{"_id":"610fed588ebc3e7c3b30ddf6","slug":"district-hospital-engaged-in-investigation-of-hepatitis-patients-of-rural-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: ग्रामीण क्षेत्रों के हेपेटाइटिस मरीजों की जांच में जुटा जिला अस्पताल, 12 अगस्त तक चलेगा अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: ग्रामीण क्षेत्रों के हेपेटाइटिस मरीजों की जांच में जुटा जिला अस्पताल, 12 अगस्त तक चलेगा अभियान
Sun, 08 Aug 2021 08:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 08 Aug 2021 08:12 PM IST
सार
ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन आ रहे पांच से छह सैंपल, जिला अस्पताल में अब तक 110 नमूनों की हो चुकी है जांच ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों से भेजे जा रहे नमूने, 12 अगस्त तक जांच का चलेगा अभियान।
विज्ञापन
हेपेटाइटिस
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गोरखपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में हेपेटाइटिस मरीजों की पहचान शुरू हो गई है। जिला अस्पताल ग्रामीण क्षेत्रों के हेपेटाइटिस मरीजों की जांच में जुट गया है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों के डॉक्टर विशेष रूप से अभियान चलाकर सैंपल ले रहे हैं, जिसकी जांच जिला अस्पताल में हो रही है। यह अभियान 12 अगस्त तक चलेगा। अब तक 110 नमूनों की जांच भी हो चुकी है।
विज्ञापन
शासन की ओर से हेपेटाइटिस के मरीजों की पहचान के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। यह बीमारी एचआईवी की तरह ही बेहद संक्रामक है। डॉक्टरों के मुताबिक हेपेटाइटिस जानलेवा है। यह साइलेंट किलर की तरह लिवर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।
विज्ञापन
कई बार बीमार मरीज की हालत बिगड़ने पर ही बीमारी का पता चलता है। हेपेटाइटिस दूषित खानपान और असुरक्षित व्यवहार सुई-ब्लेड आदि का खतरा रहता है। हेपेटाइटिस बी और सी असुरक्षित व्यवहार की वजह से होता है। इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
अब तक 110 नमूने जिला अस्पताल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें शुक्रवार को 50 और शनिवार को 60 नमूने भेजे गए है। इनकी रिपोर्ट सोमवार को जारी होगी।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में हेपेटाइटिस-बी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हेपेटाइटिस लोगों के लिवर को खराब कर रहा है। अगर समय रहते जांच नहीं होती है तो लिवर सिरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों से नमूने लेकर हेपेटाइटिस की जांच की जा रही है।