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दृष्टिबाधित स्कूल के बाथरूम में लाश: सीसीटीवी में गमछा और बाल्टी लेकर जाते दिखा छात्र; अनूप की ये चाहत अधूरी
Thu, 27 Aug 2026 02:41 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 27 Aug 2026 02:41 PM IST
सार
गोरखपुर के दृष्टिबाधित स्कूल के बाथरूम में आठवीं के छात्र की लाश मिली है। गमछे से शव लटका मिला है। छात्र रात में बाथरूम गया था। सुबह सफाईकर्मी ने दरवाजा खटखटाया तो आवाज नहीं आई।
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gorakhpur murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
गोरखपुर के लालडिग्गी स्थित स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बॉयज इंटर कॉलेज के बाथरूम में बुधवार सुबह आठवीं के छात्र अनूप कुमार (18) का शव गमछे के सहारे लटका मिला। देवरिया के रामगुलाम टोला निवासी अनूप आवासीय व्यवस्था में रहकर पढ़ाई करता था।
घटना की सूचना पर एसपी सिटी निमिष पाटील और एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें अनूप गमछा और बाल्टी लेकर अकेले बाथरूम की ओर जाता दिखाई दिया है। इससे पुलिस प्रथमदृष्टया आत्महत्या की आशंका जता रही है।
उप निदेशक दिव्यांग अनूप कुमार के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजे छात्र बाथरूम गया था। सुबह सफाईकर्मी विनोद ने काफी देर तक दरवाजा बंद देखा तो खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उसने स्कूल प्रबंधन को सूचना दी। जानकारी मिलने पर राजघाट पुलिस पहुंची।
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घटना की सूचना पर एसपी सिटी निमिष पाटील और एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें अनूप गमछा और बाल्टी लेकर अकेले बाथरूम की ओर जाता दिखाई दिया है। इससे पुलिस प्रथमदृष्टया आत्महत्या की आशंका जता रही है।
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उप निदेशक दिव्यांग अनूप कुमार के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजे छात्र बाथरूम गया था। सुबह सफाईकर्मी विनोद ने काफी देर तक दरवाजा बंद देखा तो खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उसने स्कूल प्रबंधन को सूचना दी। जानकारी मिलने पर राजघाट पुलिस पहुंची।
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दरवाजा अंदर से बंद था। उसे खोलने पर छात्र कुंडी में गमछे के सहारे लटका मिला। पुलिस ने शव नीचे उतरवाकर कब्जे में ले लिया। अनूप, रामआसरे का बेटा था और दोनों आंखों से दिव्यांग था। वह वर्ष 2019 से इसी स्कूल में आवासीय छात्र के रूप में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। पिता रामआसरे रिश्तेदारों के साथ स्कूल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने स्कूल के कर्मचारियों और छात्रों से भी जानकारी जुटाई तथा सीसीटीवी फुटेज देखी।
मोबाइल से खुलेगा मौत का राज
पुलिस ने छात्र का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। उसके कॉल डिटेल और मोबाइल में उपलब्ध अन्य जानकारियों की जांच की जा रही है। आत्महत्या की वजह जानने के लिए स्कूल के छात्रों और शिक्षकों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि छात्र किसी तनाव या परेशानी में तो नहीं था।
पुलिस ने छात्र का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। उसके कॉल डिटेल और मोबाइल में उपलब्ध अन्य जानकारियों की जांच की जा रही है। आत्महत्या की वजह जानने के लिए स्कूल के छात्रों और शिक्षकों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि छात्र किसी तनाव या परेशानी में तो नहीं था।
पैनल से पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी भी
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शव बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा और इसकी वीडियोग्राफी भी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शव बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा और इसकी वीडियोग्राफी भी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आंखों से दुनिया नहीं देख पाता था अनूप, सपनों से परिवार की जिंदगी रोशन करने की थी चाहत
दृष्टिबाधित अनूप कुमार की आंखों में रोशनी नहीं थी, लेकिन उसके सपनों में पूरे परिवार के बेहतर भविष्य की तस्वीर थी। वह खुद दुनिया नहीं देख सकता था, मगर पढ़-लिखकर परिवार की जिंदगी में उजाला लाने का सपना देख रहा था। पढ़ाई में तेज अनूप नियमित रूप से ऑनलाइन खान सर की कोचिंग करता था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा रहता था।
दृष्टिबाधित अनूप कुमार की आंखों में रोशनी नहीं थी, लेकिन उसके सपनों में पूरे परिवार के बेहतर भविष्य की तस्वीर थी। वह खुद दुनिया नहीं देख सकता था, मगर पढ़-लिखकर परिवार की जिंदगी में उजाला लाने का सपना देख रहा था। पढ़ाई में तेज अनूप नियमित रूप से ऑनलाइन खान सर की कोचिंग करता था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा रहता था।
सहपाठियों के मुताबिक, अनूप पढ़ाई के साथ ही अपने हंसमुख और मजाकिया स्वभाव के लिए भी जाना जाता था। वह दोस्तों से घुल-मिलकर रहता और अपनी बातों से सबको हंसाता था। देर रात किसी दोस्त के कमरे में जाकर सो जाना भी उसके लिए सामान्य बात थी। दोस्त उसे प्रतिभाशाली, मिलनसार और जिंदादिल बताते हैं।
अनूप की अचानक मौत की खबर ने परिवार के साथ उसके सहपाठियों को भी अंदर तक झकझोर दिया। दोस्तों को अब उसकी हंसी-मजाक और साथ बिताए पल याद आ रहे हैं। परिवार के लोगों के मुताबिक, बुधवार को परिजन उसे हॉस्टल से घर ले जाने के लिए आने वाले थे।
घर जाने की तैयारी और अपनों से मिलने की उम्मीद के बीच मौत ने उसे हमेशा के लिए परिवार से छीन लिया। जिस बेटे से परिवार को भविष्य संवारने की उम्मीद थी, उसी बेटे की अर्थी उठने की कल्पना किसी ने नहीं की थी। अनूप की मौत ने परिवार के सपनों के साथ उसके दोस्तों की खुशियां भी छीन लीं।