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विश्व कैंसर दिवस पर विशेष: थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो दूर रह सकते हैं इस बीमारी से
Tue, 04 Feb 2020 12:02 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Tue, 04 Feb 2020 12:02 PM IST
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महिलाओं में होने वाला बच्चेदानी का कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा है। वहीं स्तन कैंसर के ज्यादा मरीज शहरी क्षेत्र के हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सालाना कैंसर के करीब 13 हजार मरीज इलाज करवाते हैं।
पूर्वांचल में कैंसर के मरीज तेजी से बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज में तीन साल पहले जहां कैंसर मरीजों की संख्या आठ हजार के करीब थी वह बढ़कर अब 13 हजार पहुंच गई है।
बच्चेदानी के मुंह का कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे सामान्य कैंसर है। हर महीने करीब 300 से अधिक महिलाएं सिर्फ बीआरडी में इलाज कराने पहुंच रही हैं। बीआरडी के कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ आरके रावत ने बताया कि बच्चेदानी का कैंसर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस से होता है।
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पूर्वांचल में कैंसर के मरीज तेजी से बढ़े हैं। मेडिकल कॉलेज में तीन साल पहले जहां कैंसर मरीजों की संख्या आठ हजार के करीब थी वह बढ़कर अब 13 हजार पहुंच गई है।
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बच्चेदानी के मुंह का कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे सामान्य कैंसर है। हर महीने करीब 300 से अधिक महिलाएं सिर्फ बीआरडी में इलाज कराने पहुंच रही हैं। बीआरडी के कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ आरके रावत ने बताया कि बच्चेदानी का कैंसर ह्यूमन पेपिलोमा वायरस से होता है।
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cancer
- फोटो : pixa
सावधानी बरतें तो समय से जान सकते हैं बीमारी
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रूप कुमार बनर्जी कहते हैं, अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचान सकते हैं। इस बीमारी का इलाज करा सकते हैं। होम्योपैथी से कैंसर को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
पुरुषों को बीमार कर रहा है तंबाकू
कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ आरके रावत ने बताया कि पुरुषों में मुंह के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण तंबाकू का बढ़ता सेवन है। कैंसर सर्विक्स की तरह ही ओरल कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या भी कुल ओपीडी में 20 से फीसदी फीसदी है।
इससे हो सकता है कैंसर
तंबाकू या पान मसाला, अत्यधिक शराब का सेवन, हेपेटाइटिस बी और सी, अनुवांशिकी, किसी दवा के कारण, अव्यवस्थित जीवन-शैली।
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रूप कुमार बनर्जी कहते हैं, अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचान सकते हैं। इस बीमारी का इलाज करा सकते हैं। होम्योपैथी से कैंसर को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
पुरुषों को बीमार कर रहा है तंबाकू
कैंसर विभाग के अध्यक्ष डॉ आरके रावत ने बताया कि पुरुषों में मुंह के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण तंबाकू का बढ़ता सेवन है। कैंसर सर्विक्स की तरह ही ओरल कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या भी कुल ओपीडी में 20 से फीसदी फीसदी है।
इससे हो सकता है कैंसर
तंबाकू या पान मसाला, अत्यधिक शराब का सेवन, हेपेटाइटिस बी और सी, अनुवांशिकी, किसी दवा के कारण, अव्यवस्थित जीवन-शैली।