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Gurugram News: डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए चौथी बार नगर निगम का प्रपोजल तैयार
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अलग-अलग कैटेगरी के लिए शुल्क का हुआ निर्धारित, नए साल से लागू हो सकती है योजना
700 गाड़ी लगेंगी कूड़ा कलेक्शन में
अमर उजाला ब्सूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने ठोस कचरा प्रबंधन का खाका तैयार किया है। नगर निगम की ओर से तैयार प्रपोजल चौथी बार मुख्यालय भेजा जाएगा। नए प्रस्ताव में घरों से कूड़ा उठाने के लिए लागू शुल्क में हर साल पांच प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रावधान शामिल है। यह शुल्क वृद्धि अगले वित्त वर्ष से लागू होने की संभावना है। वर्तमान समय में 400 गाड़ियां काम कर रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर इनकी संख्या भी 700 हो जाएगी। इसके लिए दर निर्धारित की जा रही हैं।
निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम की तरफ से तैयार किए गए खाके में लोगों से सुझाव लेकर इसमें बदलाव किया जा सकता है। नगर निगम द्वारा किए गए ठोस कचरा प्रबंधन उप नियम-2025 के तहत हर घर, दुकान, संस्थान और वाणिज्यिक इकाई को नियमित उपयोगकर्ता शुल्क देना होगा। शुल्क श्रेणीवार निर्धारित किया गया है। निगम की तरफ से घरों से कूड़े उठाने के लिए जो शुल्क निर्धारित किया गया है, वह हर वर्ष अपने आप पांच प्रतिशत बढ़ जाएगा। नए नियमों के अनुसार अग्रिम भुगतान करने पर छूट मिलेगी। बकाया राशि को संपत्ति कर बकाया के रूप में वसूला जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने आपत्ति जताई
प्रस्तावित उप-नियमों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग केवल भूतल के अपार्टमेंट के लिए प्रस्तावित है। आरडी सिटी निवासी चैताली मंधोत्रा ने कहा कि आरएफआईडी टैग सभी मंजिलों के लिए अलग-अलग होने चाहिए, अन्यथा यह एक बड़ी अव्यवस्था पैदा करेगा। शहर निवासी सेक्टर-23ए निवासी अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बढ़े हुए शुल्क पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोगों की मुख्य आपत्ति शुल्क वृद्धि और सेवा में कमी को लेकर है। वर्तमान में 200 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक की आवासीय इकाइयों के लिए कचरा शुल्क 100 रुपये प्रति मंजिल है। नए प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर सीधे 310 प्रति मंजिल प्रस्तावित किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि पहली और दूसरी मंजिल के लोगों के लिए निगम ने मासिक शुल्क लगभग तीन गुना (300) तय किया है। लोगों का एतराज है कि शुल्क में तो भारी वृद्धि की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नागरिकों से कचरा फेंकने के लिए भूतल (ग्राउंड फ्लोर) तक आने को कहा जा रहा है, जबकि वर्तमान व्यवस्था में कचरा सभी मंजिलों से उठाया जाता है।
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प्रस्तावित मासिक शुल्क
आवासीय इकाई का क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर तक, 50 से 200 वर्ग मीटर तक, 200 से 500 वर्ग मीटर तक, 500 से 1,000 वर्ग मीटर तक, 1,000 वर्ग मीटर से अधिक बीपीएल/ईडब्ल्यूएस/झुग्गियां।
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निगम की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव को 66 लोगों के सुझाव के बाद तैयार किया गया है। जो भी सुझाव मिल रहे हैं उसके अनुसार प्रस्ताव में बदलाव किए जाएंगे। प्रपोजल तैयार होने के बाद उसे मुख्यालय भेजा जाएगा। - प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम।
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700 गाड़ी लगेंगी कूड़ा कलेक्शन में
अमर उजाला ब्सूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने ठोस कचरा प्रबंधन का खाका तैयार किया है। नगर निगम की ओर से तैयार प्रपोजल चौथी बार मुख्यालय भेजा जाएगा। नए प्रस्ताव में घरों से कूड़ा उठाने के लिए लागू शुल्क में हर साल पांच प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रावधान शामिल है। यह शुल्क वृद्धि अगले वित्त वर्ष से लागू होने की संभावना है। वर्तमान समय में 400 गाड़ियां काम कर रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर इनकी संख्या भी 700 हो जाएगी। इसके लिए दर निर्धारित की जा रही हैं।
निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम की तरफ से तैयार किए गए खाके में लोगों से सुझाव लेकर इसमें बदलाव किया जा सकता है। नगर निगम द्वारा किए गए ठोस कचरा प्रबंधन उप नियम-2025 के तहत हर घर, दुकान, संस्थान और वाणिज्यिक इकाई को नियमित उपयोगकर्ता शुल्क देना होगा। शुल्क श्रेणीवार निर्धारित किया गया है। निगम की तरफ से घरों से कूड़े उठाने के लिए जो शुल्क निर्धारित किया गया है, वह हर वर्ष अपने आप पांच प्रतिशत बढ़ जाएगा। नए नियमों के अनुसार अग्रिम भुगतान करने पर छूट मिलेगी। बकाया राशि को संपत्ति कर बकाया के रूप में वसूला जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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लोगों ने आपत्ति जताई
प्रस्तावित उप-नियमों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग केवल भूतल के अपार्टमेंट के लिए प्रस्तावित है। आरडी सिटी निवासी चैताली मंधोत्रा ने कहा कि आरएफआईडी टैग सभी मंजिलों के लिए अलग-अलग होने चाहिए, अन्यथा यह एक बड़ी अव्यवस्था पैदा करेगा। शहर निवासी सेक्टर-23ए निवासी अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बढ़े हुए शुल्क पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोगों की मुख्य आपत्ति शुल्क वृद्धि और सेवा में कमी को लेकर है। वर्तमान में 200 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक की आवासीय इकाइयों के लिए कचरा शुल्क 100 रुपये प्रति मंजिल है। नए प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर सीधे 310 प्रति मंजिल प्रस्तावित किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि पहली और दूसरी मंजिल के लोगों के लिए निगम ने मासिक शुल्क लगभग तीन गुना (300) तय किया है। लोगों का एतराज है कि शुल्क में तो भारी वृद्धि की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नागरिकों से कचरा फेंकने के लिए भूतल (ग्राउंड फ्लोर) तक आने को कहा जा रहा है, जबकि वर्तमान व्यवस्था में कचरा सभी मंजिलों से उठाया जाता है।
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प्रस्तावित मासिक शुल्क
आवासीय इकाई का क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर तक, 50 से 200 वर्ग मीटर तक, 200 से 500 वर्ग मीटर तक, 500 से 1,000 वर्ग मीटर तक, 1,000 वर्ग मीटर से अधिक बीपीएल/ईडब्ल्यूएस/झुग्गियां।
निगम की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव को 66 लोगों के सुझाव के बाद तैयार किया गया है। जो भी सुझाव मिल रहे हैं उसके अनुसार प्रस्ताव में बदलाव किए जाएंगे। प्रपोजल तैयार होने के बाद उसे मुख्यालय भेजा जाएगा। - प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम।