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बिना मीटर रीडिंग लिए भेजा बिजली बिल, अधिकतर को मिला ही नहीं
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:58 AM IST
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बिना मीटर रीडिंग लिए भेजा बिजली बिल, अधिकतर को मिला ही नहीं
भिवानी। पिछले करीब दो महीने से शहर में बिजली बिल के वितरण की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हजारों उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिलने की शिकायत है और जिन्हें बिल मिला उनमें बेहिसाब त्रुटियां हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर रीडिंग लिये बिना अनाप-शनाप बिल भेजे जा रहे हैं। अब बिल ठीक कराने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
शहरी क्षेत्र में 90 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। अधिकतर उपभोक्ताओं को इस महीने बिल नहीं मिला है। इनमें पेनॉल्टी से बचने के लिए लोग महकमे में जाकर खुद बिल बनवाकर जमा कर रहे हैं।
हजारों उपभोक्ता के बिजली बिल में त्रुटियां हैं। इनमें से ज्यादातर की पिछले महीने की तुलना में अधिक बिल आने की शिकायत है। दादरी गेट पर रहने वाले नंदलाल का बिल पिछले महीनों की तुलना में तीन गुना से अधिक आया है। बिल ठीक कराने आने वाले उपभोक्ता मीटर रीडिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बिल में मीटर रीडिंग दर्शाई नहीं गई तो कुछ बिलों में तारीख का जिक्र नहीं है। बिजली विभाग कार्यालय में ऐसी शिकायतों की भरमार है। शुक्रवार को डीलिंग पर्सन की सीट पर लगातार लोगों का आना-जाना लगा रहा।
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सैलरी को लेकर आउट सोर्स कंपनी में विवाद है समस्या की जड़
दरअसल, बिजली बिल वितरण का काम पूर्व सैनिकों की संस्था से कुछ महीने पहले वापस ले लिया गया था। इनके स्थान पर आउट सोर्सिंग कंपनी को काम दे दिया। लेकिन, सैलरी को लेकर कर्मचारियों का कंपनी प्रबंधन के साथ विवाद खड़ा हो गया। बाद में विवाद इतना गहराया कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कंपनी को छोड़ दिया। इसके बाद कंपनी में मैन पॉवर का संकट खड़ा हो गया। बिल वितरण में देरी और बिलों में त्रुटि का कारण यही बताया जा रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि समस्या ज्यादा विकराल रूप न ले, इसलिए विभाग ने अपने स्तर पर कई कॉलोनियों में बिल भिजवाने की व्यवस्था भी कराई, लेकिन कारगर साबित नहीं हुई।
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उपभोक्ताओं की परेशानी उनकी जुबानी
केस: एक
रेहड़ी पर सब्जी बेचकर गुजर-बसर करने वाले जैन चौक तेलीवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले सन्नी शुक्रवार को अपना बिल ठीक कराने बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे। सन्नी ने बताया कि पिछला बिल सात हजार रुपये था, इस बार दस हजार से ज्यादा आया है। जबकि, बिल कम होना चाहिए था। क्योंकि, अब पंखे, कूलर, फ्रिज बंद हो गए हैं। अब घर में केवल आठ सीएफएल बल्ब जलाते हैं और बिल इतना ज्यादा आ गया। उन्हें अंदेशा है कि मीटर चेक किए बिना ही रीडिंग दर्ज कर दी गई। सन्नी के चाचा मोहन भी अपने बिल की त्रुटि को दूर कराने के लिए दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
शहर के हनुमान गेट के रहने वाले ईश्वर प्रसाद बताते हैं कि पिछले तीन महीने से दुकान का बिल नहीं आ रहा है। घर का बिल मिला, लेकिन उसमें न तो मीटर रीडिंग दर्शाई गई और न ही उस पर तारीख दर्ज है। वे यहां दफ्तर मेें खुद बिल बनवाने आए हैं, ताकि जुर्माना राशि से बचा जा सके। ईश्वर प्रसाद ने बताया कि बिल में रीडिंग की संख्या गायब होने के बावजूद बिल भेज दिया गया।
दादरी गेट निवासी नंदलाल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। नंदलाल उस वक्त भौचक रह गए, जब अमूमन सात-आठ सौ रुपये आने वाला बिजली का बिल इस बार 3465 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को कार्यालय में पहुंचकर कर्मचारियों से बिल ठीक करने को कहा, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। यह सोच कर परेशान हैं कि इतनी बड़ी राशि वे कैसे चुकाएंगे।
कंपनी को थमाया नोटिस
विभाग के कार्यकारी अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि बिल बांटने का काम जिस कंपनी को दे रखा है, उसमें सैलरी को लेकर विवाद हो गया है। इस कारण मैन पॉवर कम हो गई और वितरण में दिक्कत आई। लेकिन, अब कंपनी ने अपनी समस्या दूर कर ली है और सैलरी पर आदमियों को भर्ती कर लिया है। कंपनी ने आश्वस्त किया है कि जल्द सारी व्यवस्था बन जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया है। कार्यकारी अभियंता ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत हैं, उनके बिल ठीक होंगे।
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भिवानी। पिछले करीब दो महीने से शहर में बिजली बिल के वितरण की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हजारों उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिलने की शिकायत है और जिन्हें बिल मिला उनमें बेहिसाब त्रुटियां हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर रीडिंग लिये बिना अनाप-शनाप बिल भेजे जा रहे हैं। अब बिल ठीक कराने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
शहरी क्षेत्र में 90 हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। अधिकतर उपभोक्ताओं को इस महीने बिल नहीं मिला है। इनमें पेनॉल्टी से बचने के लिए लोग महकमे में जाकर खुद बिल बनवाकर जमा कर रहे हैं।
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हजारों उपभोक्ता के बिजली बिल में त्रुटियां हैं। इनमें से ज्यादातर की पिछले महीने की तुलना में अधिक बिल आने की शिकायत है। दादरी गेट पर रहने वाले नंदलाल का बिल पिछले महीनों की तुलना में तीन गुना से अधिक आया है। बिल ठीक कराने आने वाले उपभोक्ता मीटर रीडिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि बिल में मीटर रीडिंग दर्शाई नहीं गई तो कुछ बिलों में तारीख का जिक्र नहीं है। बिजली विभाग कार्यालय में ऐसी शिकायतों की भरमार है। शुक्रवार को डीलिंग पर्सन की सीट पर लगातार लोगों का आना-जाना लगा रहा।
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सैलरी को लेकर आउट सोर्स कंपनी में विवाद है समस्या की जड़
दरअसल, बिजली बिल वितरण का काम पूर्व सैनिकों की संस्था से कुछ महीने पहले वापस ले लिया गया था। इनके स्थान पर आउट सोर्सिंग कंपनी को काम दे दिया। लेकिन, सैलरी को लेकर कर्मचारियों का कंपनी प्रबंधन के साथ विवाद खड़ा हो गया। बाद में विवाद इतना गहराया कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कंपनी को छोड़ दिया। इसके बाद कंपनी में मैन पॉवर का संकट खड़ा हो गया। बिल वितरण में देरी और बिलों में त्रुटि का कारण यही बताया जा रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि समस्या ज्यादा विकराल रूप न ले, इसलिए विभाग ने अपने स्तर पर कई कॉलोनियों में बिल भिजवाने की व्यवस्था भी कराई, लेकिन कारगर साबित नहीं हुई।
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उपभोक्ताओं की परेशानी उनकी जुबानी
केस: एक
रेहड़ी पर सब्जी बेचकर गुजर-बसर करने वाले जैन चौक तेलीवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले सन्नी शुक्रवार को अपना बिल ठीक कराने बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे। सन्नी ने बताया कि पिछला बिल सात हजार रुपये था, इस बार दस हजार से ज्यादा आया है। जबकि, बिल कम होना चाहिए था। क्योंकि, अब पंखे, कूलर, फ्रिज बंद हो गए हैं। अब घर में केवल आठ सीएफएल बल्ब जलाते हैं और बिल इतना ज्यादा आ गया। उन्हें अंदेशा है कि मीटर चेक किए बिना ही रीडिंग दर्ज कर दी गई। सन्नी के चाचा मोहन भी अपने बिल की त्रुटि को दूर कराने के लिए दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
शहर के हनुमान गेट के रहने वाले ईश्वर प्रसाद बताते हैं कि पिछले तीन महीने से दुकान का बिल नहीं आ रहा है। घर का बिल मिला, लेकिन उसमें न तो मीटर रीडिंग दर्शाई गई और न ही उस पर तारीख दर्ज है। वे यहां दफ्तर मेें खुद बिल बनवाने आए हैं, ताकि जुर्माना राशि से बचा जा सके। ईश्वर प्रसाद ने बताया कि बिल में रीडिंग की संख्या गायब होने के बावजूद बिल भेज दिया गया।
दादरी गेट निवासी नंदलाल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। नंदलाल उस वक्त भौचक रह गए, जब अमूमन सात-आठ सौ रुपये आने वाला बिजली का बिल इस बार 3465 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को कार्यालय में पहुंचकर कर्मचारियों से बिल ठीक करने को कहा, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। यह सोच कर परेशान हैं कि इतनी बड़ी राशि वे कैसे चुकाएंगे।
कंपनी को थमाया नोटिस
विभाग के कार्यकारी अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि बिल बांटने का काम जिस कंपनी को दे रखा है, उसमें सैलरी को लेकर विवाद हो गया है। इस कारण मैन पॉवर कम हो गई और वितरण में दिक्कत आई। लेकिन, अब कंपनी ने अपनी समस्या दूर कर ली है और सैलरी पर आदमियों को भर्ती कर लिया है। कंपनी ने आश्वस्त किया है कि जल्द सारी व्यवस्था बन जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया है। कार्यकारी अभियंता ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत हैं, उनके बिल ठीक होंगे।