{"_id":"5cc9f0e4bdec22071c2de8b2","slug":"121556738276-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वयं सहायता समूह को लोन दिलाने के नाम पर ठगी मामले में एक गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
स्वयं सहायता समूह को लोन दिलाने के नाम पर ठगी मामले में एक गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को लाखों रुपयों के लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने के एक मामले में सिविल लाइन पुलिस ने एक आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है।
मामला दिसंबर 2011 का है। सिविल लाइन पुलिस ने 21 दिसंबर 2011 को एक कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर कंपनी में काम करने वाले तीन कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। कंपनी के अधिकारियों ने शिकायत में बताया था कि उनकी कंपनी स्वयं सहायता समूह यानी दस महिलाओं का ग्रुप बनाने वाली महिलाओं को छोटे कार्य के लिए लोन उपलब्ध कराता है। इसमें प्रत्येक महिला को 10 हजार रुपये का लोन दिया जा रहा था। कंपनी में ही काम करने वाले तीन कर्मचारियों ने स्वयं सहायता समूह से लोन की राशि तो उगाही कर ली, मगर उसे कंपनी के खाते में जमा नहीं कराया। इसकी भनक जब उच्चाधिकारियों को लगी तो उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने इस संबंध में तीन कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। लेकिन लंबे अर्से से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। सिविल लाइन पुलिस के जांच अधिकारी उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने भरतपुर के नंगला गोपाल निवासी गोपिंद्र को गिरफ्तार किया है। गोपिंद्र कंपनी में सहायक फील्ड आफिसर के तौर पर काम करता था। पुलिस ने आरोपी का एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। उसे वीरवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
मामला दिसंबर 2011 का है। सिविल लाइन पुलिस ने 21 दिसंबर 2011 को एक कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर कंपनी में काम करने वाले तीन कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। कंपनी के अधिकारियों ने शिकायत में बताया था कि उनकी कंपनी स्वयं सहायता समूह यानी दस महिलाओं का ग्रुप बनाने वाली महिलाओं को छोटे कार्य के लिए लोन उपलब्ध कराता है। इसमें प्रत्येक महिला को 10 हजार रुपये का लोन दिया जा रहा था। कंपनी में ही काम करने वाले तीन कर्मचारियों ने स्वयं सहायता समूह से लोन की राशि तो उगाही कर ली, मगर उसे कंपनी के खाते में जमा नहीं कराया। इसकी भनक जब उच्चाधिकारियों को लगी तो उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने इस संबंध में तीन कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। लेकिन लंबे अर्से से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। सिविल लाइन पुलिस के जांच अधिकारी उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने भरतपुर के नंगला गोपाल निवासी गोपिंद्र को गिरफ्तार किया है। गोपिंद्र कंपनी में सहायक फील्ड आफिसर के तौर पर काम करता था। पुलिस ने आरोपी का एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। उसे वीरवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन