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Gurugram News: एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन के लिए सरकार ने दिया 650 करोड़ का लाभ
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उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने की उद्योग व एमएसएमई के अधिकारियों के साथ विभागीय नीतियों की प्रगति की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कोविड काल के बाद 650 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जा चुका है। हरियाणा में उद्योगों व एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए 9 नीतियों की अधिसूचना जारी हो चुकी है। इनमें से छह नीतियों पर भी काम जारी है।
उन्होंने यह बात बृहस्पतिवार को गुरुग्राम स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के तहत सभी जिलों के इंडस्ट्रीज व एमएसएमई के अधिकारियों की बैठक में कही। दुष्यंत चौटाला ने वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट पर आधारित पदमा स्कीम का जिक्र करते हुए कहा कि अब जिलों से आगे बढ़ते हुए आपको ब्लॉक स्तर पर पहुंचना होगा। पदमा स्कीम में हम 50 प्रोजेक्ट टेकअप करने में सफल हुए तो एक बेंच मार्क भी स्थापित होगा। उन्होंने प्रदेश में इंडस्ट्रीज एवं एमएसएमई विभाग के स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए विभिन्न जिलों में क्वालिटी सेंटर बनाने की बात भी कही। इस सेंटर में विभाग के दोनों कार्यालय भी होंगे। साथ ही उद्योगों को भी क्वालिटी की टेस्टिंग व सॢटफिकेशन की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की बेहतर औद्योगिक नीतियों के चलते केंद्र सरकार के जो भी नए इनोवेशन शुरू किए गए हैं, उसमें हम लीडर रहे हैं। चाहे विश्व की बड़ी कंपनियों का विषय हो, लार्ज स्केल मैन्युफैक्चरिंग का विषय हो अथवा एमएसएमई में नए इनोवेशन की बात हो, हरियाणा प्रदेश इन सभी क्षेत्रों में देश के अन्य राज्यों की तुलना में आगे खड़ा मिला है।
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इससे पहले विभाग के अधिकारियों ने योजनावार प्रगति से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। राज्य में अब तक 4.60 लाख एप्लीकेशन प्रोसेस में आई और विभाग की कार्यकुशलता से सेवा प्रदान करने का समय भी 24 दिनों से घटकर 12 दिन रह गया है। इसी तरह एमएसएमई क्षेत्र में छ: लाख उद्यमी विभाग में पंजीकृत है और मिनी क्लस्टर क्षेत्र के लिए प्राप्त 60 आवेदनों में से 43 स्वीकृत हो चुके हैं। राज्य में स्टार्ट अप को भी प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री अनूप धानक व उद्योग एवं वाणिज्य तथा विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, हरियाणा खादी एवं विलेज इंडस्ट्री विभाग के सचिव अमरजीत सिंह, अतिरिक्त निदेशक शशिकांत, एमएसएमई के संयुक्त निदेशक सिमरनजीत कौर, मनीष कुमार भी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कोविड काल के बाद 650 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जा चुका है। हरियाणा में उद्योगों व एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए 9 नीतियों की अधिसूचना जारी हो चुकी है। इनमें से छह नीतियों पर भी काम जारी है।
उन्होंने यह बात बृहस्पतिवार को गुरुग्राम स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के तहत सभी जिलों के इंडस्ट्रीज व एमएसएमई के अधिकारियों की बैठक में कही। दुष्यंत चौटाला ने वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट पर आधारित पदमा स्कीम का जिक्र करते हुए कहा कि अब जिलों से आगे बढ़ते हुए आपको ब्लॉक स्तर पर पहुंचना होगा। पदमा स्कीम में हम 50 प्रोजेक्ट टेकअप करने में सफल हुए तो एक बेंच मार्क भी स्थापित होगा। उन्होंने प्रदेश में इंडस्ट्रीज एवं एमएसएमई विभाग के स्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए विभिन्न जिलों में क्वालिटी सेंटर बनाने की बात भी कही। इस सेंटर में विभाग के दोनों कार्यालय भी होंगे। साथ ही उद्योगों को भी क्वालिटी की टेस्टिंग व सॢटफिकेशन की सुविधा मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की बेहतर औद्योगिक नीतियों के चलते केंद्र सरकार के जो भी नए इनोवेशन शुरू किए गए हैं, उसमें हम लीडर रहे हैं। चाहे विश्व की बड़ी कंपनियों का विषय हो, लार्ज स्केल मैन्युफैक्चरिंग का विषय हो अथवा एमएसएमई में नए इनोवेशन की बात हो, हरियाणा प्रदेश इन सभी क्षेत्रों में देश के अन्य राज्यों की तुलना में आगे खड़ा मिला है।
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इससे पहले विभाग के अधिकारियों ने योजनावार प्रगति से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। राज्य में अब तक 4.60 लाख एप्लीकेशन प्रोसेस में आई और विभाग की कार्यकुशलता से सेवा प्रदान करने का समय भी 24 दिनों से घटकर 12 दिन रह गया है। इसी तरह एमएसएमई क्षेत्र में छ: लाख उद्यमी विभाग में पंजीकृत है और मिनी क्लस्टर क्षेत्र के लिए प्राप्त 60 आवेदनों में से 43 स्वीकृत हो चुके हैं। राज्य में स्टार्ट अप को भी प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री अनूप धानक व उद्योग एवं वाणिज्य तथा विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी, हरियाणा खादी एवं विलेज इंडस्ट्री विभाग के सचिव अमरजीत सिंह, अतिरिक्त निदेशक शशिकांत, एमएसएमई के संयुक्त निदेशक सिमरनजीत कौर, मनीष कुमार भी मौजूद थे।