फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Farmers held Panchayat to protest against the acquisition of 1810 acres of land

Gurugram News: 1810 एकड़ जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने की पंचायत

Fri, 27 Oct 2023 11:04 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:04 PM IST
विज्ञापन
Farmers held Panchayat to protest against the acquisition of 1810 acres of land
अधिग्रहण रद्द करने या 11 करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग
विज्ञापन

तीन नवंबर को मुख्यमंत्री से मिलने के बाद तय की जाएगी आगे की रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। कासन बावनी की 1810 एकड़ जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने शुक्रवार को पचगांव चौक पर पंचायत का आयोजन किया। किसानों की मांग थी कि या तो उनकी जमीन का अधिग्रहण रद्द किया जाए या फिर उनकी जमीन की एवज में 11 करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। किसानों की पंचायत के कारण पुलिस ने सुबह से ही मानेसर चौक पर सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए थे।
शुक्रवार को पचगांव चौक पर किसानों की पंचायत में एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया। किसानों ने पूर्व में ही अपनी इस पंचायत का ऐलान कर रखा था। पंचायत में कासन गांव की बावनी के तहत आने वाले गांवों के किसानों ने भारी संख्या में भाग लिया। पंचायत में किसान यूनियन के नेता रवि आजाद ने विशेष रूप से भाग लिया। उनके साथ किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी आना था, लेकिन कोई जरूरी काम आने पर उन्हें बीच रास्ते से ही वापस जाना पड़ा।
विज्ञापन

शिकोहपुर के पूर्व सरपंच श्योचंद यादव की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में बोलते हुए रवि आजाद ने कहा कि बिना जनसमर्थन के कोई आंदोलन सफल नहीं हो सकता। इसलिए हमें गांव-गांव व घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर उन्हें समझाना होगा व अपनी ताकत को बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री को किसान विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे जनसेवक कभी किसानों का भला नहीं कर सकते। इसलिए हमें अब तथा आने वाले चुनावों में भी विशेष ध्यान देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान नेता ने कहा कि वे शांति पूर्वक आंदोलन में विश्वास रखते हैं, लेकिन यदि प्रशासन व सरकार शांतिपूर्वक उनका हल नहीं निकालेगी तो उन्हें सड़कों पर आकर अपनी आवाज उठानी पड़ेगी। लोगों का आक्रोश देखते हुए मौके पर गुरुग्राम के एसडीएम रविन्द्र यादव व मानेसर के तहसीलदार अजय कुमार की सिफारिश पर किसानों को एक बार मुख्यमंत्री से मिलकर मामला सुलझाने के प्रयास पर सहमति हुई। एसडीएम ने आश्वासन दिलाया है कि तीन नवंबर को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री आएंगे। उसी दिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से किसानों की एक बैठक का आयोजन करवा दिया जाएगा।
इस अवसर पर गांव खोह के सरपंच रोहताश यादव ने किसानों की सहमति से आगे की रणनीति मुख्यमंत्री से मिलने के बाद 19 नवम्बर को एक बैठक कर तय करने का निर्णय लिया गया। 19 नवम्बर को मुख्यमंत्री से मिलने के बाद संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर महेन्द्र पटवारी, प्रदीप यादव एडवोकेट, मोनू, अरूण, कंवरपाल, रोशनलाल थानेदार, धर्मबीर पार्षद, गजराज सहरावन तथा गजराज नंबरदार आदि भी उपस्थित थे।

----
सुबह से ही चाक चौबंद था पुलिस-प्रशासन
किसानों की पंचायत के दौरान किसी अप्रिया घटना से बचने के लिए सुबह 9 बजे से ही भारी पुलिस बल तैनात था। रोडवेज की लगभग आधा दर्जन बसों के अलावा पुलिस की बसों व सरकारी गाड़ियों की भरमार थी। महिला पुलिसकर्मी भी इस दौरान तैनात देखी गईं। पुलिस को इस बात की आशंका थी कि किसान कहीं राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम न कर दें। किसान पंचायत शांतिपूर्वक संपन्न होने पर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed