गोरखपुर जिले में दिल की बीमारी से 30 प्रतिशत लोग दम तोड़ रहे हैं। यह सबसे चिंताजनक स्थिति है कि इसमें युवा भी हृदयरोग के शिकार हो जा रहे हैं। लोगों की बदलती हुई जीवनशैली और मानसिक तनाव की वजह से रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 80 से 90 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि इन मरीजों में 25 से 30 प्रतिशत मरीज युवा हैं जिनकी उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है। जबकि साल भर में 30 प्रतिशत मौतें दिल की बीमारी से हो रही है। यह आंकड़े तो केवल जिला अस्पताल के हैं। अगर निजी अस्पतालों को जोड़ दिया जाए तो मौत का प्रतिशत 40 से 45 प्रतिशत के आसपास बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। इसलिए दिल का जितना अधिक ख्याल रखेंगे, वह उतने अधिक समय तक साथ निभाएगा।
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विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला।
जिला अस्पताल के रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित गुप्ता का कहना है कि हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है जो कि चिंता की बात है। यह बीमारी अब कम उम्र में भी काफी तेजी से हो रही है। इसलिए अब 25 साल के ऊपर के सभी लोगों को हाइपरटेंशन और डायबिटीज के स्क्रीनिंग की सलाह दी जा रही है। इसका प्रमुख कारण बदलती लाइफ स्टाइल, जंक फूड और धूम्रपान है। बताया कि युवा पीढ़ी का झुकाव धूम्रपान और जंक फूड पर ज्यादा है। इसलिए 25 से 30 प्रतिशत युवा भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बताया कि बीमारी से बचने के लिए हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना बहुत जरूरी है। बचाव के लिए नियमित जांच बेहद जरूरी है। बताया कि लोग इसे लेकर बेपरवाह रहते हैं। रोग के प्रमुख कारण धूम्रपान, मदिरापान, अत्यधिक वसा, शरीर में ज्यादा चर्बी, अत्यधिक चिंता, मधुमेह है। यही कारण है कि 30 प्रतिशत मौत दिल की बीमारी (हार्ट अटैक) से हर साल जिले में हो रही है।
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World Heart Day 2021
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इसलिए सबसे महत्वपूर्ण
डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि एक मिनट में 72 बार और 24 घंटे में 100800 बार दिल धड़कता है। यह एक दिन में 2000 गैलन खून की पंपिंग करता है। इसलिए यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। अगर इस पर जरा भी प्रभाव पड़ा तो जान जा सकती है।
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हर माह 50 से 60 युवा हो रहे हार्ट-अटैक का शिकार
डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि युवा अगर अपने खान-पान और रहन-सहन पर ध्यान नहीं देंगे तो स्थितियां ज्यादा खराब होंगी। मौजूदा समय में हर माह 50 से 60 युवा मरीज हार्ट-अटैक का शिकार होकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन मरीजों की उम्र 25 से 45 वर्ष के बीच है। इनमें तो कई ऐसे भी हैं, जिनको दूसरी बार अटैक आया है। यह ज्यादा चिंता का विषय है।
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रोग के लक्षण
- छाती में बाईं ओर या बीच में तेज दर्द अथवा दबाव महसूस होना।
- सांस तेज चलना, पसीना आना, ऐसा लगना कि छाती को किसी ने चारों ओर से बांध दिया हो।
- छाती में दर्द के साथ पेट में जलन, पेट भारी लगना, उल्टी होना और शारीरिक कमजोरी, घबराहट होना।
- मधुमेह के रोगियों को दर्द या बिना दर्द के भी हृदय रोग का आघात हो सकता है।