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Gurugram News: जलभराव रोकने के लिए बारिश का पानी तालाबों, डैम में सहेजें
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जीएमडीए के सीईओ ने ड्रेनेज सिस्टम पर की चर्चा, अरावली में डैम बनाने का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सेक्टर 44 स्थित कार्यालय में सीईओ श्यामल मिश्रा की अध्यक्षता में शहर के ड्रेनेज सिस्टम पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें जीएमडीए की तैयार वर्तमान और भविष्य की ड्रेनेज परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। सीईओ ने कहा कि सभी को रिपोर्ट साझा कर दी जाएगी और लोग अपने सुझाव दें ताकि इसी अनुसार आगे कदम उठाया जा सके। इसमें बरसाती पानी को तालाबों और डैम में संचित करने पर जोर दिया गया।
जीएमडीए ने मास्टर प्लान 2031 को ध्यान में रखकर मौजूदा जल निकासी योजनाओं के विस्तृत अध्ययन के साथ भविष्य में ड्रेनेज सिस्टम का खाका तैयार कराया है। इसके लिए एक निजी एजेंसी ने पूरे शहर के ड्रेनेज नेटवर्क का सर्वे किया है। बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई। सीईओ ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से कहा कि सर्वे रिपोर्ट को सभी लोग देखें और राय दें। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में गांवों के तालाब में बरसाती पानी भरने और अरावली में डैम बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा बरसाती पानी को बचाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। सीईओ की योजना है कि सभी विभाग इस रिपोर्ट का आकलन कर लें।
बता दें शहर में बारिश के पानी की निकासी के बेहतर इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में शहर के कई भागों में हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या रहती है। पानी की निकासी के लिए नगर निगम और जीएमडीए को पंप समेत अन्य उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। जीएमडीए मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर नए सिरे से शहर में पानी की निकासी के इंतजामों को दुरुस्त करना चाहता है। इसके लिए एक कंसल्टेंट की मदद से वर्तमान ड्रेनेज सिस्टम और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रिपोर्ट तैयार की है। इसमें एचएसवीपी और नगर निगम गुरुग्राम के साथ एचएसआईआईडीसी के क्षेत्र भी शामिल हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सेक्टर 44 स्थित कार्यालय में सीईओ श्यामल मिश्रा की अध्यक्षता में शहर के ड्रेनेज सिस्टम पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें जीएमडीए की तैयार वर्तमान और भविष्य की ड्रेनेज परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। सीईओ ने कहा कि सभी को रिपोर्ट साझा कर दी जाएगी और लोग अपने सुझाव दें ताकि इसी अनुसार आगे कदम उठाया जा सके। इसमें बरसाती पानी को तालाबों और डैम में संचित करने पर जोर दिया गया।
जीएमडीए ने मास्टर प्लान 2031 को ध्यान में रखकर मौजूदा जल निकासी योजनाओं के विस्तृत अध्ययन के साथ भविष्य में ड्रेनेज सिस्टम का खाका तैयार कराया है। इसके लिए एक निजी एजेंसी ने पूरे शहर के ड्रेनेज नेटवर्क का सर्वे किया है। बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई। सीईओ ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से कहा कि सर्वे रिपोर्ट को सभी लोग देखें और राय दें। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में गांवों के तालाब में बरसाती पानी भरने और अरावली में डैम बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा बरसाती पानी को बचाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। सीईओ की योजना है कि सभी विभाग इस रिपोर्ट का आकलन कर लें।
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बता दें शहर में बारिश के पानी की निकासी के बेहतर इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में शहर के कई भागों में हल्की बारिश में भी जलभराव की समस्या रहती है। पानी की निकासी के लिए नगर निगम और जीएमडीए को पंप समेत अन्य उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। जीएमडीए मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर नए सिरे से शहर में पानी की निकासी के इंतजामों को दुरुस्त करना चाहता है। इसके लिए एक कंसल्टेंट की मदद से वर्तमान ड्रेनेज सिस्टम और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रिपोर्ट तैयार की है। इसमें एचएसवीपी और नगर निगम गुरुग्राम के साथ एचएसआईआईडीसी के क्षेत्र भी शामिल हैं।
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