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Gorakhpur Pollution: गोरखपुर नगर निगम का दावा...गोरक्षनगरी में वायु प्रदूषण पर लगा अंकुश
Thu, 02 Nov 2023 11:44 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 02 Nov 2023 11:44 AM IST
सार
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि डब्ल्यूआरआई की रिपोर्ट से निगम प्रशासन काफी उत्साहित है। निगम को दो एक्सपर्ट भी डब्ल्यूआरआई की ओर से मिले हैं। नगर निगम ने पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छ वायु को लेकर बेहतर काम किया है।
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गोरखपुर नगर निगम।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
वायु प्रदूषण के लिए बीते कुछ दिनों से सुर्खियों में बनी गोरक्षनगरी के लिए राहत भरी खबर है। प्रदूषण का आकलन करने वाली प्रतिष्ठित संस्था वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीच्यूट (डब्ल्यूआरआई) की रिपोर्ट के अनुसार, गोरखपुर शहर देश के टॉप टेन कम वायु प्रदूषण वाले जिलों में शामिल हो गया है।
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रिपोर्ट के आधार पर संस्था की तरफ से गोरखपुर में दो विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। ये विशेषज्ञ नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छ वायु को और बेहतर बनाने के उपाय सुझाएंगे।
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संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, गोरखपुर की जनसंख्या तो अधिक है, लेकिन यहां वायु प्रदूषण के मामले में पीएम 2.5 का लेवल 24.83 माइक्रान प्रति घन मीटर मिला है। मानक के मुताबिक, यह लेवल 50 माइक्रान प्रति घन मीटर से कम होने पर ही बेहतर स्थिति मानी जाती है।
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नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि डब्ल्यूआरआई की रिपोर्ट से निगम प्रशासन काफी उत्साहित है। निगम को दो एक्सपर्ट भी डब्ल्यूआरआई की ओर से मिले हैं। नगर निगम ने पिछले कुछ वर्षों में स्वच्छ वायु को लेकर बेहतर काम किया है। इसके तहत चिन्हित फुटपाथ पर धूल से बचाव के लिए इंटरलाकिंग का काम हो रहा है।
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नगर आयुक्त ने बताया कि सिटी को गार्वेज फ्री करने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही सालिड वेस्ट मैनेजमेंट और कंपोस्ट खाद को लेकर भी काम किया जा रहा है। सूखे और गीले कूड़े को अलग-अलग निस्तारित करने का भी असर वायु प्रदूषण की स्थिति को बेहतर करने में दिख रहा है।
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नगर आयुक्त ने बताया कि सिटी को गार्वेज फ्री करने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही सालिड वेस्ट मैनेजमेंट और कंपोस्ट खाद को लेकर भी काम किया जा रहा है। सूखे और गीले कूड़े को अलग-अलग निस्तारित करने का भी असर वायु प्रदूषण की स्थिति को बेहतर करने में दिख रहा है।