गोरखपुर जिले में डेंगू के मरीज मिल तो रहे हैं लेकिन एलाइजा जांच की वजह से ऐसे मरीजों की पुष्टि नहीं हो पा रही है। इसकी वजह यह है कि लोग रैपिड किट से जांच तो करा ले रहे हैं, लेकिन पुष्टि के लिए दो हजार रुपये की एलाइजा जांच नहीं कर रहे हैं। जबकि जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डेंगू की निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।
डेंगू का डंक: गोरखपुर जिला अस्पताल और बीआरडी में निशुल्क कराएं डेंगू जांच, पहले खर्च होते थे करीब दो हजार रुपये
रकम ज्यादा होने की वजह से लोग नहीं करा रहे एलाइजा जांच, निजी पैथोलॉजी संचालकों ने सिर्फ चार मरीजों की दी है सूचना।
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यही कारण है कि अब तक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू के तीन मरीज ही मिले हैं। इनमें में दो की जांच जिला अस्पताल में हुई है जबकि एक की जांच निजी पैथोलॉजी में हुई है। बताया जा रहा है कि सीएमओ कार्यालय को अब तक निजी पैथोलॉजी ने चार डेंगू मरीजों की सूचना दी है।
इनकी एलाइजा जांच जिला अस्पताल में हुई है, जहां उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं दूसरी ओर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी 70 से 80 मरीजों की एलाइजा जांच की जा रही है। जहां पर तीन से चार मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है लेकिन बीआरडी स्वास्थ्य विभाग को सूचना नहीं दे रहा है।
एलाइजा जांच में लग रहा है 12 से 16 घंटे का समय
शहर के सात निजी पैथालॉजी में एलाइजा जांच की सुविधा है। लेकिन इस जांच में 12 से 16 घंटे का समय लगता है। जबकि रैपिड कार्ड से 15 मिनट में ही जांच हो जाती है। यही कारण है कि निजी पैथालॉजी एलाइजा जांच से बचते हैं। दोनों के रेट में दोगुने का अंतर है। यही कारण है कि लोग एलाइजा जांच से बच रहे हैं।