मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन की राह में बिजली के पोल बाधा बने हैं। दो वर्ष पहले पोल, तार व ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग की धनराशि बिजली निगम को दे दी गई है, फिर भी कुछ नहीं किया गया। नतीजा, निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन बनवाया जा रहा है। यह मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। इसके लिए गोरखनाथ मंदिर की दुकानें तक ढहाई गईं हैं। इसके बावजूद बिजली निगम के अफसर सहयोग करने को तैयार नहीं हैं।
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इस प्रोजेक्ट के लिए सीएम योगी ने ढहा दी थी गोरखनाथ मंदिर की दीवारें, अब बिजली विभाग बना रोड़ा
Thu, 05 Nov 2020 09:05 AM IST
vivek shukla
टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 05 Nov 2020 09:05 AM IST
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मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन पर लटकते तार व सीएम योगी आदित्यनाथ।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
एनएच के अफसरों के मुताबिक गोरखनाथ अस्पताल के पास ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं हटाया गया है। इससे सड़क का निर्माण कार्य बाधित है। इसी तरह मोहद्दीपुर से विश्वविद्यालय की सड़क पर नाले के पास पोल खड़ा है। करीब 12 जगहों पर पोल व ट्रांसफार्मर जस के तस हैं। जब भी काम शुरू कराया जाता है, तब बिजली निगम के अवर अभियंता आकर इसे रोक देते हैं। अवर अभियंता कहते हैं कि बिजली का पोल गिर जाएगा। इससे आपूर्ति बाधित होगी। मजबूरी में ही काम रुकवाना पड़ता है। नतीजा, जो काम अगस्त 2020 तक पूरा होना था, वह अब मार्च 2021 में पूरा करने का लक्ष्य है। यदि निगम की ओर से सहयोग नहीं मिला तो निर्माण पूरा होने में और देर हो सकती है। यह फोरलेन 17. 52 किलोमीटर लंबा है। 267 करोड़ की लागत वाले फोरलेन का निर्माण फरवरी 2019 से शुरू हुआ है।
गोरखनाथ रोड।
- फोटो : अमर उजाला।
शहरी क्षेत्र में दोनों तरफ हो रहा नाला निर्माण
शहर में जलभराव भी एक बड़ी समस्या है। इसे दूर करने के लिए मोहद्दीपुर से दस नंबर बोरिंग तक नाला निर्माण कराया जा रहा है। कई स्थानों पर बिजली पोल व ट्रांसफार्मर नहीं हटाए गए हैं। इससे कामकाज ठप है। जब तक नाले का काम पूरा नहीं होगा, तब तक सड़क निर्माण नहीं कराया जा सकेगा।
शहर में जलभराव भी एक बड़ी समस्या है। इसे दूर करने के लिए मोहद्दीपुर से दस नंबर बोरिंग तक नाला निर्माण कराया जा रहा है। कई स्थानों पर बिजली पोल व ट्रांसफार्मर नहीं हटाए गए हैं। इससे कामकाज ठप है। जब तक नाले का काम पूरा नहीं होगा, तब तक सड़क निर्माण नहीं कराया जा सकेगा।
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गोरखनाथ रोड।
- फोटो : अमर उजाला।
17.5 करोड़ रुपये लेकर साधी चुप्पी
एनएच के अधिकारियों के मुताबिक बिजली निगम को तार, पोल व ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने के लिए दो वर्ष पहले 17.5 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है। इसके बावजूद निगम के अफसरों ने चुप्पी साध रखी है।
अतिक्रमण भी कर रहा प्रभावित
जिस फोरलेन का निर्माण कराया जा रहा है उस पर कई स्थानों पर अतिक्रमण भी है। इसे लेकर अधिशासी अभियंता एमके अग्रवाल ने जीडीए प्रबंधन को पत्र भी लिखा है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि जो नाला बनाया जा रहा है, उसपर भवनों के पोर्च बनवाए जा रहे हैं। इससे भविष्य में दिक्कत होगी।
एनएच के अधिकारियों के मुताबिक बिजली निगम को तार, पोल व ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने के लिए दो वर्ष पहले 17.5 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है। इसके बावजूद निगम के अफसरों ने चुप्पी साध रखी है।
अतिक्रमण भी कर रहा प्रभावित
जिस फोरलेन का निर्माण कराया जा रहा है उस पर कई स्थानों पर अतिक्रमण भी है। इसे लेकर अधिशासी अभियंता एमके अग्रवाल ने जीडीए प्रबंधन को पत्र भी लिखा है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि जो नाला बनाया जा रहा है, उसपर भवनों के पोर्च बनवाए जा रहे हैं। इससे भविष्य में दिक्कत होगी।
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गोरखनाथ रोड।
- फोटो : अमर उजाला।
एनएच अधिशाषी अभियंता एमके अग्रवाल ने बताया कि मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन की राह में बिजली निगम रोड़ा अटका रहा है। पोल, ट्रांसफार्मर व तार जगह-जगह पड़े हैं। इस नाते नाले का काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। जब तक नाला नहीं बनेगा, तब तक सड़क नहीं बन पाएगी। जहां जगह मिली वहां सड़क का काम करा दिया गया। चिउंटहा से मानीराम तक सड़क काम हो गया है। मानीराम में आरओबी का काम हो रहा है। जितना जल्दी पोल, तार व ट्रांसफार्मर शिफ्ट होंगे, उतनी जल्दी काम पूरा हो जाएगा।