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Noida News: कच्चे माल की महंगाई से उद्योगों पर संकट
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- उद्यमियों के अनुसार उत्पादन लागत 10 प्रतिशत तक बढ़ी, सरकार से राहत देने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से शहर के उद्यमी परेशान हैं। उद्यमियों के अनुसार उत्पादन लागत 7 से 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जबकि ग्राहक तैयार माल की कीमत बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में एमएसएमई इकाइयों का मुनाफा घट रहा है और कारोबार चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। उद्यमियों ने सरकार से हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।
आईईए अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कागज की कीमत 3 से 4 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ी है। कॉपर की कीमत एक माह में 1200 से बढ़कर करीब 1550 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। प्लास्टिक दाने की कीमत में भी 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। वहीं, पीवीसी की कीमत 110 से बढ़कर 125 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि कच्चे माल की कीमत बढ़ने के बावजूद ग्राहक पुराने दाम पर ही माल मांग रहे हैं। इससे उद्यमियों का मुनाफा कम हो गया है। कई उद्यमी नुकसान के बावजूद ग्राहकों को समय पर माल उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन जारी रखे हुए हैं।
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दो माह में क्राफ्ट पेपर 30 प्रतिशत महंगा
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र आर्थिक दबाव से गुजर रहा है। गत्ते के डिब्बे, पैकेजिंग, प्लास्टिक, पॉलीबैग, फोम और इंजीनियरिंग समेत कई उद्योग बढ़ती उत्पादन लागत और कार्यशील पूंजी की कमी से प्रभावित हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो माह में क्राफ्ट पेपर की कीमत करीब 25 से 30 प्रतिशत बढ़ी है। पॉलीमर, प्लास्टिक दाना, स्टील, कॉपर और एल्युमिनियम की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हुई है। कई कच्चे माल के दाम हर दूसरे-तीसरे दिन बदल रहे हैं, जिससे लागत तय करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से पेपर निर्माताओं, डीलरों और उद्यमियों की बैठक बुलाकर कीमतों पर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से शहर के उद्यमी परेशान हैं। उद्यमियों के अनुसार उत्पादन लागत 7 से 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जबकि ग्राहक तैयार माल की कीमत बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में एमएसएमई इकाइयों का मुनाफा घट रहा है और कारोबार चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। उद्यमियों ने सरकार से हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।
आईईए अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कागज की कीमत 3 से 4 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ी है। कॉपर की कीमत एक माह में 1200 से बढ़कर करीब 1550 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। प्लास्टिक दाने की कीमत में भी 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। वहीं, पीवीसी की कीमत 110 से बढ़कर 125 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
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उन्होंने बताया कि कच्चे माल की कीमत बढ़ने के बावजूद ग्राहक पुराने दाम पर ही माल मांग रहे हैं। इससे उद्यमियों का मुनाफा कम हो गया है। कई उद्यमी नुकसान के बावजूद ग्राहकों को समय पर माल उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन जारी रखे हुए हैं।
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दो माह में क्राफ्ट पेपर 30 प्रतिशत महंगा
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र आर्थिक दबाव से गुजर रहा है। गत्ते के डिब्बे, पैकेजिंग, प्लास्टिक, पॉलीबैग, फोम और इंजीनियरिंग समेत कई उद्योग बढ़ती उत्पादन लागत और कार्यशील पूंजी की कमी से प्रभावित हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो माह में क्राफ्ट पेपर की कीमत करीब 25 से 30 प्रतिशत बढ़ी है। पॉलीमर, प्लास्टिक दाना, स्टील, कॉपर और एल्युमिनियम की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हुई है। कई कच्चे माल के दाम हर दूसरे-तीसरे दिन बदल रहे हैं, जिससे लागत तय करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से पेपर निर्माताओं, डीलरों और उद्यमियों की बैठक बुलाकर कीमतों पर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।