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मोबाइल टावरों पर निगम रोक क्यों नहीं लगा सकता साहब
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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साहब हम लोग संजय कॉलोनी सेक्टर 23 में रहते हैं। जीवनभर की कमाई किसी तरह एकत्र कर एक छत बनाई है लेकिन उसमें भी रहना दुश्वार हो गया है। आखिर मोबाइल टावरों पर नगर निगम रोक क्यों नहीं लगा सकता। हम लोग कॉलोनी में रहते हैं इसलिए मरने के लिए छोड़ दिया गया है।
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शुक्रवार को संजय कॉलोनी के लोगों ने घनी आबादी के बीच लगे मोबाइल टावर की समस्या को लेकर संयुक्त आयुक्त के सामने अपना दुखड़ा रोया। संयुक्त आयुक्त ने हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कर मदद करने से इंकार कर दिया।
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कॉलानी के डी ब्लॉक निवासी विध्याचल गुप्ता, प्रभा सिंह, कौशल्या, महेश चंद्र भाटिया, सतीश कुमार, गौरव गुप्ता, ममता गुप्ता, भगवान देवी, शिशुपाल, रोहित उपाध्याय आदि का कहना था कि घनी आबादी में पिछले आठ साल से मोबाइल टावर लगा हुआ है।
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टावर में पहले एक दो ही उपकरण लगे हुए थे लेकिन अब इनकी संख्या अनगिनत हो गई है। उनका ये भी आरोप है कि टावर किसी भी शर्तों को पूरा नहीं करता है। टावर से निकलने वाले रेडिएशन के कारण कॉलोनी के लोग ब्लड कैंसर, गले का कैंसर, पेट का कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, सिरदर्द आदि बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
कई बार उपकरण उनकी छतों पर भी गिर पड़े हैं। शुक्रवार को 25-30 स्थानीय लोगों ने संयुक्त आयुक्त मुकेश सोलंकी से मुलाकात की और दुखड़ा रोते हुए शिकायती पत्र सौंप दिया लेकिन वहां से निराशा हाथ लगी।
लोगों का कहना था कि साहब हमने अपनी पूरी जिंदगी भर की कमाई लगाकर किसी तरह छत बनाई है। हमारे सुरक्षित जीवन जीने की व्यवस्था की जाए। लोगों ने कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो वह कुछ बड़ा फैसला लेने को मजबूर होंगे।