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बेसिक शिक्षा मंत्री ने पढ़ाया शिक्षिका को जिम्मेदारी का पाठ, बोले- 'घर बैठे नहीं मिलेगी तनख्वाह'

Wed, 08 Jul 2020 02:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 08 Jul 2020 02:33 PM IST
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Basic Education Minister taught teacher for responsibility in viral audio
सांकेतिक तस्वीर।

सोशल मीडिया के प्लेटफार्म में कुछ दिनों से एक शिक्षिका और बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद द्विवेदी के बीच बातचीत का एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। एक मिनट 53 सेकेंड के ऑडियो क्लिप में एक शिक्षिका की ओर से कोरोना संकट के बीच अध्यापकों को स्कूल बुलाए जाने के आदेश पर सवाल उठाया जा रहा है। जिसका मंत्री की ओर से माकूल जवाब दिया जाता है।

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इस क्लिप में मंत्री की ओर से स्पष्ट कहा जाता है कि एएनएम, महिला डॉक्टर, पुलिस और लेखपाल की ओर से कोरोना काल में सेवाएं दी जा रही है। ऐसे में शिक्षक किसी विशेष वर्ग से नहीं हैं। जिन्हें केवल कोरोना का डर सता रहा है और स्कूल बंद करके उन्हें घर बिठाकर तनख्वाह दी जाए। अमर उजाला इस ऑडियो क्लिप की कोई पुष्टि नहीं करता है।
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शिक्षिकाः मेरा बेटा दो महीने का है। व्यर्थ में ही शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चे नहीं है। कोई ऐसा कार्य नहीं चल रहा है। जो हम लोगों के गए बिना रूक जाए। कोरोना की समस्या सभी के लिए है। हमारी...
मंत्रीः ... बीच में टोकते हुए। महिला लेखपाल, पुलिस, डॉक्टर और एनएनएम काम पर जा रहीं हैं कि नहीं। क्या उनके बच्चे नहीं है, उनका परिवार नहीं हैं। आप लोगों को भीड़ में नहीं भेजा जा रहा है। घर से निकलना है, सीधे स्कूल जाना है। वहां से घर आना है।
 

मंत्री ने फेसबुक वाल पर लिखा, अब पत्राचार से ही होगा संवाद

शिक्षिकाः सर बच्चे को लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से स्कूल जाना पड़ता है
मंत्रीः सभी सरकारी मुलाजिमों के साथ एक जैसा व्यवहार होगा। कोरोना महामारी अध्यापकों के लिए ही नहीं है कि केवल उन्हें बचाकर रखना है और बाकि सरकारी महिला मुलाजिमों को झोंक देना है। ये नहीं चलेगा। घर बैठे तनख्वाह नहीं मिलेगी। ये तरीका नहीं है।

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शिक्षिकाः मगर विद्यालय में कोई काम नहीं चल रहा है
मंत्रीः साल भर अगर विद्यालय नहीं चलेगा तो क्या आप घर बैठकर तनख्वाह लेंगे। ये सही नहीं है, घर रहना है तो लिखकर दे दिजिए तनख्वाह नहीं चाहिए। बाकि लोगों के बारे में सोचिए, जो अपनी जान जोखिम में डालकर डॉक्टर और एएनएम काम कर रहीं है। अगर वो विरोध करने लगेंगे तो क्या होगा। खुद भी शिक्षक रहा हूं। हमें कोई विशेषाधिकार तो नहीं है।

अमर उजाला इस ऑडियो की पुष्टि तो नहीं करता है, मगर सोशल मीडिया पर ही बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद द्विवेदी का एक और संदेश वायरल हो रहा है। जिसमें मंत्री ने सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत बातचीत और संदेश को वायरल करने पर दुख जताया है।

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लिखा है कि शिक्षकों से अब फोन या व्हाट्सएप पर आने वाले संदेशों का वो जवाब नहीं देंगे। अब अगर किसी को बात करनी तो केवल पत्राचार से संवाद होगा। मंत्री बनने के बाद बिना किसी प्रोटोकॉल के मैंने शिक्षक साथियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए थे। मगर शिक्षक साथियों के दुराग्रह की वजह अब इसे बंद कर रहा हूं।

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