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साढ़े आठ घंटे तक संक्रमित मां को लेकर काटता रहा अस्पतालों के चक्कर, सबने मुंह फेरा

Sun, 19 Jul 2020 09:50 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 19 Jul 2020 09:50 AM IST
सार

  • निजी अस्पताल ने किया बीआरडी रेफर, मेडिकल कालेज ने वेंटीलेटर फुल होने का हवाला देकर लौटाया
  • एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद शनिवार रात 11.25 बजे एक निजी अस्पताल में किया गया भर्ती 

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BRD Medical College not admitted corona patient after son wandering infected mother in hospitals from eight hours
फाइल फोटो। - फोटो : PTI

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमित बुजुर्ग मां को एक बेटा साढ़े आठ घंटे तक शहर के एक अस्पताल से लेकर दूसरे अस्पताल तक चक्कर काटता रहा, गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन न सरकारी और न ही निजी अस्पताल ने मां को भर्ती किया। देर रात 11.25 बजे एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद बुजुर्ग महिला को एक निजी अस्पताल ने काफी ना-नुकुर के बाद भर्ती किया।

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जानकारी के मुताबिक फल मंडी के पीछे रहने वाली 67 वर्षीय बुजुर्ग महिला की तबीयत 16 जुलाई को खराब हुई थी। परिजन उसी दिन देर रात महिला को दाउदपुर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। डॉक्टरों ने कोविड-19 जांच की सलाह दी। इसके बाद निजी लैब से जांच कराई गई तो शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद निजी अस्पताल प्रबंधन ने दोपहर तीन बजे के करीब मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बेटा अपनी मां को लेकर बीआरडी पहुंचा, तो वहां वेंटीलेटर फुल होने का हवाला देते हुए वापस कर दिया गया।

इसके बाद परिजन उसे लेकर  रेलवे अस्पताल, फिर स्पोर्ट्स कॉलेज गए। इन अस्पतालों से यह कहकर वापस कर दिया गया कि यहां केवल अलक्षणिक मरीज भर्ती होते हैं। थक हारकर बुजुर्ग मां को लेकर बेटा जिला अस्पताल आया। यहां भी मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया।

इसके बाद परिजनों ने सीएमओ से फोन पर बात की। जिसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने बीआरडी रेफर करने के कागजात बनाए और 108 एंबुलेंस उपलब्ध कराई। देर रात नौ बजे के करीब परिजन संक्रमित को लेकर फिर बीआरडी पहुंचे, जहां उन्हें दोबारा भर्ती करने से मना कर दिया गया है। देर रात 11.25 बजे एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल एक निजी अस्पताल पहुंचे। यहां एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद बुजुर्ग महिला को भर्ती किया गया।
 
बीआरडी प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड वार्ड फुल हो गया है। 40 बेड के वेंटीलेटर भी फुल हैं। इसकी वजह से मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। इसकी जानकारी सीएमओ को भी दी गई है। जब तक वेंटीलेंटर खाली नहीं होंगे, तब तक गंभीर मरीजों को भी हम लोग भर्ती नहीं कर सकते हैं। सबसे मेडिकल कॉलेज सीधे रेफर करने के लिए मना किया जा रहा है, फिर भी लोग मान नहीं रहे हैं।
 
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सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन पहले सीएमओ को सूचना देगा। सीएमओ जहां कहेंगे वहीं मरीज को अस्पताल रेफर करेंगे। इस मामले में अस्पताल संचालक को निर्देशित किया गया है कि वह मरीज को भर्ती करें। जब तक बीआरडी में बेड नहीं खाली होंगे, तब तक उसका इलाज अस्पताल प्रशासन करेगा।

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