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सरिता विहार में वृद्घा की हत्या की गुत्थी सुलझी-
Updated Thu, 22 Nov 2018 06:35 AM IST
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हरदोई (यूपी) के ध्यानार्थ
पड़ोसी के ड्राइवर ने लूटपाट के लिए की थी वृद्धा की हत्या
सरिता विहार में सावित्री पांडेय की हत्या की गुत्थी सुलझी, आरोपी गिरफ्तार
आरोपी के कब्जे से लूटी गई ज्वैलरी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने सरिता विहार में 17 नवंबर को हुई वृद्धा सावित्री पांडेय की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। पड़ोसी के ड्राइवर ने लूटपाट के लिए वृद्धा की हत्या की थी। जिला पुलिस ने आरोपी ड्राइवर महबूब (51) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से लूटी गई ज्वैलरी बरामद कर ली गई है। आरोपी पहली बार लेटर देने के बहाने पीड़ित परिवार के घर में घुसा था और रेकी की थी।
दक्षिण-पूर्वी जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि एल-पॉकेट, सरिता विहार में सावित्री पांडेय (73) की हत्या की सूचना 17 नवंबर को रात सात बजे मिली थी। शव ड्राइंग रूम में सोफे पर पड़ा हुआ था और गला कटा हुआ था। पुलिस को घटना स्थल से बड़ा वाला चाकू मिला।
उनके पति राधा कृष्णा पांडेय शाम साढ़े छह बजे घर लौटे, तो देखा कि सावित्री देवी का गला कटा हुआ था। वह बेटे व पड़ोसियों की सहायता से उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला दर्ज कर 16 टीमें बनाई गईं।
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पुलिस टीमों ने कई पॉकेट की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और 100 लोगों से पूछताछ की गई। आखिरकार पुलिस पड़ोसी के ड्राइवर महबूब तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
मूलरूप से हरदोई (यूपी) निवासी महबूब ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। दिल्ली में वह मदनपुर खादर में रहता था। वह पीड़ित परिवार के पड़ोस में पांच-छह महीने से काम कर रहा था।
ड्राइवर की नौकरी से ज्यादा कमाई नहीं होती थी
महबूब ने बताया कि ड्राइवर की नौकरी से उसे ज्यादा कमाई नहीं होती थी। ऐसे में उसने लूटपाट की साजिश रची। उसने बड़ा वाला चाकू खरीदा और लूटपाट करने के लिए सुबह घर से एक दिन निकला, मगर उसे कोई शिकार नहीं मिला। ऐसे में उसने मालिक के पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग दंपती से लूटपाट की साजिश रची। उसे लगता था कि दंपती के पास काफी पैसा है।
पत्र देने के बहाने घर में घुसकर की थी रेकी
महबूब ने बताया उसने करीब 15 दिन पहले पीड़ित परिवार के घर के बाहर से लेटर उठाया था। लेटर देने के बहाने वह घर में घुस गया। इस बहाने उसने घर की रेकी की। उसने जानबूझकर घर में अपना हेलमेट छोड़ दिया था। वह हेलमेट लेने के बहाने फिर से घर में घुसा। दो दिन पहले वह वृद्धा के पास गया और एक लाख रुपये मांगे थे। वृद्धा ने पैसे देने से मना कर दिया था।
विरोध करने पर गला काट दिया
आरोपी 17 नवंबर को शाम साढ़े पांच बजे वृद्धा के घर में घुसा। उस समय वृद्धा अकेली थी। उसने चाकू दिखाकर धमकाया और ज्वैलरी देने की बात कही। जब वृद्धा ने विरोध किया और ज्वैलरी देने से मना कर दिया, तो आरोपी ने उसका गला काट दिया। उसने वृद्धा की सोने की चेन व कड़े उतार लिए। अगले दिन उसने ज्वैलरी कोटला मुबारकपुर में बेच दी थी।
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पड़ोसी के ड्राइवर ने लूटपाट के लिए की थी वृद्धा की हत्या
सरिता विहार में सावित्री पांडेय की हत्या की गुत्थी सुलझी, आरोपी गिरफ्तार
आरोपी के कब्जे से लूटी गई ज्वैलरी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने सरिता विहार में 17 नवंबर को हुई वृद्धा सावित्री पांडेय की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। पड़ोसी के ड्राइवर ने लूटपाट के लिए वृद्धा की हत्या की थी। जिला पुलिस ने आरोपी ड्राइवर महबूब (51) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से लूटी गई ज्वैलरी बरामद कर ली गई है। आरोपी पहली बार लेटर देने के बहाने पीड़ित परिवार के घर में घुसा था और रेकी की थी।
दक्षिण-पूर्वी जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि एल-पॉकेट, सरिता विहार में सावित्री पांडेय (73) की हत्या की सूचना 17 नवंबर को रात सात बजे मिली थी। शव ड्राइंग रूम में सोफे पर पड़ा हुआ था और गला कटा हुआ था। पुलिस को घटना स्थल से बड़ा वाला चाकू मिला।
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उनके पति राधा कृष्णा पांडेय शाम साढ़े छह बजे घर लौटे, तो देखा कि सावित्री देवी का गला कटा हुआ था। वह बेटे व पड़ोसियों की सहायता से उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला दर्ज कर 16 टीमें बनाई गईं।
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पुलिस टीमों ने कई पॉकेट की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और 100 लोगों से पूछताछ की गई। आखिरकार पुलिस पड़ोसी के ड्राइवर महबूब तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
मूलरूप से हरदोई (यूपी) निवासी महबूब ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। दिल्ली में वह मदनपुर खादर में रहता था। वह पीड़ित परिवार के पड़ोस में पांच-छह महीने से काम कर रहा था।
ड्राइवर की नौकरी से ज्यादा कमाई नहीं होती थी
महबूब ने बताया कि ड्राइवर की नौकरी से उसे ज्यादा कमाई नहीं होती थी। ऐसे में उसने लूटपाट की साजिश रची। उसने बड़ा वाला चाकू खरीदा और लूटपाट करने के लिए सुबह घर से एक दिन निकला, मगर उसे कोई शिकार नहीं मिला। ऐसे में उसने मालिक के पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग दंपती से लूटपाट की साजिश रची। उसे लगता था कि दंपती के पास काफी पैसा है।
पत्र देने के बहाने घर में घुसकर की थी रेकी
महबूब ने बताया उसने करीब 15 दिन पहले पीड़ित परिवार के घर के बाहर से लेटर उठाया था। लेटर देने के बहाने वह घर में घुस गया। इस बहाने उसने घर की रेकी की। उसने जानबूझकर घर में अपना हेलमेट छोड़ दिया था। वह हेलमेट लेने के बहाने फिर से घर में घुसा। दो दिन पहले वह वृद्धा के पास गया और एक लाख रुपये मांगे थे। वृद्धा ने पैसे देने से मना कर दिया था।
विरोध करने पर गला काट दिया
आरोपी 17 नवंबर को शाम साढ़े पांच बजे वृद्धा के घर में घुसा। उस समय वृद्धा अकेली थी। उसने चाकू दिखाकर धमकाया और ज्वैलरी देने की बात कही। जब वृद्धा ने विरोध किया और ज्वैलरी देने से मना कर दिया, तो आरोपी ने उसका गला काट दिया। उसने वृद्धा की सोने की चेन व कड़े उतार लिए। अगले दिन उसने ज्वैलरी कोटला मुबारकपुर में बेच दी थी।