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157 साल पुराना है एक्ट: एक रुपये है जुर्माना तो होटल वाले क्यों करें पर्यटन विभाग की परवाह

Mon, 26 Jun 2023 12:09 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 26 Jun 2023 12:09 PM IST
सार

गोरखपुर शहर में बिना सराय एक्ट में पंजीकरण कराए 100 से अधिक होटल व लॉज संचालित हो रहे हैं। मानकों को पूरा नहीं करने वाले होटल संचालक, पंजीकरण न कराकर लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इनमें अधिकतर होटल और लॉज स्टेशन रोड पर हैं।

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fine one rupee so why should hoteliers care about tourism department
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है कि लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने पर आमादा होटल, लॉज व मैरेज हाउस संचालकों पर सराय एक्ट के तहत सिर्फ एक रुपये के जुर्माने का ही प्रावधान है। यही वजह है कि तमाम संचालक पंजीकरण के प्रति बेपरवाह रहते हैं। उन्हें जुर्माने का भय नहीं रहता और वे सराय एक्ट में बिना पंजीकरण के बेखौफ होटलों, लॉज और मैरेज हाउस का संचालन करते रह रहे हैं।

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ब्रिटिश काल में वर्ष 1867 में सराय एक्ट बनाया गया था। इसी एक्ट में आज भी होटलाें का पंजीकरण किया जा रहा है। एक्ट के तहत सराय से आशय, ऐसे भवन को माना गया था, जिसे यात्रियों के आश्रय और आवास के लिए प्रयोग में लाया जाता हो। सराय एक्ट में स्पष्ट है कि जब तक सराय (होटल) का पंजीकरण सराय एक्ट के तहत नहीं कर लिया जाएगा, तब तक उसमें किसी यात्री या पर्यटक को नहीं ठहराया जा सकेगा। बिना पंजीकरण होटल का संचालन करने पर एक रुपये के अर्थदंड का प्रावधान था।
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सराय एक्ट को बने 156 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन एक्ट में जो एक रुपये का अर्थदंड था, वही आज भी चला आ रहा है। न के बराबर अर्थदंड होने की वजह से होटल संचालकों को पर्यटकों की सुरक्षा की चिंता होती है और न किसी नियम या कानून की। बिना किसी के डर के ये होटल का संचालन बिना पंजीकरण करते रहते हैं और जिम्मेदार सिर्फ नोटिस और चेतावनी देकर काम चलाते रहते हैं।

बता दें कि शहर में बिना सराय एक्ट में पंजीकरण कराए 100 से अधिक होटल व लॉज संचालित हो रहे हैं। मानकों को पूरा नहीं करने वाले होटल संचालक, पंजीकरण न कराकर लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इनमें अधिकतर होटल और लॉज स्टेशन रोड पर हैं। पर्यटन विभाग इन्हें नोटिस जारी करता रहता है, बावजूद इसके इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

सराय एक्ट में पंजीकरण के लिए यह जरूरी

सराय एक्ट में पंजीकरण के लिए होटल, लॉज व मैरेज हाउस संचालक को अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग, बिजली विभाग और जीडीए से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। इसके साथ ही संचालक को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से चरित्र प्रमाणपत्र लेना होता है। इन सभी दस्तावेज के बाद ही सराय एक्ट में पंजीकरण पर्यटन विभाग में होता है।

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विनियम-2023 को मिली है स्वीकृति
विगत दिनों सराय अधिनियम 1867 की धारा 13 के तहत राज्य सरकार की विनियम बनाने की शक्ति का प्रयोग करते हुए यूपी कैबिनेट ने उप्र होटल व अन्य पूरक आवास (नियंत्रण) विनियम-2023 को स्वीकृति दी है, जिसके बाद अब बिना पंजीकरण के संचालित ऐसे भवनों पर शिकंजा कसा जाएगा।

विनियम में अनिवार्य आवश्यकताओं का प्रावधान भी किया गया है, जिसके तहत होटल के मुख्य प्रवेश द्वार पर पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना होगा। इसके साथ ही विनियम के उल्लंघन पर अर्थदंड तो उतना ही लगेगा, लेकिन तीन बार नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित इकाई का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त हो जाएगा।





 
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