ठगी: बैंक लोन डाटा में सेंधमारी, किस्त बकाए के संदेश से खाली कर रहे खाता
लसाज सुबह 10 बजे से पहले ही फोन करते हैं, जब बैंक खुला भी नहीं रहता है। अब जल्दबाजी में लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं और भेजे गए लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिसके बाद खाते में किश्त जमा करने के बाद बची रकम जालसाज के खाते में चली जाती है।
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लोन के नाम पर जालसाजी की घटनाएं तो कई सामने आईं, लेकिन अब लोन की किस्त जमा करने या लेट पेमेंट से सीबी खराब होने का झांसा देकर जालसाज खाता खाली करने लगे हैं। सबसे बड़ी बात कि जालसाज सुबह 10 बजे से पहले ही फोन करते हैं, जब बैंक खुला भी नहीं रहता है। अब जल्दबाजी में लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं और भेजे गए लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिसके बाद खाते में किश्त जमा करने के बाद बची रकम जालसाज के खाते में चली जाती है।
जानकारी के मुातबिक, साइबर अपराधी लोन की ईएमआई देने वालों को काॅल करके उन्हें लोन की रुकी ईएमआई देने के लिए फोन पे, गूगल पे या संभावित फर्जी आईडी पर खुलवाए बैंक खाते में जमा करने के लिए कहते हैं। ईएमआई भरने वाले साइबर अपराधियों के झांसे में आकर अपनी किश्त की रकम साइबर अपराधियों के बताए गए फोन पे, गूगल पे व बैंक खाते में ट्रांसफर कर देते हैं।
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केस एक
कोतवाली इलाके के मियां बाजार के अब्दुल रहमान ने व्यक्तिगत लोन लिया है। हर आठ तारीख को उनकी किश्त कटती है। 9 दिसंबर की सुबह आठ बजे उनके मोबाइल पर फोन आया और बताया कि वह बैंक से बोल रहा है। 10 रुपये किश्त कम कटी है, जीएसटी बढ़ गया है। इसे तत्काल जमा कर दें, नहीं तो आप की सीबी खराब हो जाएगी। 10 रुपये की बात होने की वजह से उन्होंने ध्यान नहीं दिया है और लिंक पर 10 रुपये का भुगतान किया फिर खाते में बचे 24 सौ रुपये निकल गए।
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केस दो
रामगढ़ताल इलाके के रुस्तमपुर निवासी राकेश ने कार लोन लिया है। उनकी किश्त हर महीने की पांच तारीख को कटती है। छह नवंबर को इनके पास फोन आया और बताया कि किश्त में 70 रुपये कम जमा किए हैं। इसे जमा कर दें। उन्होंने सुबह फोन आने की वजह से संदेह जाहिर किया और बैंक आकर जमा करने की बात कही। इसके बाद 10 बजते ही उनके पास फोन आया कि बैंक आइए या तो जमा कर दीजिए। बैंक जाने पर पता चला कि उनके पास किसी कर्मचारी ने कॉल नहीं किया था।
- लोन ईएमआई के लिए फोन आए तो बैंक में जाकर पता करें, ऑनलाइन लेनदेन न करें।
- सुबह दस बजे से पहले फोन आने पर खुद ही सोच लेना चाहिए कि बैंक खुला ही नहीं होगा।
- किसी को भी ओटीपी या फिर खाते की जानकारी न दें।
- काॅल करने वाले व्यक्ति द्वारा दिए गए फोन पे, गूगल पे व बैंक खाता में ईएमआई के नाम पर कोई भी धनराशि जमा न करें।
- अगर साइबर अपराधी के झांसे में आकर आकर ईएमआई की किश्त के नाम पर धनराशि जमा कर दी गई है तो तत्काल अपने बैंक व साइबर सेल को सूचित करें।