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बांसगांव सीएचसी का हाल, कोरोना जांच के नमूने कूड़े के ढेर में फेंके मिले
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बांसगांव सीएचसी का हाल, कोरोना जांच के नमूने कूड़े के ढेर में फेंके मिले
बांसगांव। कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का सिलसिला भी रुक नहीं रहा है। बांसगांव सीएचसी पर कोरोना जांच के नाम पर लिए गए नमूने कूड़े के ढेर में मिलने का मामला प्रकाश में आया है। यह नमूने जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे जाने थे। लेकिन, 72 घंटे बीत जाने के बाद भी नमूने सीएचसी पर ही हैं। ऐसे में नमूने देने वाले लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
बांसगांव सीएचसी पर रोजाना एंटीजन किट से लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। एंटीजन से रिपोर्ट निगेटिव आने पर उनका नमूना जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजा जाता है। एक नवंबर को 54 लोगों की जांच किट से हुई। रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन लोगों से यह कहा गया है कि आरटीपीसीआर से जांच के लिए नमूने बीआरडी भेजे जाएंगे।
लेकिन, यह नमूने भेजे ही नहीं गए, बल्कि बांसगांव सीएचसी पर ही कूड़े के ढेर में पड़े हुए थे। नियमानुसार 48 घंटे के अंदर नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पहुंच जाने चाहिए। इस मामले में जब बांसगांव सीएचसी के अधीक्षक डॉ. महेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं, क्षेत्र के 54 लोगों की सांसें अटकी हुई हैं।
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पूर्व में भी गायब हो चुके हैं नमूने
नमूनों को लेकर लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बांसगांव सहित पिपरौली से नमूने गायब होने के मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन, शिकायत नहीं होने के कारण विभाग ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसकी वजह से लोगों को दूसरी बार नमूना देना पड़ा था।
-------------
मामले की जानकारी मीडिया के जरिए हुई है। नमूने कब लिए गए हैं और किन लोगों के हैं? इसका पता लगाएंगे। अब तक किसी ने मामले की शिकायत नहीं की है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ
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बांसगांव। कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का सिलसिला भी रुक नहीं रहा है। बांसगांव सीएचसी पर कोरोना जांच के नाम पर लिए गए नमूने कूड़े के ढेर में मिलने का मामला प्रकाश में आया है। यह नमूने जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे जाने थे। लेकिन, 72 घंटे बीत जाने के बाद भी नमूने सीएचसी पर ही हैं। ऐसे में नमूने देने वाले लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
बांसगांव सीएचसी पर रोजाना एंटीजन किट से लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। एंटीजन से रिपोर्ट निगेटिव आने पर उनका नमूना जांच के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजा जाता है। एक नवंबर को 54 लोगों की जांच किट से हुई। रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन लोगों से यह कहा गया है कि आरटीपीसीआर से जांच के लिए नमूने बीआरडी भेजे जाएंगे।
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लेकिन, यह नमूने भेजे ही नहीं गए, बल्कि बांसगांव सीएचसी पर ही कूड़े के ढेर में पड़े हुए थे। नियमानुसार 48 घंटे के अंदर नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पहुंच जाने चाहिए। इस मामले में जब बांसगांव सीएचसी के अधीक्षक डॉ. महेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं, क्षेत्र के 54 लोगों की सांसें अटकी हुई हैं।
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पूर्व में भी गायब हो चुके हैं नमूने
नमूनों को लेकर लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बांसगांव सहित पिपरौली से नमूने गायब होने के मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन, शिकायत नहीं होने के कारण विभाग ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसकी वजह से लोगों को दूसरी बार नमूना देना पड़ा था।
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मामले की जानकारी मीडिया के जरिए हुई है। नमूने कब लिए गए हैं और किन लोगों के हैं? इसका पता लगाएंगे। अब तक किसी ने मामले की शिकायत नहीं की है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ