Gorakhpur Weather: गोरखपुर में बर्फीली हवा ने छुड़ाई कंपकंपी, न्यूनतम पारा @4.9
गोरखपुर में सर्द हवाओं के चलने के कारण लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। महिलाएं बच्चों को गर्म कपड़ों में समेटे हुए सफर करतीं दिखाई दीं। पूरे दिन धूप न निकलने के कारण मौसम सर्द रहा और लोगों को गलन भरी सर्दी से जूझना पड़ा।
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गोरखपुर में बुधवार को सारा दिन बादल छाए रहने व सर्द हवाएं चलने के कारण लोगों को गलन भरी ठंड का सामना करना पड़ा। ठंड से लोगों की कंपकंपी छूटती रही। कोहरा, कड़ाके की ठंड और गलन के साथ बर्फीली हवाओं ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 4.9 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक अभी 26 जनवरी तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
बीते 15 दिनों से लगातार कड़ाके की ठंड लोगों को परेशान किए हुए है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार का अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 10 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से चार डिग्री नीचे रहा। सुबह से ही लोगों को सर्द हवाओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में अधिकांश लोग घरों में दुबके रहे। बहुत जरूरत पड़ने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। गलन और शीतलहर का आलम ऐसा रहा कि हाथ-पैर की उंगलियां सून्न होती रहीं।
सर्द हवाओं के चलने के कारण लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। महिलाएं बच्चों को गर्म कपड़ों में समेटे हुए सफर करतीं दिखाई दीं। पूरे दिन धूप न निकलने के कारण मौसम सर्द रहा और लोगों को गलन भरी सर्दी से जूझना पड़ा। सर्द हवाएं गर्म कपड़ों को भेदकर शरीर तक पहुंच रहीं हैं। जिससे लोग ठिठुरते नजर आए।
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26 जनवरी तक भीषण ठंड पड़ने की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि निचले क्षोभमंडल में चल रही मंद लेकिन सर्द उत्तरी-पश्चिमी हवाओं से नमी की प्रचुरता बनी हुई है। इसके साथ दिन में विकिरणीय ऊष्मन में आई कमी के कारण अधिकतम तापमान के सामान्य से उल्लेखनीय रूप से नीचे बने रहने के फलस्वरुप शीत दिवस (कोल्ड डे) से अति शीत दिवस (सीवियर कोल्ड डे) की स्थिति 26 जनवरी तक ऐसे ही जारी रहने की संभावना है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव आने पर स्थिति में बिना किसी विशेष परिवर्तन के मामूली सुधार होने के आसार हैं।
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शहर में इमली के कोयला की हुई कमी
लगातार पड़ रही ठंड के चलते अलाव के लिए कोयला एवं लकड़ी की मांग बढ़ गई है। सबसे अधिक लोग इमली के कोयले को खरीद रहे हैं। इमली के कोयला के अलाव से धुंआ नहीं उठने पर लोग इसे ज्यादा पसंद कर रहे है। जिसके चलते शहर में इसकी कमी आ गई है। बुधवार को राजेंद्र नगर के रहने वाले शिवेंद्र तिवारी ने बताया कि उन्होंने कई जगह तलाश की तो उनको एक दुकान पर इमली का काेयला मिला। उन्होंने 45 रुपया प्रति किलो की दर से इमली का कोयला खरीदा।
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वातावरण में नमी के चलते 188 पहुंचा एक्यूआई
दो दिन से बिगड़ी शहर की आबोहवा बुधवार को अत्यधिक ठंड के चलते और खराब स्थिति में पहुंच गया। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 188 तक पहुंच गया। हालांकि सुबह 11 बजे 148 था लेकिन दिन में बदली छाने और शहर में सड़क पर वाहनों की भीड़ के चलते प्रदूषण का स्तर ऊपर बढ़ गया। शहर में बुधवार को प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी हुई थी। गाड़ियों से निकलने वाले धुंआ ने प्रदूषण का स्तर और खराब कर दिया।