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बिजली किल्लत से गुस्साई महिलाओं ने मंढाना बिजली घर में किया कर्मचारियों का घेराव
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गांव मंढाना के बिजली घर में निगम कर्मचारियों का घेराव करती ग्रामीण महिलाएं।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। गांव मंढाना में पिछले दस दिनों से बिजली किल्लत झेल रही महिलाओं व ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। शनिवार सुबह बिजली किल्लत से गुस्साई सैकड़ों महिलाएं गांव के बिजली घर पहुंचीं और कर्मचारियों का घेराव कर खूब खरी खोटी सुनाई। महिलाओं ने बिजली घर में जमकर हंगामा किया। वहां तैनात कर्मचारियों ने इसकी सूचना निगम अधिकारियों को दी। निगम के एसडीओ ने महिलाओं से फोन पर बात कर उन्हें समस्या का हरसंभव समाधान कराने का आश्वासन दिया।
बिजली घर में पहुंची अमरपति, रोशनी, नाटो, माया, रोशनी देवी, सरोज, बीरमति, रामोतार, आनंद, सुनील, जयभगवान, संदीप, सीटू, मुकेश ने बताया कि गांव में लगे हजारी वाले बिजली ट्रांसफार्मर पर करीब 250 से अधिक घरों का लोड है। जिसकी वजह से बार बार फ्यूज उड़ने व ट्रांसफार्मर ट्रिप होने की समस्या आ रही है। पिछले दस दिनों से तो लाइट ही नहीं आ रही है। अगर लाइट आती भी है तो वोल्टेज लो होती है, जिससे कोई भी बिजली उपकरण नहीं चल पाता। निगम के शेड्यूल के हिसाब से भी उन्हें रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक लाइट मिलनी चाहिए। मगर दोपहर एक बजे बाद ही लाइट चली जाती है। इसके बाद भी उन्हें बिजली नहीं दी जाती। महिलाओं ने बताया कि तीन बार वे बिजली समस्या को लेकर एसडीओ से मिल चुके हैं, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। महिलाओं ने हजारी वाले बिजली ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने व अलग से बिजली ट्रांसफार्मर लगाने की भी मांग उठाई। साथ ही निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली मुहैया कराने की मांग की। इस पर बिजली घर में तैनात कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं की फोन पर एसडीओ से बात करवाई। जिसके बाद एसडीओ ने उन्हें सोमवार तक समस्या का समाधान करवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही महिलाएं शांत हुई और और घर लौट गईं।
जरूरी घरेलू काम भी हो रहे प्रभावित
महिलाओं ने बताया कि दिनभर बिजली नहीं आने से उनके घरेलू व रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। गांव में बिजली कट की वजह से पेयजल संकट बना है वहीं घरों के अंदर दो से तीन दिन दूध भी कढावणी में ही रखा रहता है। जिससे बिजली नहीं होने की वजह से मक्खन तक नहीं निकाल पा रहे हैं।
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पर्याप्त बिजली मांगने पर गांव में निगम करा देती है कार्रवाई
महिलाओं ने बताया कि जब भी वे पर्याप्त बिजली की मांग अधिकारियों के समक्ष लेकर जाते हैं तो वे गांव में बिजली चोरी पकड़ने के लिए कार्रवाई करवा देते हैं। अगर किसी ग्रामीण ने पड़ोसी से भी बिजली उधार ले रखी है तो उसका भी बिजली चोरी का केस बनाकर चले जाते हैं। निगम के इस रवैये से भी ग्रामीण खासे नाराज हैं।
इन दिनों मौसम में उमस बनी है, जिसकी वजह से सभी जगह बिजली को लेकर दिक्कत आ रही है। मंढाना के ग्रामीणों को शेड्यूल के हिसाब से बिजली दी जा रही है। मौसम परिवर्तन के साथ ही ओवरलोड़ की दिक्कत दूर हो जाएगी।
- अनिल सोलंकी, एसडीओ, बवानीखेड़ा सब डिवीजन, बिजली निगम।
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बिजली घर में पहुंची अमरपति, रोशनी, नाटो, माया, रोशनी देवी, सरोज, बीरमति, रामोतार, आनंद, सुनील, जयभगवान, संदीप, सीटू, मुकेश ने बताया कि गांव में लगे हजारी वाले बिजली ट्रांसफार्मर पर करीब 250 से अधिक घरों का लोड है। जिसकी वजह से बार बार फ्यूज उड़ने व ट्रांसफार्मर ट्रिप होने की समस्या आ रही है। पिछले दस दिनों से तो लाइट ही नहीं आ रही है। अगर लाइट आती भी है तो वोल्टेज लो होती है, जिससे कोई भी बिजली उपकरण नहीं चल पाता। निगम के शेड्यूल के हिसाब से भी उन्हें रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक लाइट मिलनी चाहिए। मगर दोपहर एक बजे बाद ही लाइट चली जाती है। इसके बाद भी उन्हें बिजली नहीं दी जाती। महिलाओं ने बताया कि तीन बार वे बिजली समस्या को लेकर एसडीओ से मिल चुके हैं, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। महिलाओं ने हजारी वाले बिजली ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने व अलग से बिजली ट्रांसफार्मर लगाने की भी मांग उठाई। साथ ही निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली मुहैया कराने की मांग की। इस पर बिजली घर में तैनात कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं की फोन पर एसडीओ से बात करवाई। जिसके बाद एसडीओ ने उन्हें सोमवार तक समस्या का समाधान करवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही महिलाएं शांत हुई और और घर लौट गईं।
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जरूरी घरेलू काम भी हो रहे प्रभावित
महिलाओं ने बताया कि दिनभर बिजली नहीं आने से उनके घरेलू व रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। गांव में बिजली कट की वजह से पेयजल संकट बना है वहीं घरों के अंदर दो से तीन दिन दूध भी कढावणी में ही रखा रहता है। जिससे बिजली नहीं होने की वजह से मक्खन तक नहीं निकाल पा रहे हैं।
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पर्याप्त बिजली मांगने पर गांव में निगम करा देती है कार्रवाई
महिलाओं ने बताया कि जब भी वे पर्याप्त बिजली की मांग अधिकारियों के समक्ष लेकर जाते हैं तो वे गांव में बिजली चोरी पकड़ने के लिए कार्रवाई करवा देते हैं। अगर किसी ग्रामीण ने पड़ोसी से भी बिजली उधार ले रखी है तो उसका भी बिजली चोरी का केस बनाकर चले जाते हैं। निगम के इस रवैये से भी ग्रामीण खासे नाराज हैं।
इन दिनों मौसम में उमस बनी है, जिसकी वजह से सभी जगह बिजली को लेकर दिक्कत आ रही है। मंढाना के ग्रामीणों को शेड्यूल के हिसाब से बिजली दी जा रही है। मौसम परिवर्तन के साथ ही ओवरलोड़ की दिक्कत दूर हो जाएगी।
- अनिल सोलंकी, एसडीओ, बवानीखेड़ा सब डिवीजन, बिजली निगम।