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ठीक हुआ गैसीफायर संयंत्र: लकड़ियों का झंझट खत्म, एक जुलाई से शुरू हो जाएगी निशुल्क अंत्येष्टि

Wed, 28 Jun 2023 04:02 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 28 Jun 2023 04:02 PM IST
सार

अमर उजाला ने गैसीफायर संयंत्र के लंबे अरसे से खराब होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हाल यह था कि गैसीफायर शवदाह गृह के अंदर ही लकड़ी वाले दुकानदार घूमते थे।

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Gasifier plant recovered free funeral will start from July 1
राजघाट का गैसीफायर शव दाह गृह। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राप्ती तट के किनारे बना गैसीफायर शवदाह संयंत्र अब ठीक हो गया है। संयंत्र से अंत्येष्टि शुरू भी कर दी गई है। एक जुलाई से इस संयंत्र पर अंत्येष्टि करवाने के लिए शुल्क भी नहीं देना होगा। नगर निगम ने इसे निशुल्क कर दिया है। वहीं, नगर निगम अंत्येष्टि स्थल पर ही मृत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की सुविधा भी देने जा रहा है। प्रदूषणमुक्त होने की वजह से नगर निगम की ओर से इसे ग्रीन दाह संस्कार योजना का नाम दिया गया है।

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अमर उजाला ने गैसीफायर संयंत्र के लंबे अरसे से खराब होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हाल यह था कि गैसीफायर शवदाह गृह के अंदर ही लकड़ी वाले दुकानदार घूमते थे। गैसीफायर से अंतिम संस्कार नहीं होने वाले लोगों से लकड़ी खरीदने के लिए पूछते थे। मामले का संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास ने कमिश्नर को जांच का जिम्मा दिया था।
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कमिश्नर के निर्देश पर नगर आयुक्त ने फर्म के जिम्मेदारों को तलब कर जल्द से जल्द संयंत्र शुरू करने का निर्देश दिया था। साथ ही लापरवाही होने पर ब्लैक लिस्ट में डालने की चेतावनी दी थी। इसके बाद संबंधित फर्म ने गैसीफायर शवदाह संयंत्र को ठीक कराकर अंत्येष्टि शुरू करा दी।
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अभी अंत्येष्टि के लिए देना होता है 1800 रुपये का शुल्क

गैसीफायर शवदाह गृह में अंत्येष्टि के लिए अभी 1800 रुपये शुल्क निर्धारित है, जिसे एक जुलाई से राप्ती नदी को स्वच्छ करने की मुहिम के तहत निशुल्क कर दिया गया है। इसे ग्रीन दाह संस्कार योजना का नाम दिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अंत्येष्टि के मामले में राप्ती नदी को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को भी थोड़ा सहयोग करना होगा। नदी किनारे बने बाबा मुक्तेश्वर नाथ मुक्ति धाम पर ही लोग शवों की अंत्येष्टि करें। अभी अंतिम संस्कार में 1800 रुपये का शुल्क देना होता है। इसे एक जुलाई से पूरी तरह खत्म किया जा रहा है। सिर्फ पंजीकरण के लिए 200 रुपये देने होंगे।

नगर निगम मुख्य अभियंता संजय चौहान ने कहा कि गैसीफायर की तीनों मशीनें सही हो गई हैं। फर्म ने पिछले दिनों कुछ अंत्येष्टि की वीडियो भेजकर जानकारी दी थी। मौके पर अपनी टीम भेजकर जांच भी कराई गई है।

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