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गाजियाबाद: डासना देवी मंदिर में दो संदिग्ध दबोचे, सर्जिकल ब्लेड बरामद, मंदिर के महंत ने दोनों को आतंकवादी बताया
Thu, 03 Jun 2021 12:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:28 AM IST
सार
डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि रात करीब 8:30 बजे दो लोग मंदिर में आए। गेट पर तैनात पुलिस ने रजिस्टर में एंट्री की तो एक ने खुद को नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय बताया और अपने साथी का नाम काशी गुप्ता लिखवाया।
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देवी मंदिर में दो संदिग्ध दबोचे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गाजियाबाद के मसूरी थाना इलाके के डासना देवी मंदिर में बुधवार रात दो संदिग्ध युवकों को मंदिर के सेवादारों ने दबोच लिया। गेट पर एंट्री के दौरान दोनों ने खुद को हिंदू बताते हुए अपने नाम लिख आए थे, लेकिन जांच में एक युवक संप्रदाय विशेष का निकला जिसके बाद वहां हंगामा हो गया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से सर्जिकल ब्लेड बरामद होने से सनसनी फैल गई। मंदिर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोपियों को खुद की हत्या के लिए भेजे हुए आतंकवादी बताया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि रात करीब 8:30 बजे दो लोग मंदिर में आए। गेट पर तैनात पुलिस ने रजिस्टर में एंट्री की तो एक ने खुद को नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय बताया और अपने साथी का नाम काशी गुप्ता लिखवाया।
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दोनों के पास एक बैग था। मंदिर परिसर में दोनों की गतिविधियां देख कर सेवादारों ने पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम वही बताए जो रजिस्टर में लिखवाए थे। गहनता से जांच पड़ताल करने पर काशी गुप्ता नाम से एंट्री कराने वाला व्यक्ति काशिफ निकला, जिसने खुद को संजयनगर गाजियाबाद निवासी बताया।
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तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से सर्जिकल ब्लेड बरामद होने से सनसनी फैल गई। मंदिर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोपियों को खुद की हत्या के लिए भेजे हुए आतंकवादी बताया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि रात करीब 8:30 बजे दो लोग मंदिर में आए। गेट पर तैनात पुलिस ने रजिस्टर में एंट्री की तो एक ने खुद को नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय बताया और अपने साथी का नाम काशी गुप्ता लिखवाया।
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दोनों के पास एक बैग था। मंदिर परिसर में दोनों की गतिविधियां देख कर सेवादारों ने पूछताछ की तो उन्होंने अपने नाम वही बताए जो रजिस्टर में लिखवाए थे। गहनता से जांच पड़ताल करने पर काशी गुप्ता नाम से एंट्री कराने वाला व्यक्ति काशिफ निकला, जिसने खुद को संजयनगर गाजियाबाद निवासी बताया।
यती नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि दोनों आरोपी किसी आतंकी संगठन से ताल्लुक रखते हैं और उन्हें उनकी हत्या के लिए भेजा गया था। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि एक व्यक्ति विपुल विजयवर्गीय है जबकि दूसरा काशिफ है। विपुल विजयवर्गीय ने बताया है कि वह सर्जिकल ब्लेड से ट्रीटमेंट करता है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फेसबुक पर हुई थी दोनों की दोस्ती
मंदिर के सेवादारों द्वारा की गई पूछताछ के दौरान काशिफ ने बताया कि करीब 3 साल पहले विपुल विजयवर्गीय से फेसबुक पर उसकी दोस्ती हुई थी। सेवादारों द्वारा दोस्ती का मकसद पूछने पर उसने कहा कि एक सामान्य फेसबुक फ्रेंड के जरिए उनकी मुलाकात हुई और फोन पर फिर बातचीत होने लगी। विपुल विजयवर्गीय ने बताया कि वह कुछ दिन से गाजियाबाद आए हुए थे। उन्हें डासना देवी मंदिर के महंत के दर्शन करने थे। उन्होंने मंदिर नहीं देखा था, इसलिए काशिफ को साथ लेकर आए थे।
दिल्ली में पकड़ा गया था महंत की हत्या के लिए निकला आतंकी
बता दें कि अपने भाषण और टिप्पणियों को लेकर महंत यति नरसिंहानंद कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। हाल ही में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने साधु के भेष में एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े इस आतंकी ने बताया था कि उसका मकसद डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करना था।
फेसबुक पर हुई थी दोनों की दोस्ती
मंदिर के सेवादारों द्वारा की गई पूछताछ के दौरान काशिफ ने बताया कि करीब 3 साल पहले विपुल विजयवर्गीय से फेसबुक पर उसकी दोस्ती हुई थी। सेवादारों द्वारा दोस्ती का मकसद पूछने पर उसने कहा कि एक सामान्य फेसबुक फ्रेंड के जरिए उनकी मुलाकात हुई और फोन पर फिर बातचीत होने लगी। विपुल विजयवर्गीय ने बताया कि वह कुछ दिन से गाजियाबाद आए हुए थे। उन्हें डासना देवी मंदिर के महंत के दर्शन करने थे। उन्होंने मंदिर नहीं देखा था, इसलिए काशिफ को साथ लेकर आए थे।
दिल्ली में पकड़ा गया था महंत की हत्या के लिए निकला आतंकी
बता दें कि अपने भाषण और टिप्पणियों को लेकर महंत यति नरसिंहानंद कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। हाल ही में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने साधु के भेष में एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े इस आतंकी ने बताया था कि उसका मकसद डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करना था।