Israel Embassy Blast: घटनास्थल से मिले लैटर पर नहीं मिले फिंगर प्रिंट, नीली जैकेट वाले संदिग्ध की तलाश जारी
पुलिस सूत्रों ने कहा है कि घटनास्थल से पत्र बरामद होने के तुरंत बाद, इसे उंगलियों के निशान की जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजा गया था। एक सूत्र ने कहा, प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार पत्र पर कोई उंगलियों के निशान नहीं पाए गए हैं।
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इस्राइली दूतावास के समीप बम धमाका वाले घटनास्थल से पुलिस को मिले धमकी भरे पत्र पर पुलिस को कोई उंगलियों के निशान नहीं पाए गए हैं। इस्राइल दूतावास के पास 26 दिसंबर को कम तीव्रता का विस्फोट हुआ था। यह विस्फोट प्लॉट नंबर 4 पर एक घर की चहारदीवारी- नंदा हाउस और केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण के बीच के क्षेत्र पृथ्वीराज रोड पर प्लॉट नंबर 2ए पर हुआ था। बम धमाके के कई दिन बाद भी पुलिस को यह पता नहीं लगा है कि नीली जैकेट वाला इंडिया गेट-अशोक रोड से कहां गया है। पुलिस पता लगाने के लिए जगह-जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट स्थल के पास इस्राइली राजदूत को संबोधित करते हुए अपमानजनक धमकी भरा पत्र मिला था। एक पेज का पत्र कथित तौर पर सर अल्लाह रेसिस्टेंस नामक समूह से था और इसमें ज़ायोनीवादी, फिलिस्तीन और गाजा जैसे शब्दों का उल्लेख किया गया था। पुलिस सूत्रों ने कहा है कि घटनास्थल से पत्र बरामद होने के तुरंत बाद, इसे उंगलियों के निशान की जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजा गया था। एक सूत्र ने कहा, प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार पत्र पर कोई उंगलियों के निशान नहीं पाए गए हैं।
यह संभावना है कि संदिग्ध ने दस्ताने पहने होंगे या पत्र को इस तरह से रखा होगा कि कोई उंगलियों के निशान न रह जाएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कारकों से इनकार नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने संदिग्ध के रूट का पता लगाने के लिए कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को स्कैन किया है, लेकिन अभी तक स्पष्ट दृश्य नहीं मिला है। जांचकर्ताओं का मानना है कि संदिग्धों में से एक जामिया नगर इलाके से एक ऑटो रिक्शा में आया था।