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चिकित्सकों के पक्ष में विभिन्न संगठनों ने शहर में जुलूस निकाल किया प्रदर्शन
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:06 AM IST
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अमर उजाल ब्यूरो
भिवानी। गोसेवकों और पशु चिकित्सक के बीच चल रहे विवाद के फेर में वीरवार को लघु सचिवालय के बाहर तनावपूर्ण माहौल बन गया। लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे गोसेवकों के समर्थन में भीड़ उमड़ी तो चिकित्सकों के समर्थन में विभिन्न संगठनों के सदस्य शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां आपस में तनावपूर्ण माहौल बना और ज्यादा पुलिस फोर्स भी यहां नहीं थी। गनीमत रही कि कोई विवाद नहीं हुआ। दोनों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए। वहीं गोसेवकों ने बताया कि एक चिकित्सक का स्टिंग ऑपरेशन किया गया है जिसकी सीडी शुक्रवार को जारी की जाएगी।
हम पर अगले ही दिन केस दर्ज, चिकित्सकों पर चार दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
मोर की मौत के बाद चिड़ियाघर के बाहर कोई झगड़ा नहीं हुआ। वहां की रिकॉर्डिंग भी है। इसके बावजूद चिकित्सकों के कहने पर पुलिस ने अगले ही दिन चार के खिलाफ केस दर्ज किया। चिकित्सकों ने 20 अगस्त को गोसेवकों पर तेजधार हथियार से हमला किया, मगर चार दिन बीतने के बावजूद भी अब तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। यह कहना है गोसेवकों का।
गोरक्षा दल एवं अन्य संगठनों का वीरवार को लघु सचिवालय के बाहर तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार ने कहा कि शहर में अगर कोई भी पशु घायल हो जाता है तो उसका मौके पर इलाज करने की बजाय चिकित्सक संबंधित शिकायतकर्ता से कहते हैं कि यहां इलाज नहीं होगा, स्वयं गोशाला में छोड़कर आओ। उन्होंने मांग की ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। हमला करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। धरने को यंग ब्लड डोनर क्लब, लोकतंत्र सुरक्षा मंच, बजरंग दल, गोरक्षा समिति खरक, गोरक्षा दल निनान सहित एक दर्जन संगठनों के साथ ओमप्रकाश सैनी, उमांकात भौली, प्रवीण राजपूत, सोनू पंवार, प्रीतम रोहिल्ला, सुरेश सैनी, निशू कुमार, सुनील सैनी, संजय बजरंगी, राकेश बजरंगी, बिजेंद्र नौरंगाबाद, अनिल सैनी, सन्नी, राहुल, अमित वर्मा, दीपक, प्रदीप, कृष्ण, प्रकाश रोहिल्ला, राकेश तंवर, देवीलाल, अमर, रूद्र, बलदेव, शशीकांत, अरूण, परमवीर, गोगी, निरज, मोनू, फौजी, मंजीत, बल्लू, सुल्तान सैनी ने समर्थन किया।
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स्टिंग ऑपरेशन की सीडी करेंगे जारी
गोसेवकों ने बताया कि सरकारी नौकरी में रहते हुए प्राइवेट प्रेक्टिस करना कानून अपराध है। पशुओं की सेवा के लिए सरकार अलग से अलाउंस देती है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग के कुछ चिकित्सक अपनी प्राइवेट प्रेक्टिस को तवज्जो देते हैं। एक चिकित्सक का स्टिंग ऑपरेशन किया है जिसकी सीडी शुक्रवार को धरनास्थल पर ही जारी की जाएगी।
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चिकित्सकों के समर्थन में शहर में निकाला जुलूस, कथित गोरक्षकों पर कार्रवाई की मांग
- समस्त पशुपालक संघ भिवानी और अन्य संगठनों ने किया पशु चिकित्सकों का समर्थन
कथित गोरक्षकों के धरने को लेकर और उन द्वारा पशु चिकित्सकों के खिलाफ झूठी शिकायतों के विरोध में समस्त पशुपालक संघ व अन्य कुछ संगठन भी सड़क पर उतर आए। विद्या नगर से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया और डीआरओ संजय बिश्नोई के माध्यम से जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शहर में कथित गोरक्षों की धींगामस्ती, पशु चिकित्सकों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने, उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज करवाकर पशुपालकों के पशुओं का इलाज करने से वंचित किया जा रहा है। पशु चिकित्सक भय के वातावरण में काम करने के लिए मजबूर हैं। पशु पालकों ने मांग की है कि पशु चिकित्सकों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने और उनके साथ गाली गलौच करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। बिजेंद्र गंडासेवाले की अध्यक्षता में जुलूस की नेतृत्व पूर्व पुलिस अधिकारी आजाद सिंह, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष शेर सिंह, जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सैनी, किसान नेता जय प्रकाश परमार एवं सीटू जिला प्रधान ओमप्रकाश कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सक से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच करने, कार्य नहीं करने देने का केस तो दर्ज किया मगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही। अब झूठी शिकायत देकर चिकित्सकों को तंग किया जा रहा है। इससे घरेलू पालतू पशुओं को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। प्रदर्शन में जिला पार्षद, नरेंद्र गागड़वास, बिजेंद्र यादव, अधिवक्ता वेदपाल ढिल्लो, महिला नेत्री संतोष देशवाल, दलित अधिकार मंच के जिला संयोजक चंद्रभान, समाजसेवी रवि खन्ना, पूर्व पार्षद शशिभूषण भारद्वाज, रामफल देशवाल, अभिषेक शर्मा, जोगेंद्र निमड़ीवाली, जगप्रवेश, सत्यप्रकाश, राज कुमार मंदीप सुई, ओमप्रकाश, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी आजाद सिंह, शेर सिंह, विजेंद्र गंडासा, ओमप्रकाश सैनी, बिमला घनघस ने भी विचार रखे।
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भिवानी। गोसेवकों और पशु चिकित्सक के बीच चल रहे विवाद के फेर में वीरवार को लघु सचिवालय के बाहर तनावपूर्ण माहौल बन गया। लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे गोसेवकों के समर्थन में भीड़ उमड़ी तो चिकित्सकों के समर्थन में विभिन्न संगठनों के सदस्य शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां आपस में तनावपूर्ण माहौल बना और ज्यादा पुलिस फोर्स भी यहां नहीं थी। गनीमत रही कि कोई विवाद नहीं हुआ। दोनों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए। वहीं गोसेवकों ने बताया कि एक चिकित्सक का स्टिंग ऑपरेशन किया गया है जिसकी सीडी शुक्रवार को जारी की जाएगी।
हम पर अगले ही दिन केस दर्ज, चिकित्सकों पर चार दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
मोर की मौत के बाद चिड़ियाघर के बाहर कोई झगड़ा नहीं हुआ। वहां की रिकॉर्डिंग भी है। इसके बावजूद चिकित्सकों के कहने पर पुलिस ने अगले ही दिन चार के खिलाफ केस दर्ज किया। चिकित्सकों ने 20 अगस्त को गोसेवकों पर तेजधार हथियार से हमला किया, मगर चार दिन बीतने के बावजूद भी अब तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। यह कहना है गोसेवकों का।
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गोरक्षा दल एवं अन्य संगठनों का वीरवार को लघु सचिवालय के बाहर तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार ने कहा कि शहर में अगर कोई भी पशु घायल हो जाता है तो उसका मौके पर इलाज करने की बजाय चिकित्सक संबंधित शिकायतकर्ता से कहते हैं कि यहां इलाज नहीं होगा, स्वयं गोशाला में छोड़कर आओ। उन्होंने मांग की ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। हमला करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। धरने को यंग ब्लड डोनर क्लब, लोकतंत्र सुरक्षा मंच, बजरंग दल, गोरक्षा समिति खरक, गोरक्षा दल निनान सहित एक दर्जन संगठनों के साथ ओमप्रकाश सैनी, उमांकात भौली, प्रवीण राजपूत, सोनू पंवार, प्रीतम रोहिल्ला, सुरेश सैनी, निशू कुमार, सुनील सैनी, संजय बजरंगी, राकेश बजरंगी, बिजेंद्र नौरंगाबाद, अनिल सैनी, सन्नी, राहुल, अमित वर्मा, दीपक, प्रदीप, कृष्ण, प्रकाश रोहिल्ला, राकेश तंवर, देवीलाल, अमर, रूद्र, बलदेव, शशीकांत, अरूण, परमवीर, गोगी, निरज, मोनू, फौजी, मंजीत, बल्लू, सुल्तान सैनी ने समर्थन किया।
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स्टिंग ऑपरेशन की सीडी करेंगे जारी
गोसेवकों ने बताया कि सरकारी नौकरी में रहते हुए प्राइवेट प्रेक्टिस करना कानून अपराध है। पशुओं की सेवा के लिए सरकार अलग से अलाउंस देती है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग के कुछ चिकित्सक अपनी प्राइवेट प्रेक्टिस को तवज्जो देते हैं। एक चिकित्सक का स्टिंग ऑपरेशन किया है जिसकी सीडी शुक्रवार को धरनास्थल पर ही जारी की जाएगी।
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चिकित्सकों के समर्थन में शहर में निकाला जुलूस, कथित गोरक्षकों पर कार्रवाई की मांग
- समस्त पशुपालक संघ भिवानी और अन्य संगठनों ने किया पशु चिकित्सकों का समर्थन
कथित गोरक्षकों के धरने को लेकर और उन द्वारा पशु चिकित्सकों के खिलाफ झूठी शिकायतों के विरोध में समस्त पशुपालक संघ व अन्य कुछ संगठन भी सड़क पर उतर आए। विद्या नगर से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया और डीआरओ संजय बिश्नोई के माध्यम से जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शहर में कथित गोरक्षों की धींगामस्ती, पशु चिकित्सकों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने, उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज करवाकर पशुपालकों के पशुओं का इलाज करने से वंचित किया जा रहा है। पशु चिकित्सक भय के वातावरण में काम करने के लिए मजबूर हैं। पशु पालकों ने मांग की है कि पशु चिकित्सकों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने और उनके साथ गाली गलौच करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। बिजेंद्र गंडासेवाले की अध्यक्षता में जुलूस की नेतृत्व पूर्व पुलिस अधिकारी आजाद सिंह, किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष शेर सिंह, जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सैनी, किसान नेता जय प्रकाश परमार एवं सीटू जिला प्रधान ओमप्रकाश कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सक से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच करने, कार्य नहीं करने देने का केस तो दर्ज किया मगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही। अब झूठी शिकायत देकर चिकित्सकों को तंग किया जा रहा है। इससे घरेलू पालतू पशुओं को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। प्रदर्शन में जिला पार्षद, नरेंद्र गागड़वास, बिजेंद्र यादव, अधिवक्ता वेदपाल ढिल्लो, महिला नेत्री संतोष देशवाल, दलित अधिकार मंच के जिला संयोजक चंद्रभान, समाजसेवी रवि खन्ना, पूर्व पार्षद शशिभूषण भारद्वाज, रामफल देशवाल, अभिषेक शर्मा, जोगेंद्र निमड़ीवाली, जगप्रवेश, सत्यप्रकाश, राज कुमार मंदीप सुई, ओमप्रकाश, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी आजाद सिंह, शेर सिंह, विजेंद्र गंडासा, ओमप्रकाश सैनी, बिमला घनघस ने भी विचार रखे।