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Pulse Polio: अब भी है बच्चों को पोलियो का खतरा, दवा से ही होगा बचाव

Mon, 11 Dec 2023 11:34 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 11 Dec 2023 11:34 AM IST
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Deputy CM Brajesh Pathak launches Pulse Polio campaign from AIIMS
एम्स में पल्स पोलियो ड्राप पिलाकर शुभारंभ करते उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक। - फोटो : अमर उजाला।

पोलियो मुक्त होने के 32 साल बाद इजरायल में पिछले साल नया केस मिला था। मोजाम्बिक में इसी साल केस मिले हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान व अफगानिस्तान में अब भी केस मिल रहे हैं। ऐसी स्थिति में अपने देश में भी खतरा बना हुआ है। इसीलिए गोरखपुर समेत प्रदेश के 50 जिलों में फिर से पोलियो उन्मूलन के लिए ड्राॅप पिलाने का अभियान शुरू किया गया है। दवा पिलाना ही इस बीमारी से बचाव का बेहतर विकल्प है।

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ये बातें प्रदेश के डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को एम्स परिसर में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत के दौरान कहीं। डिप्टी सीएम ने पांच माह की बच्ची शैरिल को ड्रॉप पिलाकर अभियान की शुरुआत की। उप मुख्यमंत्री ने सूर्यांश, मिसिका और ऋषी को भी अपने हाथों से पोलियोरोधी ड्रॉप पिलाया।
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डिप्टी सीएम ने कहा कि पोलियो बीमारी को लेकर अभी सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। बूथ दिवस के बाद 15 तारीख तक टीमें घर-घर जाकर दवा पिलाएंगी। डिप्टी सीएम ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
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सपा की सरकार में ग्रामीण क्षेत्र में एक हफ्ते दिन में और एक हफ्ते रात में बिजली आती थी, जबकि अब हमेशा बिजली उपलब्ध रहती है। कायाकल्प योजना के तहत सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से बेहतर बन गए हैं। कोविड के बाद 80 करोड़ की आबादी को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत की है। यूपी निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।

इस मौके पर एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर, उप निदेशक अरुण कुमार सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रमाशंकर रत्न, चिकित्सा अधीक्षक मनोज कुमार सौरभ, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार, सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे, नोडल अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा, एआरओ अजीत सिंह, वरिष्ठ सहायक नवीन गुप्ता आदि प्रमुख तौर पर उपस्थित रहे।

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देर से पहुंची फ्लाइट, परेशान रहे लोग
डिप्टी सीएम को दोपहर 12 बजे ही एम्स पहुंचना था। इसके लिए सभी तैयारियां 11 बजे तक पूरी कर ली गईं। एम्स परिसर में रहने वाले डॉक्टर व अन्य कर्मचारी अपने मासूम बच्चों को पोलियोरोधी ड्राॅप पिलाने लेकर पहुंचे थे। लेकिन, डिप्टी सीएम की फ्लाइट ही लेट हो गई। बताया जा रहा था कि गोरखपुर एयरपोर्ट के पार्किंग एरिया में पहले से ही एक बड़ी सवारी जहाज खड़ी होने के चलते लखनऊ से आने वाली फ्लाइट विलंब से आई।

करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद पहुंचे डीएम सीएम बमुश्किल 10 मिनट में ही सारे कार्यक्रम निपटाकर भाजपा के किसी कार्यक्रम में शामिल होने चले गए। बता दें कि इससे पहले बीते अगस्त में भी डिप्टी सीएम एम्स में एक स्वास्थ्य कार्यक्रम में तीन घंटे की देरी से पहुंचे थे।

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दवा लेने आई बुजुर्ग देवकी पांडेय से पूछा हाल
बच्चों को ड्रॉप पिलाकर लौट रहे डिप्टी सीएम ने भीड़ में खड़ी 65 वर्षीया देवकी देवी को देखा तो हाथ जोड़कर रुक गए। कुशल क्षेम पूछने के बाद यहां आने का कारण पूछा तो महिला ने बताया कि वह बिहार प्रांत के सिवान जिले के मैरवा की रहने वाली हैं और यहां बेटी के पास आई हैं। कान में कुछ दिक्कत थी तो एम्स आ गई। यहां आने पर पता लगा कि आज छुट्टी है, लेकिन एक डॉक्टर साहब ने पर्चे पर दवाई लिख दी है। अब दवा लेने जा रही हैं।

संक्रामक वायरल रोग है पोलियो
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा ने बताया कि पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो पांच साल से कम आयु के बच्चों को प्रभावित करता है। यह मल, मौखिक मार्ग, दूषित पानी, आहार आदि के माध्यम से आंत में पनपता है और वहां से तंत्रिका तंत्र में पहुंच कर पक्षाघात उत्पन्न करता है।

पोलियो के प्रारंभिक लक्षणों में बुखार, थकान, सिरदर्द, उल्टी, गर्दन की अकड़न और अंगों में दर्द शामिल है। इसके कारण दिव्यांगता का खतरा रहता है। इसके कारण होने वाले पक्षाघात से पांच से दस फीसदी मामलों में मौत भी हो जाती है ।

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आज से 1494 टीमें घर-घर जाकर पिला रही दवा
गोरखपुर जिले पोलिया से प्रतिरक्षण के लिए चलने वाले अभियान के बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम ने बताया कि सोमवार से 1494 टीम 15 दिसंबर तक घर-घर जाकर दवा पिलाएंगी। जो बच्चे छूट जाएंगे उन्हें 17 दिसंबर को बी टीम दवा पिलाएगी। इस बार 6.47 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। सीएमओ डॉ.आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि पोलियो से बचाव का ड्रॉप बच्चों को जन्म के समय भी पिलाया जाता है। इसके बाद छह, दस और चौदह सप्ताह पर बच्चों को यह ड्रॉप पिलायी जाती है। इसकी बूस्टर डोज 16 से 24 महीने की उम्र में दी जाती है।

 

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