{"_id":"5e390d908ebc3e4b5868525c","slug":"naukayan-lekh-view-point-ramgadhtal-tourists-not-getting-information-due-to-staff-non-deployment","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रामगढ़ताल: लेकव्यू प्वाइंट पर घूमने आने वाले सैलानियों ने खुलकर बयां किया दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामगढ़ताल: लेकव्यू प्वाइंट पर घूमने आने वाले सैलानियों ने खुलकर बयां किया दर्द
Tue, 04 Feb 2020 11:52 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Tue, 04 Feb 2020 11:52 AM IST
सार
- साइनेज और कर्मचारी की तैनाती न होने की वजह से नहीं मिल रही पर्यटकों को जानकारी
विज्ञापन
nauka vihar
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामगढ़ताल लेकव्यू प्वाइंट, नौकायन केंद्र पर घूमने आने वाले सैलानियों को पर्यटन विभाग की उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। रामगढ़ताल परिक्षेत्र में मौजूद अन्य स्थलों की जानकारी के अभाव में उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। विभाग की ओर से कोई गाइड या कर्मचारी तैनात नहीं किए जाने से वहां बाहर से घूमने आने वाले पर्यटकों को शहर में मौजूद आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है।
अमर उजाला के संवाददाता ने सोमवार को लेकव्यू प्वाइंट और नौकायन केंद्र की पड़ताल की तो वहां आने वाले पर्यटकों ने अपना दर्द खुलकर बयां किया। कुसम्ही से पहुंचे शर्मा परिवार ने कहा कि शहर में आने वाले कोई भी व्यक्ति रामगढ़ताल की खूबसूरती को देखने जरूर आता है। मगर इस अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल पर गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, जटाशंकर गुरुद्वारा, कबीर समाधि स्थल, बौद्ध सर्किट सरीखी किसी भी धरोहरों की दूरी या उनकी महत्ता को बताने के लिए न तो साइनेज लगाया गया है।
विज्ञापन
अमर उजाला के संवाददाता ने सोमवार को लेकव्यू प्वाइंट और नौकायन केंद्र की पड़ताल की तो वहां आने वाले पर्यटकों ने अपना दर्द खुलकर बयां किया। कुसम्ही से पहुंचे शर्मा परिवार ने कहा कि शहर में आने वाले कोई भी व्यक्ति रामगढ़ताल की खूबसूरती को देखने जरूर आता है। मगर इस अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल पर गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, जटाशंकर गुरुद्वारा, कबीर समाधि स्थल, बौद्ध सर्किट सरीखी किसी भी धरोहरों की दूरी या उनकी महत्ता को बताने के लिए न तो साइनेज लगाया गया है।
विज्ञापन
न ही कोई सामग्री पर्यटन विभाग की ओर से मुहैया कराई जाती है। शहर में रहने वालों को तो ज्यादा परेशानी नहीं होती मगर बाहर से आने वाले या विदेशी सैलानियों को परेशानी होती है। बशारतपुर की प्रीति पांडेय और खुशबू ने कहा कि गिरधरगंज से नौका विहार की तरफ आने वाले रास्ते पर ओवरस्पीडिंग भी एक बड़ी समस्या है, मगर इस ओर किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जाता। रानीडीहा के डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि एक काउंटर यहां बनाया जाना चाहिए जो यहां आने वाले लोगों को आसपास मौजूद पर्यटन की अन्य चीजों के बारे में बता सके। पास में ही बौद्ध संग्रहालय, नक्षत्रशाला, निर्माणाधीन चिड़ियाघर और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स है मगर इसकी जानकारी यहां आने वाले सभी लोगों को नहीं है।
पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर गाइड का नंबर मौजूद है। कोई भी वहां से निर्धारित शुल्क देकर गाइड ले सकता है। साइनेज लगाया जाना प्रस्तावित है, काम पूरा होने के बाद ही इसे लगाया जाएगा। कर्मचारी को तैनात किए जाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
- रवींद्र मिश्रा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर गाइड का नंबर मौजूद है। कोई भी वहां से निर्धारित शुल्क देकर गाइड ले सकता है। साइनेज लगाया जाना प्रस्तावित है, काम पूरा होने के बाद ही इसे लगाया जाएगा। कर्मचारी को तैनात किए जाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
- रवींद्र मिश्रा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी