गोरखपुर: मोहन भागवत ने बाबा गोरखनाथ के किए दर्शन, बोले- स्वयंसेवक ही दूर कर सकते हैं समाज से भेदभाव
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार शाम को स्वयंसेवक व उनके परिजनों से संवाद करेंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देर शाम बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में परिवार स्नेह मिलन कार्यक्रम होगा।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक डॉ मोहन भागवत ने मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद संघ के क्षेत्रीय कार्यालय माधवधाम गए। आरएसएस प्रमुख डॉ मोहन भागवत चार दिवसीय (19-22 मार्च) दौरे पर गोरखपुर आए हैं। वह गोरक्ष प्रांत के स्वयं सेवक व क्षेत्र प्रचारकों से संवाद कर रहे हैं।
मंगलवार सुबह आरएसएस प्रमुख गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। सबसे पहले गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया, फिर महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया। गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन की तरफ से आरएसएस प्रमुख को गोरक्षपीठ से संबंधित साहित्य भेंट किए गए।
उन्होंने सोमवार को गोरखपुर में सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज तोड़ने वाले संवादों को सामाजिक समरसता से ही दूर किया जा सकता है। स्वयंसेवक ही समाज से भेदभाव को दूर कर सकते हैं।
चार दिवसीय (19-22 मार्च) दौरे पर गोरखपुर पहुंचे आरएसएस प्रमुख ने सोमवार को गोरक्ष प्रांत के अलग-अलग जिलों से आए 54 प्रचारकों को समाज को एक सूत्र में पिरोने का मंत्र दिया। क्षेत्रीय कार्यालय माधवधाम में सुबह और देर शाम तक चले अलग-अलग सत्रों में संवाद के दौरान आरएसएस प्रमुख ने कहा कि समाज को सभी विकारों से मुक्त करके समरसता भाव वाले सामाजिक परिवेश को तैयार करना है।
कुछ विकृतियों के कारण समाज का ताना-बाना टूटा है। स्वयंसेवकों को ऐसा काम करना चाहिए कि समाज का मन बदल जाए। सामाजिक अहंकार और हीनभाव दोनों समाप्त हो जाएं। आरएसएस प्रमुख ने कार्य विस्तार, कार्यकर्ता विकास और सामाजिक सद्भाव पर भी बात रखी। इस मौके पर क्षेत्र प्रचारक अनिल, क्षेत्र कार्यवाहक वीरेंद्र जायसवाल और प्रांत प्रचारक सुभाष मौजूद रहे।
जागरण श्रेणी में विस्तार की गुंजाइश
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि स्वयंसेवक संगठन व जागरण श्रेणी में काम करते हैं। संगठन का सब कुछ तय रहता है। पहले से कार्यक्रम की तिथियां तय की जाती हैं। शाखा विस्तार का काम चलता रहता है। अब बारी जागरण श्रेणी की आती है। इसमें विस्तार की बहुत गुंजाइश है। प्रचार-प्रसार की कोई सीमा नहीं है। इसके जरिये हर व्यक्ति तक पहुंचा जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
आरएसएस प्रमुख ने पर्यावरण विषय पर चर्चा की और पर्यावरण के असंतुलन और दुष्प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को संतुलित बनाना मौलिक दायित्व है। प्रशिक्षण से जागरूकता फैलाकर पर्यावरण को संतुलित बनाने का प्रयास करना चाहिए।
परिवार स्नेह मिलन समारोह आज
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार शाम को स्वयंसेवक व उनके परिजनों से संवाद करेंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देर शाम बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में परिवार स्नेह मिलन कार्यक्रम होगा। एक हजार से ज्यादा स्वयंसेवक और उनके परिजनों के आने की उम्मीद है। आरएसएस के सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस प्रमुख मंगलवार की देर रात वाराणसी के लिए रवाना हो जाएंगे। वह 23 से 27 मार्च तक वाराणसी में रहेंगे। काशी प्रांत से जुड़े पदाधिकारियों की अलग-अलग बैठकें भी करेंगे।