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Gurugram News: निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का छापा, मिलीं खामियां
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नहीं मिला कोई दस्तावेज, हर माह 30 बच्चों का होता हैं जन्म पंजीकरण, संचालक मौके से मिला नदारद,
संवाद न्यूज एजेंसी। पिनगवां में अकबरपुर रोड पर स्थित हंसा अस्पताल पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। छापा मारने की भनक लगने पर संचालक मौके से भाग गया। करीब एक घंटे तक चली विभाग की कार्रवाई में हंसा अस्पताल में अनेकों खामियां पाई गईं। टीम को अस्पताल में किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और दवाइयों का भी कोई बिल भी बरामद नहीं हुआ। जबकि यहां पर हर महीने 30 से अधिक बच्चों का जन्म पंजीकरण होता है।
अस्पताल में साफ-सफाई भी नहीं थी।
सिविल सर्जन डॉ. सर्वजीत के आदेशानुसार डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मनप्रीत, डॉ. यावर लुकमान एसएमओ पिनगवां, डॉ. वीरपाल एमओ पिनगवां, कोमल बिसरया नर्सिंग आफिसर की टीम ने हंसा अस्पताल में चल रही अनियमितताओं की जांच के लिए मंगलवार को छापा मारा। विभाग की टीम ने अपनी सुरक्षा के लिए पिनगवां पुलिस का भी सहयोग लिया। सीनियर मेडिकल आफिसर डॉ. यावर लुकमान ने बताया कि हंसा अस्पताल पर छापे के दौरान अस्पताल का कथित संचालक डॉ. रवि मौके से नदारद मिला।
अस्पताल में यासीन नाम का व्यक्ति मौजूद मिला। उसने अपने आप को टीम के सामने स्टाफ का सदस्य बताया। टीम ने जब फोन पर कथित संचालक से बात की तो उन्होंने बताया कि वह कभी कभी अस्पताल आते हैं। इसके अलावा टीम को न तो अस्पताल में किसी तरह का कोई रिकार्ड मौजूद मिला और न ही दवाइयों का एक भी बिल। हद तो तब हो गई जब निजी अस्पताल में साफ सफाई भी नहीं मिली। अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयां, जंग लगे हुए सर्जिकल स्टुमेंट मिले और एक भी मरीज के इलाज की फाइल नहीं मिली। जबकि यहां पर हर महीने 30 से अधिक बच्चों का जन्म पंजीकरण होता है। टीकाकरण से संबंधित रिकार्ड भी नहीं मिला, न वैक्सीन के खरीद व फरोख्त के बिल मिले, अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट का निपटारा करने से संबंधित न कोई व्यवस्था मिली और न कोई रिकार्ड। जब यासीन नाम के व्यक्ति से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हम ऐसे ही फेंक देते हैं। इस अस्पताल से जुड़े मुद्दे को विधायक मामन खान इंजीनियर ने भी विधानसभा में उठाया था।
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उच्च अधिकारियों को खामियों के बारे में लिख दिया गया है। अस्पताल से बरामद सामान व दवाइयों को सील कर दिया गया है। जल्द उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस तरह से चलने वाले अवैध अस्पतालों को बख्शा नहीं जाएगा। -डॉ. यावर लुकमान, सिनियर मेडिकल ऑफिसर पिनगवां।
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संवाद न्यूज एजेंसी। पिनगवां में अकबरपुर रोड पर स्थित हंसा अस्पताल पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। छापा मारने की भनक लगने पर संचालक मौके से भाग गया। करीब एक घंटे तक चली विभाग की कार्रवाई में हंसा अस्पताल में अनेकों खामियां पाई गईं। टीम को अस्पताल में किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और दवाइयों का भी कोई बिल भी बरामद नहीं हुआ। जबकि यहां पर हर महीने 30 से अधिक बच्चों का जन्म पंजीकरण होता है।
अस्पताल में साफ-सफाई भी नहीं थी।
सिविल सर्जन डॉ. सर्वजीत के आदेशानुसार डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मनप्रीत, डॉ. यावर लुकमान एसएमओ पिनगवां, डॉ. वीरपाल एमओ पिनगवां, कोमल बिसरया नर्सिंग आफिसर की टीम ने हंसा अस्पताल में चल रही अनियमितताओं की जांच के लिए मंगलवार को छापा मारा। विभाग की टीम ने अपनी सुरक्षा के लिए पिनगवां पुलिस का भी सहयोग लिया। सीनियर मेडिकल आफिसर डॉ. यावर लुकमान ने बताया कि हंसा अस्पताल पर छापे के दौरान अस्पताल का कथित संचालक डॉ. रवि मौके से नदारद मिला।
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अस्पताल में यासीन नाम का व्यक्ति मौजूद मिला। उसने अपने आप को टीम के सामने स्टाफ का सदस्य बताया। टीम ने जब फोन पर कथित संचालक से बात की तो उन्होंने बताया कि वह कभी कभी अस्पताल आते हैं। इसके अलावा टीम को न तो अस्पताल में किसी तरह का कोई रिकार्ड मौजूद मिला और न ही दवाइयों का एक भी बिल। हद तो तब हो गई जब निजी अस्पताल में साफ सफाई भी नहीं मिली। अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयां, जंग लगे हुए सर्जिकल स्टुमेंट मिले और एक भी मरीज के इलाज की फाइल नहीं मिली। जबकि यहां पर हर महीने 30 से अधिक बच्चों का जन्म पंजीकरण होता है। टीकाकरण से संबंधित रिकार्ड भी नहीं मिला, न वैक्सीन के खरीद व फरोख्त के बिल मिले, अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट का निपटारा करने से संबंधित न कोई व्यवस्था मिली और न कोई रिकार्ड। जब यासीन नाम के व्यक्ति से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हम ऐसे ही फेंक देते हैं। इस अस्पताल से जुड़े मुद्दे को विधायक मामन खान इंजीनियर ने भी विधानसभा में उठाया था।
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उच्च अधिकारियों को खामियों के बारे में लिख दिया गया है। अस्पताल से बरामद सामान व दवाइयों को सील कर दिया गया है। जल्द उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस तरह से चलने वाले अवैध अस्पतालों को बख्शा नहीं जाएगा। -डॉ. यावर लुकमान, सिनियर मेडिकल ऑफिसर पिनगवां।