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Tillu Tajpuriya Murder: सामने आई टिल्लू ताजपुरिया के हत्यारों की तस्वीरें, कैमरों के बीच सरिये से बना लिए सुए
Wed, 03 May 2023 11:42 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 03 May 2023 11:42 AM IST
सार
गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या करने वाले कातिलों की तस्वीरें सामने आई है। उधर, तिहाड़ जेल पर सवाल उठ रहे हैं। हाई सिक्योरिटी का दावा फेल हो गया है। सेल के सीसीटीवी कैमरों के बीच कैदियों ने सरिये से सुए बना लिए थे।
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Tillu Tajpuriya
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या ने तिहाड़ जेल की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े किए हैं। गिरोह में रंजिश के बावजूद उन्हें एक ही जेल में रखना, सीसीटीवी कैमरों के बीच कैदियों का सरिये से सुए तैयार कर लेना और हाई सिक्योरिटी सेल की तलाशी में लापरवाही बरते जाने से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है।
टिल्लू पर हमला करने वाले बदमाश ऊपरी मंजिल पर थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रंजिश रखने वाले दो गिरोह के बदमाशों को एक ही जेल में कैसे रखा गया था। नियमों के मुताबिक, खतरनाक कैदियों के मामले में जेल मुहैया कराने से पहले प्रशासन को कई बातों पर विचार करना होता है।
इसमें सबसे पहली व अनिवार्य शर्त यह होती है कि जिस जेल में कैदी को रखा जा रहा है, वहां विरोधी गिरोह के बदमाश न हों, लेकिन नियम की अनदेखी की गई। वहीं, जेल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि लोहे की ग्रिल काटकर सुए जेल के भीतर बनाए गए थे।
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ऐसे में सवाल पैदा होता है कि हमलावरों के पास ग्रिल काटने का औजार कहां से आया। वहीं, जब हमलावर हथियार बना रहे थे तो सीसीटीवी की निगरानी करने वालों को कैसे पता नहीं चला। सेल में रोजाना तलाशी ली जाती है।
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टिल्लू पर हमला करने वाले बदमाश ऊपरी मंजिल पर थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रंजिश रखने वाले दो गिरोह के बदमाशों को एक ही जेल में कैसे रखा गया था। नियमों के मुताबिक, खतरनाक कैदियों के मामले में जेल मुहैया कराने से पहले प्रशासन को कई बातों पर विचार करना होता है।
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इसमें सबसे पहली व अनिवार्य शर्त यह होती है कि जिस जेल में कैदी को रखा जा रहा है, वहां विरोधी गिरोह के बदमाश न हों, लेकिन नियम की अनदेखी की गई। वहीं, जेल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि लोहे की ग्रिल काटकर सुए जेल के भीतर बनाए गए थे।
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ऐसे में सवाल पैदा होता है कि हमलावरों के पास ग्रिल काटने का औजार कहां से आया। वहीं, जब हमलावर हथियार बना रहे थे तो सीसीटीवी की निगरानी करने वालों को कैसे पता नहीं चला। सेल में रोजाना तलाशी ली जाती है।
ऐसे में तलाशी के दौरान कोताही बरती गई है। तलाशी की जिम्मेदारी जेल कर्मियों के साथ तमिलनाडु पुलिस की है। हाई सिक्योरिटी सेल में आने वाले सभी कैदियों की लगातार तलाशी होती है। ऐसे में अगर बाहर से औजार या सुए लाए गए तो तलाशी अभियान में पकड़ में क्यों नहीं आए।
प्रिंस तेवतिया की हत्या के बाद भी सबक नहीं
तिहाड़ में लॉरेंस बिश्नोई के साथी प्रिंस तेवतिया की हत्या के बाद भी जेल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। मंगलवार को जेल में टिल्लू की हत्या इस बात की पुष्टि कर रही है। इन हत्याओं से यह बात जाहिर होती है कि जेल कर्मियों का कैदियों पर कोई अंकुश नहीं है। कैदी आसानी से वारदात कर रहे हैं। प्रिंस के मामले में भी देखा गया कि जिन हमलावरों ने उस पर हमला किया था, वे भी विरोधी गिरोह के बदमाश थे और एक ही जेल में बंद थे।
तिहाड़ में लॉरेंस बिश्नोई के साथी प्रिंस तेवतिया की हत्या के बाद भी जेल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। मंगलवार को जेल में टिल्लू की हत्या इस बात की पुष्टि कर रही है। इन हत्याओं से यह बात जाहिर होती है कि जेल कर्मियों का कैदियों पर कोई अंकुश नहीं है। कैदी आसानी से वारदात कर रहे हैं। प्रिंस के मामले में भी देखा गया कि जिन हमलावरों ने उस पर हमला किया था, वे भी विरोधी गिरोह के बदमाश थे और एक ही जेल में बंद थे।
हत्या में शामिल बदमाश
-योगेश उर्फ टुंडा (27) निवासी भट्ट गांव, सोनीपत
-दीपक उर्फ तितर (27) निवासी माजरा, डबास गांव
-रियाज खान (39) निवासी जेजे कैंप, समयपुर बादली
-राजेश उर्फ करमवीर (42) निवासी कंझावला रोड, बवाना
-योगेश उर्फ टुंडा (27) निवासी भट्ट गांव, सोनीपत
-दीपक उर्फ तितर (27) निवासी माजरा, डबास गांव
-रियाज खान (39) निवासी जेजे कैंप, समयपुर बादली
-राजेश उर्फ करमवीर (42) निवासी कंझावला रोड, बवाना
गांव में तनाव की आशंका पर पुलिस बल तैनात
टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद उसके ताजपुर गांव में अजीब सन्नाटा पसर गया। घटना के जानकारी मिलते ही लोग उसके घर पहुंचने लगे। गांव और घर पर भीड़ बढ़ने के साथ ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। वहीं, किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। गांव से महज आठ किलोमीटर दूर जितेंद्र गोगी के गांव अलीपुर में भी पुलिस बल तैनात किया गया।
टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद उसके ताजपुर गांव में अजीब सन्नाटा पसर गया। घटना के जानकारी मिलते ही लोग उसके घर पहुंचने लगे। गांव और घर पर भीड़ बढ़ने के साथ ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। वहीं, किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। गांव से महज आठ किलोमीटर दूर जितेंद्र गोगी के गांव अलीपुर में भी पुलिस बल तैनात किया गया।
लोगों का लगा जमावड़ा, वीडियो रिकार्डिंग भी की गई
सुबह जेल में टिल्लू की हत्या की सूचना आग की तरह फैली और ताजपुर गांव में टिल्लू के घर के सामने लोगों का जमावड़ा लगने लगा। इसी बीच स्थानीय पुलिस भी टिल्लू के घर पहुंची और हत्या की जानकारी दी। परिजनों को शव की शिनाख्त के लिए अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया। टिल्लू के परिवार के कुछ लोग अस्पताल पहुंचे, जबकि अन्य सदस्य घर पर ही रहे। वहीं, घर पर भीड़ बढ़ती देख पुलिस के जवान बिना वर्दी के भी तैनात हो गए।
सुबह जेल में टिल्लू की हत्या की सूचना आग की तरह फैली और ताजपुर गांव में टिल्लू के घर के सामने लोगों का जमावड़ा लगने लगा। इसी बीच स्थानीय पुलिस भी टिल्लू के घर पहुंची और हत्या की जानकारी दी। परिजनों को शव की शिनाख्त के लिए अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया। टिल्लू के परिवार के कुछ लोग अस्पताल पहुंचे, जबकि अन्य सदस्य घर पर ही रहे। वहीं, घर पर भीड़ बढ़ती देख पुलिस के जवान बिना वर्दी के भी तैनात हो गए।
वीडियो रिकार्डिंग भी की जा रही थी। गांव के रास्ते में भी पीसीआर और थाने की पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त कर रही थीं। पोस्टमार्टम होने के बाद शाम करीब पांच बजे परिवार वाले टिल्लू का शव लेकर गांव पहुंचे। घर में कुछ देर शव को रखा गया जहां माहौल गमगीन हो गया। शव यात्रा में करीब चार सौ लोग शामिल हुए। इसके बाद भाई ने टिल्लू का अंतिम संस्कार कर दिया।