गोरखपुर जिले में डेंगू के मरीज मिल तो रहे हैं लेकिन एलाइजा जांच की वजह से ऐसे मरीजों की पुष्टि नहीं हो पा रही है। इसकी वजह यह है कि लोग रैपिड किट से जांच तो करा ले रहे हैं, लेकिन पुष्टि के लिए दो हजार रुपये की एलाइजा जांच नहीं कर रहे हैं। जबकि जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डेंगू की निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।
जानकारी के मुताबिक निजी पैथोलॉजी में रैपिड कार्ड टेस्ट से प्रतिदिन 30 से 40 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। लेकिन यह मरीज डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच से पीछे हट जा रहे हैं। रैपिड कार्ड से जांच में मरीजों को केवल 800 रुपये देने पड़ रहे हैं जबकि एलाइजा जांच के लिए दो हजार रुपये लग रहे हैं। ऐसे में रकम ज्यादा होने की वजह से लोग जांच से किनारा कर ले रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
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डेंगू वार्ड
- फोटो : अमर उजाला
यही कारण है कि अब तक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू के तीन मरीज ही मिले हैं। इनमें में दो की जांच जिला अस्पताल में हुई है जबकि एक की जांच निजी पैथोलॉजी में हुई है। बताया जा रहा है कि सीएमओ कार्यालय को अब तक निजी पैथोलॉजी ने चार डेंगू मरीजों की सूचना दी है।
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गोरखपुर मेडिकल कॉलेज।
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इनकी एलाइजा जांच जिला अस्पताल में हुई है, जहां उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं दूसरी ओर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी 70 से 80 मरीजों की एलाइजा जांच की जा रही है। जहां पर तीन से चार मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है लेकिन बीआरडी स्वास्थ्य विभाग को सूचना नहीं दे रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
एलाइजा जांच में लग रहा है 12 से 16 घंटे का समय
शहर के सात निजी पैथालॉजी में एलाइजा जांच की सुविधा है। लेकिन इस जांच में 12 से 16 घंटे का समय लगता है। जबकि रैपिड कार्ड से 15 मिनट में ही जांच हो जाती है। यही कारण है कि निजी पैथालॉजी एलाइजा जांच से बचते हैं। दोनों के रेट में दोगुने का अंतर है। यही कारण है कि लोग एलाइजा जांच से बच रहे हैं।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच निशुल्क है। मरीज एलाइजा जांच निशुल्क करा सकते हैं। डेंगू नोटिफाइड डिजीज में शामिल हैं। इसकी सूचना देनी अनिवार्य है। निजी पैथालॉजी अगर सूचना नहीं देते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बीआरडी से प्रतिदिन सूचना मांगी जाएगी।