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जानिए क्यों, रोडवेज की 103 सहित 282 बसों का हुआ सरेंडर
Wed, 01 Jul 2020 09:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 01 Jul 2020 09:48 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला।
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लॉकडाउन से लेकर अनलॉक 02 में रोडवेज से लेकर प्राइवेट बसों में यात्रियों के न मिलने से 282 बसों का सरेंडर हुआ है। इनमें 103 बसें रोडवेज की भी शामिल हैं। बसों के सरेंडर से इनके स्वामियों को रोड टैक्स में छूट मिल सकती है।
परिवहन निगम के एमडी ने लॉकडाउन में गाड़ियों के खड़े रहने से वाहन स्वामियों की दिक्कत को देखते हुए समर्पण के लिए आवेदन मांगा था। इनमें उन्हीं वाहन स्वामियों को समर्पण की छूट थी, जिनका रोड टैक्स मार्च महीने तक का जमा था। मार्च से जून महीने का टैक्स लगेगा या नहीं इसे लेकर शासन स्तर से निर्णय होना है।
छूट के लाभ के लिए परिवहन विभाग की 103 बसों का सरेंडर हुआ है। आरएम डीवी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 800 बसें हैं। इनमें से बमुश्किल 400 बसें ही सड़कों पर निकल रही हैं। इसे देखते हुए 100 बसों का सरेंडर किया गया है।
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बस खड़ी रहने की दशा में भी निगम को प्रति महीने करीब 30 हजार रुपये टैक्स जमा करना होता है। इसी क्रम में 179 निजी बस संचालकों ने भी कागजात सरेंडर किया है। आरटीओ भीमसेन सिंह ने कहा कि साल भर में तीन महीने के लिए कागजात सरेंडर किए जा सकते हैं।
इसके लिए जरूरी है कि पूर्व का पूरा टैक्स जमा हो। अप्रैल से लेकर जून तक के टैक्स माफी को लेकर शासन को निर्णय लेना है। जुलाई से जितने दिन कागजात जमा रहेंगे, वाहन स्वामियों को उतने दिन का टैक्स छूट मिलेगा। 12 महीने में अधिकतम तीन महीने का ही छूट मिल सकता है।
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परिवहन निगम के एमडी ने लॉकडाउन में गाड़ियों के खड़े रहने से वाहन स्वामियों की दिक्कत को देखते हुए समर्पण के लिए आवेदन मांगा था। इनमें उन्हीं वाहन स्वामियों को समर्पण की छूट थी, जिनका रोड टैक्स मार्च महीने तक का जमा था। मार्च से जून महीने का टैक्स लगेगा या नहीं इसे लेकर शासन स्तर से निर्णय होना है।
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छूट के लाभ के लिए परिवहन विभाग की 103 बसों का सरेंडर हुआ है। आरएम डीवी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 800 बसें हैं। इनमें से बमुश्किल 400 बसें ही सड़कों पर निकल रही हैं। इसे देखते हुए 100 बसों का सरेंडर किया गया है।
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बस खड़ी रहने की दशा में भी निगम को प्रति महीने करीब 30 हजार रुपये टैक्स जमा करना होता है। इसी क्रम में 179 निजी बस संचालकों ने भी कागजात सरेंडर किया है। आरटीओ भीमसेन सिंह ने कहा कि साल भर में तीन महीने के लिए कागजात सरेंडर किए जा सकते हैं।
इसके लिए जरूरी है कि पूर्व का पूरा टैक्स जमा हो। अप्रैल से लेकर जून तक के टैक्स माफी को लेकर शासन को निर्णय लेना है। जुलाई से जितने दिन कागजात जमा रहेंगे, वाहन स्वामियों को उतने दिन का टैक्स छूट मिलेगा। 12 महीने में अधिकतम तीन महीने का ही छूट मिल सकता है।