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भिवानी नगर परिषद घोटाला: अकाउंटेंट पर अपने रिश्तेदारों के नाम से फर्जी फर्म बनाने के आरोप, हुआ फरार, तलाश में जुटी पुलिस

Sat, 19 Mar 2022 09:49 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 19 Mar 2022 09:49 PM IST
सार

अकाउंटेंट फरार चल रहा है। पुलिस तलाश में जुटी है। 20 से अधिक फर्जी फर्मों में करोड़ों की राशि ट्रांसफर हुई है।

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Accountant also accused of corruption in Bhiwani Municipal Council scam
नगर परिषद कार्यालय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद घोटाला लगातार गहराता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेश ने राज उगले तो नप का अकाउंटेंट संजय बंसल फरार हो गया है। शुरूआत में पुलिस पूछताछ में शामिल हुए संजय बंसल का तीन दिन से कोई सुराग नहीं लग रहा और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

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फिलहाल मैनेजर से पूछताछ और पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब 20 फर्जी फर्मों के खातों में नप खातों से करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें ज्यादातर अकाउंटेंट ने ही रिश्तेदारों के नाम से बनाई हैं। कुछ कमीशन पर आधारित थीं, जिनमें राशि के बदले फिक्स कमीशन फर्म को देना होता था।
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उल्लेखनीय है कि करोड़ों के फर्जी ट्रांजेक्शन कर नप के खातों से करोड़ों रुपये की राशि विभिन्न फर्मों के खातों में ट्रांसफर की गई। शिकायत के बाद पुलिस की इकनॉमिक सेल ने जांच की तो करोड़ों का घोटाले का खुलासा हुआ। जिसके बाद पुलिस ने एक पूर्व पार्षद की शिकायत पर एक व्यापारी विनोद गोयल, एक्सिस बैंक के मैनेजर नितेश अग्रवाल, विकास व नप कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
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पुलिस ने मामले में बैंक मैनेजर नितेश को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद दोबारा उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान बैंक मैनेजर ने कई राज उगले हैं, लेकिन पुलिस ने उनका खुलासा नहीं किया है। जांच में यह भी सामने आया कि अमरूत योजना के सिक्योरिटी खाते से भी करोड़ों का लेनदेन हुआ, जबकि इस खाते की न कोई चेकबुक थी और न ही नियमानुसार इस खाते में लेनदेन किया जा सकता है।

शुरूआत में अकाउंटेंट पुलिस जांच में शामिल होने के लिए आता रहा। मगर जब बैंक मैनेजर को दोबारा पुलिस ने पांच दिन के रिमांड पर लिया तो उसके बाद से अकाउंटेंट फरार है। पुलिस उससे संपर्क कर रही है। मगर उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

वह घर भी नहीं है। सूत्र बताते हैं कि वह भिवानी से फरार हो चुका है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उक्त अकाउंटेंट ने लखनऊ में अपने रिश्तेदारों के नाम से फर्जी फर्म बना रखी थी। जिनके खातों में रुपये ट्रांसफर किये गए है। योजनाबद्ध तरीके से इस घोटाले को अंजाम दिया गया है। 

साइबर कैफे संचालक से भी की पूछताछ
मामले की जांच में जुटी पुलिस ने हांसी रोड स्थित एक साइबर कैफे संचालक से भी पूछताछ की है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक मैनेजर यहां नप खातों की स्टेटमेंट के साथ छेड़छाड़ कर अधिकारियों को गलत स्टेटमेंट दिखाता था। 

नप अकाउंटेंट संजय बंसल अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। बैंक मैनेजर से भी पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। -सतपाल सिंह, इंचार्ज, इकनॉमिक सेल।


निवर्तमान पार्षद ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कचरा घोटाले की जांच की मांग की
नगर परिषद के निवर्तमान पार्षद ईश्वर मान ने एक बार फिर शनिवार को कचरा घोटाला उठाते हुए उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दी और मामले की जांच की मांग की। ईश्वर मान ने बताया कि नप ने अक्तूबर 2021 में बीवीजी कंपनी को ठोस कचरा छंटाई के कार्य का टेंडर 10 करोड़ में दिया था।



उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन बाद ही कुछ दबंग लोगों ने अपनी साझेदारी में अपनी दूसरी अन्य कंपनी के नाम करवा दिया, जो सही काम नहीं कर रही। एक ही गाड़ी को बार-बार तोला जा रहा है। कचरे को चोरी छिपे रात के अंधेरे में जेसीबी से जमीन में दबाया जा रहा है। इसकी शिकायत 13 मार्च को भी दी थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई निरीक्षक सफाई देते हैं कि वहां नप के दो कर्मचारी नियुक्त किए गए है और सारा काम सही हो रहा है। इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

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