Gorakhpur: नगर निगम के दो जन सूचना अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना, एक गलती की मिली सजा
राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि गोरखपुर मंडल में आरटीआई के संबंध में 6000 से अधिक लंबित हैं। निश्चित तौर पर इनका निस्तारण धीमी गति से हो रहा है। इनके निस्तारण की गति बढ़ाने के लिए गोरखपुर मंडल में विशेष सुनवाई की जाएगी।
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राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चंद्र सिंह ने नगर निगम के दो जन सूचना अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना आरटीआई के संबंध में जन सूचना देने में देरी करने के मामले में लगाया गया है। आरटीआई का यह मामला 2019 से 2022 के बीच का है। वर्तमान समय में कर अधीक्षक बीके लाल नगर निगम के जनसूचना अधिकारी हैं।
मंगलवार को राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना के अधिकार के तहत नगर निगम में जन सूचना के मांगे जाने और उनके निस्तारण के संबंध में समीक्षा की। इस दौरान नगर निगम में कुल 134 मामलों की उन्होंने समीक्षा की। 125 केसों को उन्होंने परीक्षण के लिए अपने पास रख लिया। वही 2019 से 2022 के बीच सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना में देरी करने पर संबंधित जन सूचना अधिकारियों पर 25-25 रुपये का जुर्माना लगाया।
समीक्षा के बाद नगर निगम सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह सूचना दी। कहा कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना के संबंध में प्रथम द्वितीय अपीलीय अधिकारियों को क्रमशः 30 दिन और 45 दिन में सूचना दे देनी होती है। इसके बाद सुनवाई के लिए मामला राज्य सूचना आयुक्त के पास आता है।
ऐसे में प्रावधान के अनुसार प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय अधिकारियों को निर्धारित अवधि में हर हाल में आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के संबंध में जवाब दे देनी चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ दंड का प्रावधान है।
साथ ही उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार केवल सूचना के लिए होता है लेकिन इसका उद्देश्य भी देखा जाना चाहिए। गोरखपुर नगर निगम मैं संतोष गुप्ता नामक एक व्यक्ति के द्वारा आरटीआई के तहत 118 आवेदन दिए गए हैं। उनसे इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने इतने सारे आरटीआई आवेदन के संबंध में कोई तर्कपूर्ण जवाब नहीं दे सके।
आदित्य बंदोपाध्याय के मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आदतन आरटीआई मांगने वाले के मामले को तर्कपूर्ण ढंग से खारिज भी किया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने सूचना अधिकारियों को ऐसा करने का निर्देश भी दिया गया है। वर्तमान समय में नगर निगम गोरखपुर के जन सूचना अधिकारी बी के लाल हैं।
जन सूचना के संबंध में की जाएगी विशेष सुनवाई
राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि गोरखपुर मंडल में आरटीआई के संबंध में 6000 से अधिक लंबित हैं। निश्चित तौर पर इनका निस्तारण धीमी गति से हो रहा है। इनके निस्तारण की गति बढ़ाने के लिए गोरखपुर मंडल में विशेष सुनवाई की जाएगी। 9 से 13 जनवरी तक 5 दिन में कुशीनगर देवरिया और महाराजगंज के मामलों की सुनवाई होगी। 16 और 17 जनवरी को गोरखपुर जिले के मामलों की सुनवाई की जाएगी।