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Bhiwani News: दुष्कर्म की झूठी शिकायत देकर रिटायर्ड कर्मचारी से हड़प लिए 10 लाख रुपये
Sat, 23 Nov 2024 03:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 23 Nov 2024 03:49 AM IST
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भिवानी। दुष्कर्म की झूठी शिकायत देकर एक रिटायर्ड कर्मचारी से महिला व उसके परिजनों द्वारा पुलिस के साथ मिलीभगत कर दस लाख 14 हजार रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस महानिदेशक को दी शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक भिवानी के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस थाना में आरोपी महिला, उसकी बहन, उसके पति सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। सेक्टर 13 पुलिस चौकी की पुलिस पर भी समझौता कराने के नाम पर रुपये ऐंठने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त शिकायत में वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 30 सितंबर को वह बिजली निगम पंचकूला से सेवानिवृत्त हुआ था। उसने अपनी सेवानिवृत्त पार्टी का निमंत्रण ऑनलाइन अपने जानकारों के पास भेजा था। उसके पास दीपक नामक लड़के का करीब दस साल से नंबर एड था। जब उसका रोहतक तबादला हुआ था तो कई सालों से उसकी बातचीत होती थी। अब इस नंबर को कौन इस्तेमाल कर रहा है उसे नहीं पता था। निमंत्रण भेजने के बाद उस नंबर से उसके पास व्हाट्सएप कॉल आई। जिस पर उसने समझा कि दीपक की पत्नी बोल रही है। बाद में पता चला कि वो कोई और महिला बोल रही है।
उस महिला ने उसे बताया कि वह भिवानी कोर्ट में कंप्यूटर का काम करती है। फिर वह कई बार फोन करने लगी। उसने बताया कि उसकी बहन साध्वी है और माता पुजारी है। उसके गुरुजी पहुंचे हुए संत हैं। उसने बताया कि उसका एक प्लाॅट का केस हाई कोर्ट में चल रहा है। जो प्लॉट बहादुरगढ़ में है। उस महिला ने बताया कि उसकी बहन और गुरुजी ऐसे करेंगे कि वह केस जीत जाएंगे। उसने उसे 14 अक्तूबर की शाम भिवानी में बुलाया और रात के समय पूजा कराने के लिए बोला। वह भिवानी पहुंचा तो वह महिला उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक घर में लेकर गई जहां मूर्तियां रखी थी। वहां उसे चाय पिलाई गई। जिसमें कुछ मिला हुआ था। उसे पीने के बाद उसे कुछ समझ नहीं आया। इसी दौरान उसकी बहन, उसकी बहन के पति और साधु वेश में मौजूद व्यक्ति ने उसके कपड़े उतार फोटो खिंच लिए। जिसके बाद मीरा व मीरा की बहन व बहन के पति और एक अन्य ने मिलकर सुबह चार बजे उसे थोड़ा होश आने पर पिटाई शुरू कर दी और उसे धमकी दी। उसका मोबाइल भी छीन लिया। उसे धमकी देकर कहा कि 40 लाख रुपये नगद मंगवा लो उसे छोड़ देंगे।
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वहां महेंद्र नामक व्यक्ति बुलाया, जिस पर हत्या के केस हैं। उसने रिवाल्वर दिखाकर उसे धमकी दी और झूठे केस में फंसा जेल भिजवाने की बात कही। इसके बाद उसके फोन से पासवर्ड पूछकर पिंकी नामक महिला के खाते में 64 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। 15 अक्तूबर की सुबह नौ बजे पैसे न देने पर सेक्टर 13 पुलिस चौकी में ले गए। चौकी में मीरा ने उसके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दी। चौकी इंचार्ज ने उसे हवालात में बैठा दिया। चौकी इंचार्ज ने उससे कहा कि जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता। दस साल अंदर रहोगे। उसने चौकी इंचार्ज से पूछा कि क्या करूं तो उसने कहा कि 15 लाख रुपये कैश मंगवा लो वह उनका समझौता करा देगा। उसने कहा कि उसका फोन छीन लिया है। जिस पर चौकी इंचार्ज ने उसका फोन मंगवाकर उसे दिया। जिसके बाद फोन पर उसने प्रवीन नामक लड़के से जो बाहर रहता है, उससे बात की।
उससे घर से बैंक की चेक बुक लाने के लिए बोला और पत्नी भतेरी को भी फोन कर प्रवीन को चेकबुक देने के लिए बोल दिया। प्रवीन ने उसकी चेकबुक लाकर उसे पुलिस चौकी में दी। चौकी इंचार्ज ने उसके साथ बैंक से पैसे निकालने दो पुलिस कर्मचारी भी भेजे। जिस कार में उसे बैठाकर बैंक ले गए। वहां नौ लाख 50 हजार रुपये से ज्यादा पैसे निकालने से इंकार कर दिया। जिसके बाद नौ लाख 50 हजार रुपये निकाले गए। ये पैसे पुलिस वाले ने कार के अंदर रखे और वापस चौकी आ गए। फिर उसे चौकी की हवालात में बैठा दिया।
इसके बाद पुलिस वालों ने मीरा से दूसरी शिकायत लिखवाई कि आपसी लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इसमें उसके समझौते पर हस्ताक्षर कराकर उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मामले की शिकायत 21 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक भिवानी को दी थी। जिसके बाद उसके पास चौकी इंचार्ज सुरेश का फोन आया और उसे चौकी बुलाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी इंचार्ज भी उस पर नाजायज दबाव बना रहा है। इसकी शिकायत पुलिस महानिदेशक को दी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त शिकायत में वीरेंद्र सिंह ने बताया कि 30 सितंबर को वह बिजली निगम पंचकूला से सेवानिवृत्त हुआ था। उसने अपनी सेवानिवृत्त पार्टी का निमंत्रण ऑनलाइन अपने जानकारों के पास भेजा था। उसके पास दीपक नामक लड़के का करीब दस साल से नंबर एड था। जब उसका रोहतक तबादला हुआ था तो कई सालों से उसकी बातचीत होती थी। अब इस नंबर को कौन इस्तेमाल कर रहा है उसे नहीं पता था। निमंत्रण भेजने के बाद उस नंबर से उसके पास व्हाट्सएप कॉल आई। जिस पर उसने समझा कि दीपक की पत्नी बोल रही है। बाद में पता चला कि वो कोई और महिला बोल रही है।
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उस महिला ने उसे बताया कि वह भिवानी कोर्ट में कंप्यूटर का काम करती है। फिर वह कई बार फोन करने लगी। उसने बताया कि उसकी बहन साध्वी है और माता पुजारी है। उसके गुरुजी पहुंचे हुए संत हैं। उसने बताया कि उसका एक प्लाॅट का केस हाई कोर्ट में चल रहा है। जो प्लॉट बहादुरगढ़ में है। उस महिला ने बताया कि उसकी बहन और गुरुजी ऐसे करेंगे कि वह केस जीत जाएंगे। उसने उसे 14 अक्तूबर की शाम भिवानी में बुलाया और रात के समय पूजा कराने के लिए बोला। वह भिवानी पहुंचा तो वह महिला उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक घर में लेकर गई जहां मूर्तियां रखी थी। वहां उसे चाय पिलाई गई। जिसमें कुछ मिला हुआ था। उसे पीने के बाद उसे कुछ समझ नहीं आया। इसी दौरान उसकी बहन, उसकी बहन के पति और साधु वेश में मौजूद व्यक्ति ने उसके कपड़े उतार फोटो खिंच लिए। जिसके बाद मीरा व मीरा की बहन व बहन के पति और एक अन्य ने मिलकर सुबह चार बजे उसे थोड़ा होश आने पर पिटाई शुरू कर दी और उसे धमकी दी। उसका मोबाइल भी छीन लिया। उसे धमकी देकर कहा कि 40 लाख रुपये नगद मंगवा लो उसे छोड़ देंगे।
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वहां महेंद्र नामक व्यक्ति बुलाया, जिस पर हत्या के केस हैं। उसने रिवाल्वर दिखाकर उसे धमकी दी और झूठे केस में फंसा जेल भिजवाने की बात कही। इसके बाद उसके फोन से पासवर्ड पूछकर पिंकी नामक महिला के खाते में 64 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। 15 अक्तूबर की सुबह नौ बजे पैसे न देने पर सेक्टर 13 पुलिस चौकी में ले गए। चौकी में मीरा ने उसके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दी। चौकी इंचार्ज ने उसे हवालात में बैठा दिया। चौकी इंचार्ज ने उससे कहा कि जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता। दस साल अंदर रहोगे। उसने चौकी इंचार्ज से पूछा कि क्या करूं तो उसने कहा कि 15 लाख रुपये कैश मंगवा लो वह उनका समझौता करा देगा। उसने कहा कि उसका फोन छीन लिया है। जिस पर चौकी इंचार्ज ने उसका फोन मंगवाकर उसे दिया। जिसके बाद फोन पर उसने प्रवीन नामक लड़के से जो बाहर रहता है, उससे बात की।
उससे घर से बैंक की चेक बुक लाने के लिए बोला और पत्नी भतेरी को भी फोन कर प्रवीन को चेकबुक देने के लिए बोल दिया। प्रवीन ने उसकी चेकबुक लाकर उसे पुलिस चौकी में दी। चौकी इंचार्ज ने उसके साथ बैंक से पैसे निकालने दो पुलिस कर्मचारी भी भेजे। जिस कार में उसे बैठाकर बैंक ले गए। वहां नौ लाख 50 हजार रुपये से ज्यादा पैसे निकालने से इंकार कर दिया। जिसके बाद नौ लाख 50 हजार रुपये निकाले गए। ये पैसे पुलिस वाले ने कार के अंदर रखे और वापस चौकी आ गए। फिर उसे चौकी की हवालात में बैठा दिया।
इसके बाद पुलिस वालों ने मीरा से दूसरी शिकायत लिखवाई कि आपसी लड़ाई-झगड़ा हुआ था। इसमें उसके समझौते पर हस्ताक्षर कराकर उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मामले की शिकायत 21 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक भिवानी को दी थी। जिसके बाद उसके पास चौकी इंचार्ज सुरेश का फोन आया और उसे चौकी बुलाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी इंचार्ज भी उस पर नाजायज दबाव बना रहा है। इसकी शिकायत पुलिस महानिदेशक को दी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।