम तक पुलिस मामले की जांच में जुटी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव रावलधी निवासी रामुकमार मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार से सामन लेकर अपने गांव पैदल लौट रहा था। अभी वह रावलधी टी-प्वाइंट के समीप ही पहुंचा था कि इसी दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर दे मारी। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद गड़ी चालक ने गाड़ी निर्माणाधीन रावलधी-भिवानी बाईपास की तरफ घुमा दी। तेज रफ्तार होने के चलते कुछ दूरी पर चलकर गाड़ी सड़क किनारे खेतों में पलट गई। इसके बाद खेतों में काम कर रहे कुछ लोगों ने गाड़ी चालक को बाहर निकाला तो वह नशे में धुत था। नशे में होने के कारण होश-हवाश खो चुके चालक को भी गाड़ी पलटने से चोटें लगी थी। इसके बाद मामले की सूचना सिटी पुलिस को दी गई। कुछ देर बाद पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से घटना की जानकारी लेने में जुट गए। इसके बाद नशे में धुत चालक के परिजनों को फोन पर सूचना देने के बाद उनके आने का इंतजार पुलिस कर्मचारी करते रहे। इसी दौरान पलटी गाड़ी का निरीक्षण करने के दौरान पुलिस को देशी शराब की बोतल भी बरामद हुई है। इधर, रावलधी निवासी घायल रामुकमार को ग्रामीणों ने उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर कर दिया गया।
सामान सुपुर्द करवाना जरूरी चाहे घायल की निकल जाए जान
घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की आमजन को नसीहत देने वाली पुलिस मंगलवार दोपहर हुए हादसे में इससे खुद फिरती नजर आई। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने घायल चालक को तुरंत अस्पताल न ले जाने का बड़ा अटपटा तर्क घटनास्थल पर मौजूद लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि घायल के परिजनों के मौके पर पहुंचने के बाद गाड़ी में रखा सामान संभलवाएंगे ताकि पुलिस पर सामान हड़पने का इल्जाम न आए। सूचना देने के बाद घायल चालक के भाई सहित दो अन्य परिचित 20 मिनट बाद मौके पर पहुंचे। तब कही जाकर पुलिस कर्मचारी उसे पीसीआर में डालकर अस्पताल ले गए। तब तक उक्त चालक सड़क पर पड़ा रहा।
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मामले की की जाएगी जांच: डीएसपी
डीएसपी सुरेश हुड्डा ने कहा कि आमजन हो या पुलिस कर्मचारी घायल को पहले अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर पुलिस कर्मचारियों ने ऐसा किया है तो वो मामले की जांच करवाएंगे। अगर पुलिस कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव रावलधी निवासी रामुकमार मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार से सामन लेकर अपने गांव पैदल लौट रहा था। अभी वह रावलधी टी-प्वाइंट के समीप ही पहुंचा था कि इसी दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर दे मारी। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद गड़ी चालक ने गाड़ी निर्माणाधीन रावलधी-भिवानी बाईपास की तरफ घुमा दी। तेज रफ्तार होने के चलते कुछ दूरी पर चलकर गाड़ी सड़क किनारे खेतों में पलट गई। इसके बाद खेतों में काम कर रहे कुछ लोगों ने गाड़ी चालक को बाहर निकाला तो वह नशे में धुत था। नशे में होने के कारण होश-हवाश खो चुके चालक को भी गाड़ी पलटने से चोटें लगी थी। इसके बाद मामले की सूचना सिटी पुलिस को दी गई। कुछ देर बाद पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से घटना की जानकारी लेने में जुट गए। इसके बाद नशे में धुत चालक के परिजनों को फोन पर सूचना देने के बाद उनके आने का इंतजार पुलिस कर्मचारी करते रहे। इसी दौरान पलटी गाड़ी का निरीक्षण करने के दौरान पुलिस को देशी शराब की बोतल भी बरामद हुई है। इधर, रावलधी निवासी घायल रामुकमार को ग्रामीणों ने उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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सामान सुपुर्द करवाना जरूरी चाहे घायल की निकल जाए जान
घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की आमजन को नसीहत देने वाली पुलिस मंगलवार दोपहर हुए हादसे में इससे खुद फिरती नजर आई। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने घायल चालक को तुरंत अस्पताल न ले जाने का बड़ा अटपटा तर्क घटनास्थल पर मौजूद लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि घायल के परिजनों के मौके पर पहुंचने के बाद गाड़ी में रखा सामान संभलवाएंगे ताकि पुलिस पर सामान हड़पने का इल्जाम न आए। सूचना देने के बाद घायल चालक के भाई सहित दो अन्य परिचित 20 मिनट बाद मौके पर पहुंचे। तब कही जाकर पुलिस कर्मचारी उसे पीसीआर में डालकर अस्पताल ले गए। तब तक उक्त चालक सड़क पर पड़ा रहा।
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मामले की की जाएगी जांच: डीएसपी
डीएसपी सुरेश हुड्डा ने कहा कि आमजन हो या पुलिस कर्मचारी घायल को पहले अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर पुलिस कर्मचारियों ने ऐसा किया है तो वो मामले की जांच करवाएंगे। अगर पुलिस कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।