{"_id":"6a5a5eb9e46c96aa56084e04","slug":"relief-coaching-centers-can-get-seals-removed-by-submitting-an-affidavit-ghaziabad-news-c-133-1-bul1004-160087-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत : शपथ पत्र देकर खुलवा सकेंगे सील कोचिंग सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत : शपथ पत्र देकर खुलवा सकेंगे सील कोचिंग सेंटर
विज्ञापन
बुलंदशहर। बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण ने कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी के सील होने पर पढ़ाई से वंचित चल रहे छात्र-छात्राओं को राहत देने का प्रयास किया है।
इसके लिए सील चल रहे कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी संचालकों को शपथ पत्र देना होगा। इसके बाद सील किए गए कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी को अस्थाई रूप से खोलने की छूट दी जाएगी।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार ने बताया कि कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी के बंद होने से काफी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित होने पर राहत देने का प्रयास किया गया है।
विज्ञापन
प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित सील किए गए कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी संचालकों को दो माह के अंदर अग्निशमन और विद्युत विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र जमा करना होगा। इसके बाद भवन मानक के अनुसार होने पर संचालन की अनुमति दी जाएगी। संचालक शपथ पत्र का प्रारूप किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। शर्तों का अनुपालन न किये जाने पर संबंधित पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। संवाद
विज्ञापन
इसके लिए सील चल रहे कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी संचालकों को शपथ पत्र देना होगा। इसके बाद सील किए गए कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी को अस्थाई रूप से खोलने की छूट दी जाएगी।
विज्ञापन
प्राधिकरण उपाध्यक्ष डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार ने बताया कि कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी के बंद होने से काफी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित होने पर राहत देने का प्रयास किया गया है।
विज्ञापन
प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित सील किए गए कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी संचालकों को दो माह के अंदर अग्निशमन और विद्युत विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र जमा करना होगा। इसके बाद भवन मानक के अनुसार होने पर संचालन की अनुमति दी जाएगी। संचालक शपथ पत्र का प्रारूप किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। शर्तों का अनुपालन न किये जाने पर संबंधित पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। संवाद