गोरखपुर फ्रांसीसी गिरफ्तार: झारखंड का वीजा...गोरखपुर में घूम रहा था विदेशी नागरिक; एजेंसियां कर रहीं पूछताछ
पुलिस को आरोपी विदेशी नागरिक के पास से एक पासपोर्ट और वीजा मिला है। उसके मुताबिक, वह व्यापार वीजा पर भारत आया है और उसकी वैधता तो है, लेकिन धनबाद के पास ही जा सकता था। बावजूद इसके वह गोरखपुर आया है। यहां पर पुलिस ने उसे आंदोलन कर रहे पदाधिकारियों से बातचीत करते हुए पकड़ा है।
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गोरखपुर कमिश्नर परिसर में आंबेडकर जनमोर्चा के डेरा डालो-घेरा डालो आंदोलन में पकड़ा गया फ्रांस नागरिक हेनाल्ड वैलेन्टिन जीन रोजर का वीजा धनबाद, झारखंड के लिए है, लेकिन वह गोरखपुर में घूम रहा था। अब इसके पीछे की वजह पुलिस और जांच एजेंसियां जांच रही हैं।
जांच में पता चला है कि विदेशी नागरिक दिल्ली के एक समूह के संपर्क में है। उनकी मदद से बिहार व झारखंड के कई शहरों में हुए आंदोलन में शामिल हुआ है। मोबाइल फोन से वह धरना-प्रदर्शन का वीडियो व फोटो भी बनाता था। अब इसी बात की तस्दीक भी की जा रही है कि वास्तव में वह डाक्यूमेंट्री बनाने के लिए ही आंदोलन में जाता था या वजह कुछ और है। हालांकि उसने पूछताछ में डाक्यूमेंट्री बनाने की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को आरोपी विदेशी नागरिक के पास से एक पासपोर्ट और वीजा मिला है। उसके मुताबिक, वह व्यापार वीजा पर भारत आया है और उसकी वैधता तो है, लेकिन धनबाद के पास ही जा सकता था। बावजूद इसके वह गोरखपुर आया है। यहां पर पुलिस ने उसे आंदोलन कर रहे पदाधिकारियों से बातचीत करते हुए पकड़ा है, इसके पहले वह वीडियो भी बना रहा था।
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पकड़े जाने के बाद वह गोरखपुर आने का कारण डाक्यूमेंट्री बता रहा है, लेकिन यह बात पुलिस व जांच एजेंसियों के गले के नीचे नहीं उतर रही है। फिलहाल, उसके सभी बयानों का पुलिस जांच के आधार पर सत्यापन कर रही है कि वह कितना सच बोल रहा है।
कुछ समय के लिए जेएनयू में पढ़ने की बात भी कही
विदेशी नागरिक के जेएनयू में पढ़ने की भी चर्चा है। खुद उसने ही इस बात को कहा था, लेकिन बाद में मुकर गया। अब पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि आखिर वह जेएनयू में पढ़ता था तो कब। पुलिस व जांच एजेंसियां उससे जुड़ी सभी जानकारियों को हासिल करने में जुटी हैं। वह कहां-कहां गया और कहां पर रुका, इसकी भी जानकारी अभी जुटाई जा रही है।
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भीड़ कहां से आई, जानकारी जुटा रही एजेंसियां
जिस आंदोलन को कमिश्नर कार्यालय पर आयोजित गया था, उसमें गौतमबुद्ध नगर व अन्य जिलों के लोगों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। अचानक भीड़ का बढ़ जाना और फिर आंदोलन करने के पीछे कौन से लोग हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। एजेंसिया इस बात की भी जांच कर रहीं हैं कि आखिर कहां-कहां के लोग इसमें शामिल होने के लिए आए थे और उन्हें क्या कहकर लाया गया था।