बड़ेसरा हत्याकांड: महेंद्र के शव को परिजनों ने लेने से किया इंकार, हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
बबलू गुट के सरपंच भूप सिंह की सुरक्षा की प्रशासन से मांग की है। पोस्टमार्टम के बाद भी परिजनों ने शव लेने से इंकार किया तो पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई और बड़ेसरा गांव पुलिस छावनी में बदल गया। गलियों में भी सन्नाटा पसरा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के भिवानी के गांव बड़ेसरा के बहुचर्चित हत्याकांड मामले में बुधवार शाम को बबलु गुट के महेंद्र की हत्या के बाद परिजनों ने शव लेने से साफ इंकार कर दिया। परिजनों ने इस हत्याकांड में 16 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और जेल में बंद बबलु के चाचा वर्तमान सरपंच भूप सिंह की पुलिस सुरक्षा की मांग की है। परिजनों द्वारा शव लेने से इंकार करने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी उनको जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन अपनी बात पर अड़े रहे।
गांव बड़ेसरा में चुनावी रंजिश की वजह से 48 वर्षीय महेंद्र की गोली मारकर की गई हत्या के बाद तनाव का माहौल बना है वहीं गांव भी पुलिस छावनी में तबदील हो गया है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है वहीं वीरवार शाम को भिवानी के नागरिक अस्पताल में मृतक महेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
इस दौरान मृतक के परिजनों व बबलु गुट के लोगों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने और वर्तमान सरपंच भूप सिंह को कड़ी पुलिस सुरक्षा देने की मांग कर डाली और मांग पूरी नहीं होने तक शव लेने से इंकार कर दिया। बवानीखेड़ा पुलिस थाना के एसएचओ संदीप शर्मा ने मृतक के परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस ने 16 नामजद के खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है वहीं आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी। लेकिन परिजन अपनी बात पर डटे रहे और कार्रवाई नहीं होने तक शव नहीं लेने की बात कही। शव लेने से इंकार किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई।
अजीत को लगी आठ गोलियां, डॉक्टरों ने ऑप्रेशन कर निकाली
बड़ेसरा में हत्याकांड में घायल हुए टीचर अजीत उर्फ बालिया को हमलावरों द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में आठ गोलियां लगी। अजीत को हिसार के सपरा अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जहां चिकित्सकों ने वीरवार दोपहर को उसका ऑप्रेशन कर कुछ गोलियां शरीर से निकाल दी हैं। फिलहाल अजीत की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अजीत के सिर, सीने और कमर व पेट में गोलियां लगी हैं। जबकि मृतक महेंद्र के सिर में दो से तीन गोलियां लगी थी, जिसके बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
सुपारी किलर से भी कराया था जानलेवा हमला
गांव बड़ेसरा हत्याकांड के मुख्य गवाह राजकुमार पर 13 जुलाई 2021 को जानलेवा हमले की सुपारी जेल के अंदर से ही पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बबलू ने सोनीपत के चार बदमाशों को दी थी। जिनकी बाद में पुलिस ने पहचान फाजिलपुर सोनीपत निवासी अजय, गांव देवसर निवासी दीपक उर्फ बॉक्सर, फाजिलपुर निवासी रोहित उर्फ काला, बंदेपुर सोनीपत निवासी अमन उर्फ रसगुल्ला के रूप में हुई थी। फिलहाल ये सभी चारों बदमाश जेल में बंद हैं। मुख्य गवाह राजकुमार की हत्या के लिए चारों बदमाशों को जेल में रहते हुए ही बबलू ने दो लाख 73 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दी थी।
मृतक महेंद्र के भाई की शिकायत पर 16 नामजद के खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। घायल अजीत उर्फ बालिया को आठ गोलियां लगी हैं, जिसका ऑप्रेशन हुआ है। -संदीप शर्मा, एसएचओ बवानीखेड़ा पुलिस थाना।