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कुत्ता हुआ गायब: नाराज हाईकोर्ट के जज बोले, घर पर तैनात पुलिसवालों को निलंबित करो, तीन हफ्ते में दें रिपोर्ट

Sun, 23 Jul 2023 10:33 AM IST
शाहरुख खान एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 23 Jul 2023 10:33 AM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट से हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट स्थानांतरित हुए जस्टिस गौरांग कंठ का पालतू कुत्ता गुम हो गया है। इससे नाराज हाईकोर्ट जज  ने कहा कि घर पर तैनात पुलिस कर्मियों को निलंबित करो और तीन हफ्ते में रिपोर्ट दें।

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High court judge loses pet dog lets out anger on police Suspend policemen and report in three weeks
जज साहब का कुत्ता गुम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट से हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट स्थानांतरित हुए जस्टिस गौरांग कंठ ने पालतू कुत्ते के गुम हो जाने से नाराज होकर अपने दिल्ली स्थित आवास पर तैनात पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने को कहा है। दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) को 12 जून को लिखे पत्र में जस्टिस कंठ ने इन पुलिस कर्मियों पर कर्तव्य में लापरवाही और अक्षमता का आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित करने को कहा है।
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जस्टिस कंठ ने पत्र में आरोप लगाया कि उनके दिल्ली आवास पर तैनात पुलिसकर्मी निर्देशों के बावजूद ‘दरवाजा बंद रखने’ में नाकाम रहे, जिसके परिणामस्वरूप उनका पालतू कुत्ता कहीं खो गया। हालांकि यह नहीं स्पष्ट है कि उनका कुत्ता कहीं ट्रैफिक में गुम हुआ है या किसी वाहन के नीचे आकर उसकी मौत हो गई। 
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जज ने कहा, मेरे आवास के प्रवेश द्वार पर निगरानी न रखना और आने-जाने वालों पर नजर रखने में समर्पण की कमी असहनीय है। मैं आपसे उन अधिकारियों को तुरंत निलंबित करने और उपरोक्त मुद्दे के संबंध में गहन जांच करने का अनुरोध करूंगा। 
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इस मामले में आप जो भी कार्रवाई करें, उसकी रिपोर्ट तीन दिन के भीतर मुझे दें। घटना जिस वक्त हुई थी, जस्टिस कंठ दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत थे। इस सप्ताह की शुरुआत में उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया है।

जज ने कहा- यह लापरवाही मेरे जीवन के लिए भी खतरा हो सकती थी
जस्टिस कंठ ने पत्र में यह भी लिखा कि बार-बार दरवाजा बंद रखने के लिए कहने के बावजूद मेरे आवास पर तैनात सुरक्षा अधिकारी मेरे निर्देशों का पालन करने में विफल रहे। कर्तव्य में इस तरह की लापरवाही और अक्षमता पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि यह मेरे जीवन और स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है।

सीजेआई ने कुछ दिन पहले ही पद का दुरुपयोग नहीं करने के लिए चेताया था
हाईकोर्ट के जज का पत्र सामने आने से कुछ दिन पहले ही सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सभी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर चेताया था कि जजों को पद का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।

सीजेआई ने कहा था, जजों के लिए उपलब्ध प्रोटोकॉल सुविधाओं का उपयोग इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए जिससे दूसरों को असुविधा हो या न्यायपालिका की सार्वजनिक आलोचना हो।

सीजेआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की रजिस्ट्री के एक जज को ‘असुविधा’ पर रेलवे से स्पष्टीकरण मांगने पर गंभीर आपत्ति जताई थी। जज को देर से चल रही ट्रेन में पैंट्री की सुविधा नहीं मिली थी।

कलकत्ता हाईकोर्ट स्थानांतरण पर वकीलों ने जताई थी चिंता
केंद्र ने 15 जुलाई को कलकत्ता हाईकोर्ट में जस्टिस कंठ की नियुक्ति को अधिसूचित किया। उसी दिन, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस कंठ को कलकत्ता हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर चिंता व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था।

वकीलों के निकाय ने तर्क दिया था कि दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की संख्या में कमी के कारण न्याय वितरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 17 जुलाई को वकीलों ने हड़ताल का भी आह्वान किया था।
 
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