पूर्वांचल में इकलौते निजी अस्पताल को कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। वैक्सीन के लिए शहर के राणा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को ट्रायल की अनुमति मिली है, लेकिन 10 दिन से अधिक का समय बीतने के बाद भी अभी तक रिसर्च टीम को वैक्सीन नहीं मिली।
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इसे लेकर रिसर्च सेंटर ने भारत बायोटेक को पत्र लिखा है। रिसर्च टीम का कहना है कि जब तक वैक्सीन नहीं मिलेगी तब तक ट्रायल नहीं शुरू होगा।
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गोरखपुर राणा हॉस्पिटल।
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आईसीएमआर की मदद से भारत बायोटेक ने कोरोना की कोवैक्सीन बनाई है। इसके ट्रायल के लिए आईसीएमआर और भारत बायोटेक ने देश भर में 12 सेंटरों का चयन किया था। इनमें गोरखपुर का राणा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भी शामिल है।
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कोरोना वायरस की जांच
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वैक्सीन ट्रायल को लेकर एक जुलाई को आईसीएमआर का पत्र भी अस्पताल प्रबंधन को मिला था। पत्र के मुताबिक सात जुलाई तक ट्रायल शुरू करना था। वैक्सीन ट्रायल के लिए रिसर्चर के तौर पर डॉ. अजीत प्रताप सिंह और डॉ. सोना घोष का चयन हुआ है।
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कोरोना वायरस।
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हॉस्पिटल के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर वेंकटेश ने बताया कि वैक्सीन ट्रायल को लेकर अस्पताल का अनुभव पुराना है। हॉस्पिटल में टाइफायड और जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के वैक्सीन का सफल ट्रायल हो चुका है। दोनों का 100 वॉलेंटियर पर ट्रायल हुआ था। रिजल्ट बेहतरीन थे। ट्रायल के दौरान सभी मानक पूरे किए गए थे। इसकी वजह से भारत बायोटेक ने अस्पताल का चयन किया है।