अंकिता यादव हत्याकांड: घर से महज 50 मीटर की दूरी पर मार डाली बिटिया...बचा नहीं पाए- पिता को मलाल
मामा ओमप्रकाश यादव ने बताया कि बरहुआ में शिवशंकर यादव के घर पर नवंबर में अंकिता के तिलक का कार्यक्रम था। परिवार के लोग घर की साफ-सफाई में जुटे थे। रिश्तेदार, दोस्तों और पड़ोसियों की सूची बनकर तैयार थी। मां-बाप ने खरीदारी भी शुरू कर दी थी। कई रिश्तेदारों ने तो एक माह पहले ही आने की तैयारी कर ली थी। लेकिन, इस खबर ने सभी को झकझोर के रख दिया।
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जिस बेटी को गोद में लेकर घुमाया करता था, उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ेगा, ये कभी नहीं सोचा था। अपने हाथों से उसका अंतिम संस्कार करके आया हूं। उन्हें पुलिस और न्याय प्रणाली पर पूरा विश्वास है, आरोपी को उसके किए की सजा जरूर मिलेगी।
नर्स बनना चाहती थी अंकिता
अंकिता के बड़े भाई रवि यादव ने बताया-बहन नर्स बनना चाहती थी। उसे बहुत शौक था कि वह एक दिन मरीजों की सेवा करे। इसलिए वह पढ़ाई कर रही थी। घर में छोटा भाई नौंवी कक्षा में पढ़ता है, जबकि दूसरी बहन भी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। मैंने बीए की पढ़ाई पूरी कर ली है।
अभी हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी है। रवि ने बताया कि कभी अंकिता ने अपनी परेशानी उनसे नहीं बताई, वह कोई भी बात केवल मां से बताती थी। उसकी मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह थी घटना
गीडा के बरहुआ निवासी शिवशंकर यादव की बेटी अंकिता यादव (20) शहर के गंगोत्री कॉलेज में स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा थी। नवंबर में उसके तिलक का आयोजन होना था। वर्ष 2025 के नंवबर माह में उसकी शादी होनी थी। कुशीनगर के सुकरौली क्षेत्र के गणेशपुर निवासी प्रिंस यादव वर्ष 2020 से ही उसके पीछे पड़ा था।
अंकिता की शादी तय होने के बाद नाराज प्रिंस ने बुधवार को कॉलेज जाने के दौरान कार से रौंदकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।