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गोरखपुर: ओवरलोडिंग से टूट रही सड़कें, खुद संभल कर नहीं चले तो हादसा तय मानिए

Sat, 10 Jun 2023 02:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 10 Jun 2023 02:41 PM IST
सार

दो साल पहले इलाके में सड़कों का निर्माण हुआ था। तब सबको लगा कि अब वह फर्राटे भरेंगे, लेकिन उनके मंसूबों को बालू के ओवरलोड ट्रकों को तोड़ दिया। दिन से लेकर रात तक ट्रकों के संचालक की वजह से खुद बचकर चलना पड़ता है, क्योंकि ट्रक वाले बीच में चलते हैं।

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Overloading of vehicles engaged in sand mining in Belghat area increased difficulties of people
बेलघाट शंकरपुर मार्ग की टूटी सड़क। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में बेलघाट-शंकरपुर मार्ग हो या फिर ब्लॉक मुख्यालय के सामने की सड़क, सब टूटी है। वजह एक है, ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही। दरअसल, यहां पर बालू खनन का ठेका तो जिम्मेदारों ने दे दिया, लेकिन उसकी आड़ में ओवरलोडिंग पर किसी की नजर नहीं पड़ती। यही वजह है कि हादसे में लोग जान गंवा रहे हैं, तो रोजाना चलने वाले हिचकोले खाने को मजबूर हैं। पूरे इलाके की सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

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जानकारी के मुताबिक, दो साल पहले इलाके में सड़कों का निर्माण हुआ था। तब सबको लगा कि अब वह फर्राटे भरेंगे, लेकिन उनके मंसूबों को बालू के ओवरलोड ट्रकों को तोड़ दिया।
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दिन से लेकर रात तक ट्रकों के संचालक की वजह से खुद बचकर चलना पड़ता है, क्योंकि ट्रक वाले बीच में चलते हैं। पीछे से चाहे जितना हार्न बजा लें, इनके कान में जूं नहीं रेंगता। स्थानीय लोग बताते हैं, हादसे तो आए दिन होते हैं, लेकिन जब किसी की जान चली जाती है, तभी जानकारी सामने आती है।
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लोगों ने क्या कहा

लगातार ट्रकों की आवाजाही के कारण बेलघाट वाया शाहपुर मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिस पर चलने में काफी परेशानी होती है। आने जाने यदि खुद संभल कर के ना चलें तो प्रतिदिन इन ट्रकों का शिकार बनेंगे।- पन्नेलाल यादव, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि।

पूरी रात ट्रकों की आवाजाही के कारण घरों में हम लोग ठीक ढंग से सो नहीं पाते हैं। सुबह उठने के बाद घरों के बाहर व अंदर धूल की एक परत प्रतिदिन जमा रहती है। इसकी वजह से रोजाना हादसे भी होते हैं। - छोटे लाल गुप्ता, पूर्व प्रधान।

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बेलघाट ब्लॉक के ठीक सामने काफी बड़ा गड्ढा बन चुका है और ट्रक जब भी आते हैं, यहां पर हमेशा हादसों को दावत देते हैं। यहां पर कई बार लोग हादसों से बच चुके हैं। छोटे हादसे होने पर कोई शिकायत नहीं करता, इसलिए पता नहीं चलता है।- जितेंद्र जायसवाल, बेलघाट।

लगातार ट्रकों की आवाजाही से धूल का गुबार उड़ता है, जिससे दुकानदारी करना कठिन हो चुका है। सबसे ज्यादा मुसीबत ओवरलोड ट्रकों की वजह से होती है। क्योंकि इसी की वजह से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं जिससे चलना दूभर हो गया है।- छोटे लाल विश्वकर्मा, राईपुर डकही।







 
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