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दो करोड़ लौटाना न पड़े, इसलिए कराई गई थी गोरखपुर के पुराने रईस की हत्या, पढ़ें क्या है मामला

Thu, 19 Mar 2020 08:46 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Thu, 19 Mar 2020 08:46 AM IST
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police arrested Accused Anil Sonkar for murder of nusrat ullah warsi in gorakhpur
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी।(इनसेट में नुसरत उल्लाह वारसी की फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

राजघाट इलाके के बनकटीचक स्थित घर में पुराने रईस नुसरत उल्लाह वारसी की हत्या के मामले का पुलिस ने बुधवार को जैसे-तैसे खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, नामजद आरोपित अनिल सोनकर ने जमीन दिलाने के लिए नुसरत से दो करोड़ रुपये लिए थे।

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रुपये लौटानी न पड़े, इसलिए अनिल ने तुर्कमानपुर निवासी पप्पू नाम के शूटर की मदद से हत्या कराई थी। पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुधवार को हार्बर्ट बंधे के रास्ते पर अनिल को दबोच लिया गया। अनिल के पास से गाड़ी भी बरामद की गई है।
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पुलिस का दावा है कि अनिल ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि उसने जमीन दिलाने के लिए नुसरत से दो करोड़ रुपये उधार लिए थे। हत्या के कुछ दिन पहले नुसरत लखनऊ गए थे और अनिल पर दबाव बनाकर दस लाख रुपये लेकर भी आए थे। बाकी की रकम वह लौटा नहीं पा रहा था।
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इसी बीच तुर्कमानपुर के पप्पू से अनिल ने मदद मांगी। पप्पू को अनिल ने पूर्व में तीन लाख रुपये उधार दिए थे। पप्पू ने उधार के बदले नुसरत की हत्या कर दी।

पुलिस को भी अनिल की ‘कहानी’ पर पूरी तरह भरोसा नहीं

गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर राजेश कुमार पांडेय, उप निरीक्षक राम सिंह, अवधेश मिश्रा, सिपाही योगेश्वर पांडेय, इंद्रजीत यादव, प्रकाश खरवार, आशीष कुमार, रजनीश प्रसाद आदि शामिल थे। इस खुलासे के साथ ही सवाल भी उठने लगे हैं। पुलिस जिस पप्पू को शूटर बता रही है, वह पकड़ से दूर है।

पुलिस का दावा है कि अनिल ने बताया है कि पप्पू का घर नहीं देखा है और ना ही उसके परिवार के बारे में ही उसे जानकारी है। यानी पप्पू शूटर है भी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। जब घर-परिवार का पता ही नहीं है, तो शूटर पप्पू कैसे पकड़ा जाएगा, पुलिस यह नहीं बता पा रही है।

पुलिस के मुताबिक, अनिल को हत्या के बदले पप्पू को कोई रकम भी नहीं देनी पड़ी, क्योंकि उसने पहले ही तीन लाख रुपये अनिल से उधार लिए थे। पुलिस भी अनिल की बताई वजह पर पूरी तरह से भरोसा नहीं कर रही है। पुलिस का अब भी यही कहना है कि जब तक शूटर दबोच नहीं लिया जाता, कुछ भी स्पष्ट नहीं है। जांच जारी है।
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