एनआईए की कार्रवाई: गोरखपुर के कोतवाली इलाके में प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची NIA की टीम, की पूछताछ
पीएफआई के खिलाफ बुधवार को देशभर में दर्जनों जगहों पर एनआईए ने छापे डाले हैं। इसी क्रम में गोरखपुर में मंगलवार की रात में टीम आ गई थी और बुधवार की सुबह कोतवाली थाना क्षेत्र के बक्शीपुर इलाके में बुक स्टाॅल एवं प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची। वहां पीएफआई से जुड़े दस्तावेजों के साथ संचालक व अन्य लोगों से घंटों पूछताछ की।
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प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) की गतिविधियों की जांच करने बुधवार को एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की टीम ने गोरखपुर में कोतवाली इलाके में बुक स्टाल-प्रिंटिंग प्रेस पर जांच की। प्रिंटिंग प्रेस संचालक से घंटों पूछताछ और दस्तावेज खंगालने के बाद टीम लौट गई। हालांकि, टीम ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है।
जानकारी के मुताबिक, पीएफआई के खिलाफ बुधवार को देशभर में दर्जनों जगहों पर एनआईए ने छापे डाले हैं। इसी क्रम में गोरखपुर में मंगलवार की रात में टीम आ गई थी और बुधवार की सुबह कोतवाली थाना क्षेत्र के बक्शीपुर इलाके में बुक स्टाॅल एवं प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची।
वहां पीएफआई से जुड़े दस्तावेजों के साथ संचालक व अन्य लोगों से घंटों पूछताछ की। कुछ देर रहने के बाद टीम लौट गई। बताया जा रहा है कि टीम ने गोरखपुर से किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
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नेपाल बॉर्डर करीब होने की वजह से संवेदनशील है गोरखपुर
गोरखपुर की सीमा नेपाल से करीब होने की वजह गोरखपुर हमेशा से संवेदनशील रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही खुफिया एजेंसी की जांच में सामने आया था कि नेपाल बॉर्डर के आसपास के गांवों के कुछ लोग अचानक अमीर हो गए हैं। इन्हें फंडिंग की आशंका है और उनकी गतिविधियों पर तभी से ही निगरानी की जा रही है।
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दो साल पहले गोरखपुर से होकर गया था पीएफआई कमांडर
14 मार्च 2021 को बस्ती में प्रतिबंधित पीएफआई (द पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) का ट्रेनिंग कमांडर मोहम्मद राशिद गिरफ्तार हुआ था। उस समय पूछताछ में सामने आया था कि वह गोरखपुर में भी आता-जाता था। पकड़े जाने से करीब डेढ़ महीने पहले वह गोरखपुर के इलाहीबाग में आया था।
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बताया जा रहा है कि यहां उसके कई लोग संपर्क में हैं। उसी समय से जांच जारी है। सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ निवासी मोहम्मद राशिद को एसटीएफ गोरखपुर व लखनऊ की संयुक्त टीम ने बस्ती से रविवार को गिरफ्तार किया था। उसके पास से उर्दू-हिंदी में लिखे कई आपत्तिजनक लेख मिले। कई और कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए थे।