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दहेज के लालच में पत्नी और साले की कर दी थी हत्या, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
Fri, 06 Mar 2020 08:21 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, संतकबीरनगर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, संतकबीरनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 06 Mar 2020 08:21 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
साढ़े तीन साल पूर्व महुली क्षेत्र के अलीनगर में पत्नी और साले की हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय शंकर मिश्र ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20000 रूपये अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मेंहदावल क्षेत्र के नगपुर गांव निवासी संतोष तिवारी ने महुली थाने में प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी चचेरी बहन गोल्डी का विवाह 2013 में महुली क्षेत्र के अलीनगर के रहने वाले जयप्रकाश के साथ हुई थी। विवाह के बाद उसके पति व ससुराल वाले दहेज की मांग करने लगे। दहेज के खातिर ही चचेरी बहन को परेशान करने लगे।
रिश्तेदारों व घर वालों ने काफी समझाया, लेकिन ससुराल के लोग नहीं माने। अप्रैल 2016 में उसकी चचेरी बहन मायके में शादी कार्यक्रम में आई थी। 10 मई 2016 को भाई हिमांशु चचेरी बहन गोल्डी को लेकर उसके ससुराल अलीनगर छोड़ने गया था। 26 मई 2016 को चचेरी बहन के पति, सास,ससुर व जेठ मिलकर उसके बहन गोल्डी व भाई हिमांशु की हत्या कर दिया।
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महुली पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया। विवेचक की ओर से आरोप पत्र आरोपी पति जयप्रकाश के विरुद्ध न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आनंद राय ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में अभियोजन की तरफ से 15 साक्षियों का साक्ष्य पूर्ण कराया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशंकर मिश्र ने अभियुक्त पति जयप्रकाश को हत्या का दोषी पाते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।अर्थदंड न अदा करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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मेंहदावल क्षेत्र के नगपुर गांव निवासी संतोष तिवारी ने महुली थाने में प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी चचेरी बहन गोल्डी का विवाह 2013 में महुली क्षेत्र के अलीनगर के रहने वाले जयप्रकाश के साथ हुई थी। विवाह के बाद उसके पति व ससुराल वाले दहेज की मांग करने लगे। दहेज के खातिर ही चचेरी बहन को परेशान करने लगे।
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रिश्तेदारों व घर वालों ने काफी समझाया, लेकिन ससुराल के लोग नहीं माने। अप्रैल 2016 में उसकी चचेरी बहन मायके में शादी कार्यक्रम में आई थी। 10 मई 2016 को भाई हिमांशु चचेरी बहन गोल्डी को लेकर उसके ससुराल अलीनगर छोड़ने गया था। 26 मई 2016 को चचेरी बहन के पति, सास,ससुर व जेठ मिलकर उसके बहन गोल्डी व भाई हिमांशु की हत्या कर दिया।
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महुली पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया। विवेचक की ओर से आरोप पत्र आरोपी पति जयप्रकाश के विरुद्ध न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आनंद राय ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में अभियोजन की तरफ से 15 साक्षियों का साक्ष्य पूर्ण कराया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशंकर मिश्र ने अभियुक्त पति जयप्रकाश को हत्या का दोषी पाते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।अर्थदंड न अदा करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।