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Gorakhpur News: फीकल स्लज सेफ्टी मशीन से होगी सेफ्टी टैंक की सफाई
Fri, 16 Feb 2024 04:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 16 Feb 2024 04:25 AM IST
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- नगर निगम को मिलेगी डी वॉटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के सेफ्टी टैंक की सफाई के साथ ही अब उसके पानी का ट्रीटमेंट हो जाएगा। इसके साथ ही अवशिष्ट से खाद भी बन जाएगा। इसके लिए गोरखपुर नगर निगम को एक ऐसी मशीन मिलने वाली है जिसमें एसटीपी भी होगा। शासन की ओर से यह मशीन कुछ चुनिंदा नगर निगमों को दी जा रही है, जिसमें गोरखपुर भी शामिल है। डी वाटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन से टैंक की सफाई के दौरान ही गंदे पानी का ट्रीटमेंट हो जाएगा। इस मशीन की कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये है। अगले तीन महीने में यह मशीन निगम को मिल जाएगी।
अभी तक सेफ्टी टैंक की सफाई के बाद उसके पानी को ट्रीटमेंट का कोई प्रावधान नहीं है। कुछ लोग उसे सीधे खेतों में डाल देते हैं जो काफी नुकसान करता है। इससे मृदा शक्ति भी प्रभावित होती है। सेफ्टी टैंक के पानी को बिना ट्रीटमेंट के नदी में भी नहीं डाला जा सकता है। यह मशीन शहर में कहीं भी पहुंचकर सेफ्टी टैंक की सफाई कर सकती है। इससे साफ हुए पानी को सीधे नदी में डाला जा सकेगा या कृषि कार्य में इस्तेमाल हो सकेगा। सूखे वेस्ट को खाद के रूप में प्रयोग कर सकेंगे।
डेनमार्क में होगी अधिकारियों की ट्रेनिंग
इस मशीन के बारे में ट्रेनिंग के लिए नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन के नोडल ऑफिसर डॉ. मणिभूषण तिवारी अगले महीने डेनमार्क जाएंगे। यहां पर और भी नगर निगम के अधिकारी पहुंचेेंगे, जिनको मशीन के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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कोट...
सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए शासन की ओर से डी वाटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन दी जा रही है। इसकी तकनीक को समझने के लिए अगले महीने डेनमार्क जाना है। इस मशीन की मदद से हम गंदे पानी को मौके पर ही साफ कर सकेंगे।
डॉ. मणिभूषण तिवारी, उप नगर आयुक्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के सेफ्टी टैंक की सफाई के साथ ही अब उसके पानी का ट्रीटमेंट हो जाएगा। इसके साथ ही अवशिष्ट से खाद भी बन जाएगा। इसके लिए गोरखपुर नगर निगम को एक ऐसी मशीन मिलने वाली है जिसमें एसटीपी भी होगा। शासन की ओर से यह मशीन कुछ चुनिंदा नगर निगमों को दी जा रही है, जिसमें गोरखपुर भी शामिल है। डी वाटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन से टैंक की सफाई के दौरान ही गंदे पानी का ट्रीटमेंट हो जाएगा। इस मशीन की कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये है। अगले तीन महीने में यह मशीन निगम को मिल जाएगी।
अभी तक सेफ्टी टैंक की सफाई के बाद उसके पानी को ट्रीटमेंट का कोई प्रावधान नहीं है। कुछ लोग उसे सीधे खेतों में डाल देते हैं जो काफी नुकसान करता है। इससे मृदा शक्ति भी प्रभावित होती है। सेफ्टी टैंक के पानी को बिना ट्रीटमेंट के नदी में भी नहीं डाला जा सकता है। यह मशीन शहर में कहीं भी पहुंचकर सेफ्टी टैंक की सफाई कर सकती है। इससे साफ हुए पानी को सीधे नदी में डाला जा सकेगा या कृषि कार्य में इस्तेमाल हो सकेगा। सूखे वेस्ट को खाद के रूप में प्रयोग कर सकेंगे।
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डेनमार्क में होगी अधिकारियों की ट्रेनिंग
इस मशीन के बारे में ट्रेनिंग के लिए नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन के नोडल ऑफिसर डॉ. मणिभूषण तिवारी अगले महीने डेनमार्क जाएंगे। यहां पर और भी नगर निगम के अधिकारी पहुंचेेंगे, जिनको मशीन के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए शासन की ओर से डी वाटरिंग फीकल स्लज सेफ्टी मशीन दी जा रही है। इसकी तकनीक को समझने के लिए अगले महीने डेनमार्क जाना है। इस मशीन की मदद से हम गंदे पानी को मौके पर ही साफ कर सकेंगे।
डॉ. मणिभूषण तिवारी, उप नगर आयुक्त