Gurugram News: टैबलेट ठीक कराओ... एडमिट कार्ड ले जाओ
दो वर्ष पहले सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सरकार की ओर से दिए गए टैबलेट विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। पढ़ाई के दौरान टैबलेट में आई मामूली खराबी के कारण स्कूल प्रशासन टैब को स्वीकृत नहीं कर रहा है और न ही बिना टैब दिए बच्चों को एडमिट कार्ड दिए जा रहे हैं। एडमिट कार्ड के न मिलने से छात्र परेशान हैं। वहीं, टैब को ठीक कराने के लिए अभिभावकों को परेशान होना पड़ रहा है। मामला बिछोर गांव का है। जहां राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिछौर में टैबलेट लेने के लिए शिक्षकों ने बच्चों के लिए एक नया फरमान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि टैबलेट सही कराकर जमा कराओ उसके बाद एडमिट कार्ड ले जाओ। स्कूली बच्चे टैबलेट को ठीक कराने के लिए दुकानों पर घूम रहे हैं। ऐसे में बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी काफी परेशान हैं। एक टैबलेट को ठीक करने में 500 से 1000 रुपये का खर्च आ रहा है।
2022 में छात्रों को दिए गए थे टैबलेट
कोरोना के लंबे अवकाश के बाद घर से ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर प्रदेश भर में सरकार ने 8वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को टैबलेट देने की योजना बनाई थी। जिसके बाद हरियाणा के हर स्कूल में बच्चों को यह टैबलेट दिए गए थे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिछौर के बच्चों को भी यह टैबलेट बांटे गए थे।
25 हजार बच्चों को दिए गए टैबलेट
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले भर के सैकड़ों स्कूल में 25 हजार टेबलेट दिए गए थे। पढ़ने के बाद छात्रों से लेकर इन्हें नए प्रमोट हुए बच्चों को दिया जाता है ताकि बच्चे ऑनलाइन शिक्षा से वंचित न हों।
27 से परीक्षाएं शुरू, अब तक नहीं मिले एडमिट कार्ड
जिले भर में ऐसे काफी स्कूल हैं जहां पर 10वीं व 12वीं के छात्रों को अभी तक एडमिट कार्ड नहीं दिए गए हैं। ऐसे में बच्चे मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अध्यापकों ने साफ तौर पर यह चेतावनी दी है कि अगर टैबलेट को सही कराकर नहीं दिया गया तो उन्हें एडमिट कार्ड नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू हो रही हैं।
टैबलेट ठीक कराए तो मिला एडमिट कार्ड:-
12वीं कक्षा में पढ़ने वाले साहिल, सुमित, दीपक, राजेश , यासिर, आदिल और रिहान सहित करीब 20 बच्चों द्वारा टैबलेट ठीक कराकर स्कूल में जमा कर दिए गए हैं। इसके बाद उन्हें एडमिट कार्ड दिया गया। छात्रों ने बताया कि टैबलेट ठीक करने में उनके करीब 500 से 1000 रुपए खर्च हुए हैं। कुछ छात्र अभी टैबलेट ठीक कराने के लिए इधर-उधर दुकानों पर घूम रहे हैं।
विभाग की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं है की छात्रों को टैबलेट ठीक कराकर जमा कराने होंगे। अगर स्कूल प्रशासन द्वारा छात्रों को ऐसे निर्देश दिए गए हैं तो इसके बारे में स्कूल प्रशासन से बात की जाएगी। टैबलेट के लिए छात्रों का एडमिट कार्ड नहीं रोका जा सकता। -विरेन्द्र गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी, पुन्हाना
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